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उपलब्धि: मंगल पर पर्सिवरेंस ने तय की 45 किमी दूरी, नासा के कार के आकार वाले रोवर ने तोड़ा रिकॉर्ड

Wed, 14 Oct 2026 07:01 AM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 14 Oct 2026 07:01 AM IST
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NASA Car-Sized Perseverance Rover Covers 45 Km on Mars Sets New Record
नासा के रोवर ने रचा इतिहास - फोटो : नासा साइंस
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पर्सिवरेंस रोवर पृथ्वी के अलावा किसी अन्य ग्रह की सतह पर सबसे ज्यादा दूरी तय करने वाला पहला रोबोटिक उपकरण बन गया है। नासा ने मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए इसका खुलासा किया।
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अंतरिक्ष के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड स्थापित करते हुए कार के आकार वाले पर्सिवरेंस ने कई किलोमीटर का सफर तय कर लाल ग्रह पर सबसे ज्यादा दूरी तय करने का रिकॉर्ड तोड़ा है।
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साल 2021 में मंगल ग्रह पर उतरने के बाद से यह रोवर अब तक 45.2 किलोमीटर तक चल चुका है। पर्सिवरेंस ने नासा के ही पुराने अपॉर्च्युनिटी रोवर का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिसने 2004 से 2018 के बीच मंगल ग्रह पर 28.06 मील यानी 45 किलोमीटर की दूरी तय की थी। इसके अलावा इसने चांद पर चलने वाले सभी रोवरों के ड्राइविंग रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। एजेंसी
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कार के आकार वाला पर्सिवरेंस खुद रास्ता तलाशने में माहिर
पर्सिवरेंस की सबसे खास बात ये है कि ऑटोनेव नाम का सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम है। नासा के मुताबिक, इसका 90% सफर बिना किसी इंसानी दखल के अपने आप पूरे हुए हैं। यह रोवर आगे की 3डी तस्वीरें खींचकर खुद ही सबसे सुरक्षित रास्ता चुनता है। पुराने रोवरों की तरह इसे हर कदम पर सोचने के लिए रुकना नहीं पड़ता, बल्कि यह चलते-चलते ही रास्ते का फैसला कर लेता है।

लाल ग्रह पर प्राचीन झील तलाश रहा
यह रोवर जेजेरो क्रेटर इलाके में घूम रहा है, जहां अरबों साल पहले पानी की झील हुआ करती थी। पिछले साल इस रोवर ने मंगल ग्रह पर प्राचीन सूक्ष्म जीवों के होने के संभावित संकेत खोजे थे, जो इसकी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


भविष्य के लिए अधिक उम्मीदें
नासा के इंजीनियरों का कहना है कि रोवर के सभी उपकरण और इसका प्लूटोनिम-आधारित पावर सिस्टम बिल्कुल ठीक हालत में है। यह 2030 के दशक तक या उससे भी आगे तक आसानी से काम कर सकता है।
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