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म्यांमार: पिता की गोद में बैठी 7 साल की बच्ची को मार दी गोली, क्रूरता की सारी हदें पार कर रही सेना
Thu, 25 Mar 2021 04:56 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मांडले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मांडले
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Thu, 25 Mar 2021 04:56 PM IST
सार
म्यांमार में एक फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से ही देशभर में लोग सेना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए सेना की तरफ से काफी क्रूरता बरती जा रही है।
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म्यांमार में विरोध प्रदर्शन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
म्यांमार में सेना द्वारा की जा रही हिंसा को लेकर कई देश चिंता जता चुके हैं। मांडले में सेना का अत्याचार इस कदर बढ़ गया है कि उसने बीते मंगलवार को अपने पिता की गोद में बैठी एक सात साल की बच्ची की गोली मारकर हत्या कर दी। यह बच्ची प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई कार्रवाई में मारी जाने वाली सबसे छोटी उम्र की है।
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इस मामले पर मानवाधिकार समूह सेव द चिल्ड्रेन ने कहा कि सेना की निर्मम कार्रवाई में मारे गए दर्जनों लोगों में 20 बच्चे भी शामिल हैं। संस्था ने एक बयान में कहा कि वह बच्ची की मौत से चिंतित हैं। जिस तरह से हर रोज बच्चों की मौत हो रही है, वह यह दिखाती है कि सेना को लोगों की जिंदगी की कोई परवाह नहीं है।
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सेना का कहना है कि उनकी कार्रवाई में अब तक 164 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। वहीं, सेना की तरफ से आरोप लगाते हुए कहा गया है कि प्रदर्शनकारी लगातार हिंसा कर रहे हैं। साथ ही सेना ने यह दावा भी किया है कि वह अपनी कार्रवाई में कम से कम बल प्रयोग की कोशिश कर रही है।
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सैन्य सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि कार्रवाई में अब तक 164 लोगों की जान गई है। इधर, एसिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स का कहना है कि सेना के हमले में कम से कम 261 लोगों की मौत हुई है।
बता दें सेना ने मंगलवार को हुई प्रदर्शनकारियों की मौत पर दुख जताया। सेना की तरफ से कहा गया कि सैनिकों ने बच्ची के पिता को गोली मारी थी, लेकिन पिता को गोली लगने के बजाय वह उसकी गोद में बैठी बच्ची को लग गई। बच्ची की पहचान खिन मायो चित के तौर पर हुई है।
जानकारी के अनुसार गोली लगने के बाद एक बचाव दल ने बच्ची का इलाज किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों ने बताया कि सेना ने बच्ची के 19 साल के भाई को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, इस मामले पर सेना की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई।