फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   myanmar conflict anti coup forces advances in northern region fear for divide in india neighbor country

Myanmar: भारत के इस पड़ोसी देश के टूटने का बढ़ा खतरा, विद्रोही संगठनों ने बड़े हिस्से पर कब्जा किया

Thu, 01 Aug 2024 11:34 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैप्यिडो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैप्यिडो Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 01 Aug 2024 11:34 AM IST
सार

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में चल रहा संघर्ष भी लगातार फैल रहा है और हालात ये हो गए हैं कि म्यांमार के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। 

विज्ञापन
myanmar conflict anti coup forces advances in northern region fear for divide in india neighbor country
म्यांमार में हिंसा जारी - फोटो : एएनआई

विस्तार

दुनिया इन दिनों कई संघर्षों से जूझ रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध हो या फिर पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध, वैश्विक तनाव लगातार बढ़ रहा है। अब भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में चल रहा संघर्ष भी लगातार फैल रहा है और हालात ये हो गए हैं कि म्यांमार के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। दरअसल विद्रोही सेनाओं ने म्यांमार के उत्तरी क्षेत्र के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया है। 
विज्ञापन


संघर्ष में अब तक 30 लाख लोग विस्थापित हुए
म्यांमार की सेना ने साल 2021 में जनता द्वारा चुनी गई सरकार का तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इसके खिलाफ कई विद्रोही संगठनों ने सशस्त्र विद्रोह कर दिया। म्यांमार में जारी संघर्ष को अब तीन साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। हालांकि जैसे जैसे समय बीत रहा है विद्रोही संगठन, सेना पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। जून महीने से म्यांमार के शान राज्य के मेंडले इलाके में लड़ाई चल रही है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार में संघर्ष की वजह से 30 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। 
विज्ञापन


म्यांमार के बड़े इलाके पर कब्जा करने के करीब विद्रोही संगठन
म्यांमार में मानवीय राहत के काम करने वाले संगठन ताइ स्टूडेंट यूनियन ने बताया है कि शान राज्य में हिंसा के चलते एक लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं और जून से जुलाई मध्य तक करीब 141 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा घायल हुए हैं। म्यांमार के विद्रोही संगठनों ने बीते साल अक्तूबर में ऑपरेशन 1027 के तहत म्यांमार की सेना पर दूसरे चरण का हमला शुरू किया था। पहले चरण के संघर्ष में विद्रोही संगठनों ने रणनीतिक रूप से शान राज्य की पूर्वी सीमा पर कब्जा कर लिया था। यह इलाका चीन की सीमा से लगता है। अब विद्रोही संगठन देश के उत्तरी इलाके, जो कि मेंडले से लाशियो तक करीब 280 किलोमीटर का इलाका है, उस पर कब्जे के लिए लड़ रहे हैं। आशंका है कि अगर विद्रोही संगठन सफल हुए तो म्यांमार दो हिस्सों में टूट सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शहरी इलाकों में भी मजबूत हो रहे विद्रोही संगठन
विद्रोही संगठनों तांग नेशनल लिब्रेशन आर्मी,  म्यांमार नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस आर्मी और मेंडले पीपल्स डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि वे मोगोक पर कब्जा कर चुके हैं, जो कि रूबी की खदानों के लिए प्रसिद्ध है। साथ ही उत्तरी सीमा पर शान राज्य के दो शहरों क्याकुमे और नॉनघीकियो समेत कई अन्य इलाकों पर भी कब्जा कर लिया है। लाशियो पर भी कब्जे का दावा विद्रोही संगठन कर रहे हैं, लेकिन अभी भी वहां लड़ाई चल रही है। विशेषज्ञों ने आशंका जाहिर की है कि ऑपरेशन 1027 के तहत विद्रोही संगठन चीन सीमा से लेकर म्यांमार के मध्य तक बड़े हिस्से पर कब्जा स्थापित कर सकते हैं। म्यांमार के ग्रामीण इलाकों पर विद्रोही संगठन काबिज हैं और अब धीरे-धीरे वे शहरी इलाकों में भी कब्जे के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed