फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Myanmar: Preparing to involve loyal citizens into civil war know what is the plan of military government

Myanmar: वफादार नागरिकों को गृह युद्ध में झोंकने की तैयारी, जानें म्यांमार में क्या है सैन्य सरकार की योजना

Sun, 19 Feb 2023 04:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, यंगून
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, यंगून Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 19 Feb 2023 04:22 PM IST
सार

समझा जाता है कि इस योजना के तहत सेना समर्थक मिलिशिया पयू साव हती को हथियारों से लैस किया जाएगा। इस मिलिशिया को पूरे म्यांमार में फैल रही हथियारबंद बगावत का मुकाबला करने के लिए तैनात किए जाने का अनुमान है। जबकि आलोचकों का कहना है कि सैन्य शासन के इस निर्णय से देश में जारी गृह युद्ध में और तेजी आ सकती है। इससे देश में हिंसा का माहौल और गंभीर रूप ले सकता है।

विज्ञापन
Myanmar: Preparing to involve loyal citizens into civil war know what is the plan of military government
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

म्यांमार की सेना ने सैनिक शासन के प्रति वफादार नागरिकों को हथियार रखने की इजाजत देने का फैसला किया है। स्थानीय मीडिया में आई खबरों में इसे प्राइवेट आर्मी बनाने की कोशिश बताया गया है। अनुमान लगाया गया है कि सैनिक शासन पूर्व सैन्यकर्मियों और अपने समर्थक समुदायों को हथियारबंद करेगी। उन लोगों की सेवा सैनिक शासन विरोधी विद्रोही गुटों के साथ लड़ाई में ली जा सकती है।

विज्ञापन

 
मीडिया में 31 जनवरी को जारी हुआ एक दस्तावेज अब प्रकाशित हुआ है। बताया गया है कि यह दस्तावेज म्यांमार के गृह मंत्रालय ने जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को हथियार और गोलाबारूद लेकर चलने का लाइसेंस दिया जा सकता है। यह लाइसेंस उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए मिलेगा, लेकिन इस सुविधा का उन्हें उस समय तक ही लाभ मिलेगा, जब तक वे सरकार के प्रति वफादार रहेंगे। 
विज्ञापन


इस दस्तावेज के मुताबिक अब सुरक्षा बलों के साथ-साथ विद्रोही समूहों से लड़ने वाले गुटों और मिलिशिया को भी ऑटोमैटिक राइफलों और सब-मशीगन रखने का अधिकार मिलेगा। लेकिन यह अधिकार पाने के लिए उन्हें इस शर्त पर हामी भरनी होगी कि सरकार जब कभी उन्हें ‘कानून लागू करने संबंधी गतिविधि’ में शामिल होने के लिए बुलाएगी, वे उस आदेश का पालन करेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


समझा जाता है कि इस योजना के तहत सेना समर्थक मिलिशिया पयू साव हती को हथियारों से लैस किया जाएगा। इस मिलिशिया को पूरे म्यांमार में फैल रही हथियारबंद बगावत का मुकाबला करने के लिए तैनात किए जाने का अनुमान है। जबकि आलोचकों का कहना है कि सैन्य शासन के इस निर्णय से देश में जारी गृह युद्ध में और तेजी आ सकती है। इससे देश में हिंसा का माहौल और गंभीर रूप ले सकता है। 

जिस दस्तावेज की खबर म्यांमार के मीडिया में आई है, देश के गृह मंत्रालय ने उसे औपचारिक रूप से जारी नहीं किया है। लेकिन वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस बारे में मीडिया में दिए गए ब्योरे की पुष्टि की है। प्रवक्ता ने कहा- बहुत से नागरिक खुद ही हथियार की मांग कर रहे हैं। ऐसे बहुत से नागरिकों को बागी गुटों ने निशाना बनाया है, जिनके संबंध सेना के साथ हैं। 

विश्लेषकों के मुताबिक म्यांमार की सैन्य सरकार ने देश में कानून-व्यवस्था बहाल करने को अब अपनी प्राथमिकता बना ली है। वह अगस्त में होने वाले चुनाव से पहले देश में आम स्थिति बहाल होने का संकेत देना चाहती है। इस कोशिश के तहत देश के 330 में से 37 शहरों में बीते एक फरवरी को मार्शल लॉ लागू कर दिया गया। अब उसी दिशा में कदम उठाते हुए नागरिकों को हथियारों से लैस करने की योजना पेश की गई है। 


म्यांमार में सेना ने एक फरवरी 2021 को निर्वाचित प्रतिनिधियों को जेल में डालते हुए सत्ता पर कब्जा जमा लिया था। तब से सैनिक सरकार को देश में बड़े जन विरोध का सामना करना पड़ा है। पिछले साल देश के कई हिस्सों में हथियारबंद विद्रोह फैल गया। सेना ने उसे दबाने में अपनी पूरी ताकत लगाई है, लेकिन उसे अभी तक इस दिशा में कोई खास कामयाबी नहीं मिली है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed