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NASA: मंगल मिशन पर भेजे हेलीकॉप्टर से 63 दिन बाद हुआ नासा का संपर्क, मिल सकते हैं अहम सबूत
Sat, 01 Jul 2023 09:02 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैलिफोर्निया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैलिफोर्निया
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 01 Jul 2023 09:02 AM IST
सार
मिशन को भेजने वाली टीम के प्रमुख जोश एंडरसन ने बताया कि मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर इलाके में यह मिशन भेजा गया था। मंगल का यह क्षेत्र काफी पथरीला है, जिसकी वजह से यहां कोई भी मिशन करना काफी मुश्किलों भरा होता है।
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नासा ने मंगल पर भेजा है मिशन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अपने इनजेन्युटी मार्स हेलीकॉप्टर से पूरे दो महीने बाद फिर से संपर्क हुआ है। नासा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। बता दें कि नासा ने फरवरी 2021 में मंगल ग्रह पर एक मिशन भेजा था। इस मिशन के तहत एक मिनी हेलीकॉप्टर इनजेन्युटी और प्रीजर्वेंस रोवर मंगल ग्रह पर भेज गए थे।
26 अप्रैल को टूटा था नासा का संपर्क
इस मिशन की कंट्रोलर कैलिफोर्निया स्थित नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री (JPL) का 26 अप्रैल को अपने करीब 1.8 किलो वजनी इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। इस मिशन को भेजने वाली टीम के प्रमुख जोश एंडरसन ने बताया कि मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर इलाके में यह मिशन भेजा गया था। मंगल का यह क्षेत्र काफी पथरीला है, जिसकी वजह से यहां कोई भी मिशन करना काफी मुश्किलों भरा होता है। यही वजह है कि यहां कम्युनिकेशन टूटने का भी खतरा रहता है।
मंगल की तस्वीरें भेजेगा इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर
इस मिशन के तहत इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर को उड़ान भरते हुए मंगल ग्रह की तस्वीरें नासा के पास भेजनी हैं और रोवर को मंगल की जमीन से सैंपल इकट्ठा करने हैं। इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर से इतने लंबे समय तक संपर्क ना होने को लेकर नासा ने कहा कि हो सकता है कि हेलीकॉप्टर किसी बड़ी पहाड़ी के पीछे आ गया होगा, जिसकी वजह से वह रोवर से संपर्क नहीं कर पाया। अब फिर से संपर्क होने पर नासा ने राहत की सांस ली है और नासा को उम्मीद है कि इस मिशन से मंगल को लेकर कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
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26 अप्रैल को टूटा था नासा का संपर्क
इस मिशन की कंट्रोलर कैलिफोर्निया स्थित नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री (JPL) का 26 अप्रैल को अपने करीब 1.8 किलो वजनी इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। इस मिशन को भेजने वाली टीम के प्रमुख जोश एंडरसन ने बताया कि मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर इलाके में यह मिशन भेजा गया था। मंगल का यह क्षेत्र काफी पथरीला है, जिसकी वजह से यहां कोई भी मिशन करना काफी मुश्किलों भरा होता है। यही वजह है कि यहां कम्युनिकेशन टूटने का भी खतरा रहता है।
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मंगल की तस्वीरें भेजेगा इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर
इस मिशन के तहत इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर को उड़ान भरते हुए मंगल ग्रह की तस्वीरें नासा के पास भेजनी हैं और रोवर को मंगल की जमीन से सैंपल इकट्ठा करने हैं। इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर से इतने लंबे समय तक संपर्क ना होने को लेकर नासा ने कहा कि हो सकता है कि हेलीकॉप्टर किसी बड़ी पहाड़ी के पीछे आ गया होगा, जिसकी वजह से वह रोवर से संपर्क नहीं कर पाया। अब फिर से संपर्क होने पर नासा ने राहत की सांस ली है और नासा को उम्मीद है कि इस मिशन से मंगल को लेकर कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
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