ट्रंप की 'कैंची' से नासा भी बेहाल: चांद-मंगल जैसे मिशन पर संकट के बादल, खतरे में 2100 वैज्ञानिकों की नौकरी
ट्रंप प्रशासन ने नासा के बजट में 25% कटौती का प्रस्ताव रखा है, जिससे 2,145 वरिष्ठ वैज्ञानिकों की नौकरी पर संकट है। ये कर्मचारी नासा के मुख्य अभियानों और तकनीकी विभागों से जुड़े हैं। यह फैसला चंद्रमा और मंगल मिशन जैसे अभियानों को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों ने इस कदम को अनुभव और नेतृत्व के नुकसान के रूप में बताया है। NASA पर ऐतिहासिक संकट मंडरा रहा है।
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विस्तार
यह फैसला उस समय सामने आया है जब अमेरिका अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी कर रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह सरकारी खर्च में कटौती करना चाहता है, और इसी क्रम में नासा की नौ में से आठ प्रमुख फंडिंग श्रेणियों में कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें अंतरिक्ष विज्ञान, मिशन सहायता, पृथ्वी विज्ञान, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन और पढ़ाई शामिल हैं।
मिशनों पर पड़ सकता है असर
बजट में की गई इस भारी कटौती का असर नासा के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन कैप्सूल को बंद करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय स्टेशन के लिए चालक दल और कार्गो उड़ानों को भी घटाया जा सकता है। यह बदलाव भविष्य के चंद्रमा और मंगल अभियानों को भी बाधित कर सकते हैं।
किन लोगों की विदाई तय?
जिन 2,145 लोगों की विदाई होने वाली है, वे सरकार के वरिष्ठ स्तर के कर्मचारी हैं, जिनकी श्रेणियां GS-13 से GS-15 तक आती हैं। इनमें से करीब 875 कर्मचारी GS-15 श्रेणी में हैं, जो नासा के मुख्य तकनीकी और प्रबंधन कार्यों को संभालते हैं। इन लोगों में साइंस, ह्यूमन स्पेस फ्लाइट, IT, फाइनेंस और फैसिलिटी मैनेजमेंट जैसी कोर यूनिट्स के लोग शामिल हैं।
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1960 के दशक जैसी स्थिति
अगर यह प्रस्ताव संसद द्वारा पारित हो गया, तो नासा को 1960 के दशक के बाद पहली बार सबसे छोटे स्टाफ और बजट में काम करना पड़ेगा। अंतर्राष्ट्रीय के अनुसार, यह छंटनी नासा के सभी 10 क्षेत्रीय केंद्रों पर लागू होगी। नासा की प्रवक्ता बेथनी स्टीवंस ने कहा है कि एजेंसी अपने मिशन के प्रति प्रतिबद्ध है और नए बजट के अनुसार प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ेगी।
निजी क्षेत्र की ओर बढ़ते कर्मचारी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नासा से जा रहे कर्मचारी शायद दोबारा लौटना न चाहें, क्योंकि निजी अंतरिक्ष कंपनियां अब अच्छे वेतन और सुविधाएं दे रही हैं। इसके अलावा, रोबोटिक्स जैसी अन्य इंडस्ट्रीज में भी इन विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यानी नासा सिर्फ मानव संसाधन नहीं खो रहा, बल्कि दशकों का अनुभव भी खो रहा है।
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अभी तक कोई कानूनी मुहर नहीं
हालांकि ये प्रस्ताव अभी कानूनी रूप से लागू नहीं हुए हैं। अमेरिकी कांग्रेस की अप्रोप्रियेशन कमेटी इस प्रस्ताव को खारिज भी कर सकती है। मार्च में सीनेट की वाणिज्य समिति (जो नासा को देखती है) ने एक बिल में संकेत दिया था कि उन्हें नासा के कर्मचारियों की संख्या बरकरार रखना चाहती है। लेकिन जब तक फैसला नहीं होता, नासा पर संकट बना रहेगा।
वैज्ञानिकों की चिंता और विरोध
द प्लैनेटरी सोसाइटी की प्रमुख नीति विश्लेषक कैसी ड्रेयर ने चिंता जताते हुए कहा कि नासा अपने प्रबंधन और तकनीकी विशेषज्ञता को खो देगा। सरकार की रणनीति क्या है? हम किस दिशा में जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि अगर यह कटौती लागू हुई तो नासा की दीर्घकालिक योजना और नेतृत्व क्षमता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा।
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