अमेरिका में भारत का डंका: NASA की चुनौती पर खरे उतरे दिल्ली-मुंबई के दो नौजवान; सफलता पर वार्षिक HERC अवॉर्ड
नई दिल्ली और मुंबई के दो भारतीय छात्रों को मानव अन्वेषण रोवर चैलेंज के लिए नासा ने पुरस्कृत किया है। नासा ने सोमवार को बताया कि केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, दिल्ली-एनसीआर ने चैलेंज के क्रैश एंड बर्न श्रेणी में पुरस्कार जीता है। इसके अलावा, मुंबई के कनकिया इंटरनेशनल स्कूल को रूकी ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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नई दिल्ली और मुंबई के दो भारतीय छात्रों को मानव अन्वेषण रोवर चैलेंज के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी- नासा ने पुरस्कृत किया है। नासा के मुताबिक केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, दिल्ली-एनसीआर ने चैलेंज के क्रैश एंड बर्न श्रेणी में पुरस्कार जीता है। इसके अलावा, मुंबई के कनकिया इंटरनेशनल स्कूल को रूकी ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
Up and over! ↗️↗️
These rovers are being put to the ultimate test on our #NASAHERC course, which simulates challenging lunar and Martian terrian. pic.twitter.com/1Mqo9aWCUW— NASA Rover Challenge (@RoverChallenge) April 20, 2024विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, दुनिया भर से 72 टीमों के साथ 600 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। अमेरिका में डलास के पैरिश एपिस्कोपल स्कूल ने हाई स्कूल डिवीजन में पहला स्थान हासिल किया तो वहीं, हंट्सविले में अलबामा विश्वविद्यालय ने कॉलेज/विश्वविद्यालय खिताब पर कब्जा किया। वार्षिक इंजीनियरिंग प्रतियोगिता नासा की सबसे लंबे समय से चली आ रही प्रतियोगिता है।
एचईआरसी नासा की विरासत को आगे बढ़ा रहा
नासा के वरिष्ठ अधिकारी वेमित्र अलेक्जेंडर ने कहा कि हमने इस बार प्रतियोगिता की 30वीं वर्षगांठ मनाई। एचईआरसी नासा की विरासत को आगे बढ़ा रहा है, जो उन छात्रों को अनुभव प्रदान करता है, जो भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।