China: 'ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में मस्क-रामास्वामी की टीम चीन के लिए सबसे बड़ा खतरा', चीनी सलाहकार की चेतावनी
China: चीन सरकार के नीति सलाहकार झेंग योंगनियन ने चेतावनी दी कि डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल चीन के लिए खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि मस्क और रामास्वामी के नेतृत्व में अमेरिका की अधिक कुशल राजनीतिक व्यवस्था चीन की मौजूदा प्रणाली पर दबाव डालेगी।
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चीनी सरकार के नीति सलाहकार झेंग योंगनियन ने चेतावनी दी कि एलन मस्क और विवेक रामास्वामी की अध्यक्षता में एक नए विभाग के साथ सरकार में आमूलचूल बदलाव की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना चीन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है, क्योंकि फिर उसे कहीं अधिक कुशल अमेरिकी राजनीतिक प्रणाली के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। मस्क दुनिया के सबसे अमीर शख्स हैं, जबकि रामास्वामी भारतीय मूल के जाने-माने उद्यमी हैं।
सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व करेंगे मस्क और रामास्वामी
योंगनियन ने कहा, ट्रंप का दूसरा कार्यकाल चीन के लिए खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि मस्क और रामास्वामी के नेतृत्व में अमेरिका की अधिक कुशल राजनीतिक व्यवस्था चीन की मौजूदा प्रणाली पर दबाव डालेगी। योंगनियन हांगकांग विश्वविद्यालय के शंघाई परिसर के सार्वजनिक नीति स्कूल के डीन भी हैं। बता दें कि ट्रंप ने मस्क और रामास्वामी को एक नए विभाग सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का नेतृत्व देने की घोषणा की है। इस विभाग के तहत हजारों पुराने नियमों को समाप्त करने और सरकारी कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना बनाई गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में क्या कहा था
ट्रंप ने एक बयान में कहा था, मस्क और रामास्वामी मेरे प्रशासन के लिए सरकारी नौकरशाही को खत्म करने, अतिरिक्त नियमों को कम करने, फिजूल खर्चों में कटौती करने और संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी जिम्मेदारी चार जुलाई 2026 को समाप्त हो जाएगी, जब अमेरिकी आजादी की 250वीं वर्षगांठ होगी। यह कुशल सरकार देश के लिए एक 'तोहफा' होगी।
चीन के वार्षिक निर्यात पर दबाव पड़ेगा: झेंग योंगनियन
झेंग ने कहा, अमेरिकी सरकार में सुधारों का चीन पर सबसे बड़ा दबाव पड़ सकता है। अगर ट्रंप अपने प्रयासों में सफल होते हैं तो अमेरिका एक अधिक प्रतिस्पर्धी प्रणाली को विकसित करेगा, जिसे राज्य पूंजीवाद कहा जा सकता है। चीन सरकार का मानना है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिकी शुल्क में 60 फीसदी वृद्धि से बीजिंग के 427 अरब डॉलर के वार्षिक निर्यात पर दबाव पड़ेगा। चीन के लिए ट्रंप का पिछला चुनौतीपूर्ण था और अब उम्मीद की जा रही है कि वह ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।
'दक्षिण चीन सागर और ताइवान के आसपास तनाव बढ़ाएंगे ट्रंप'
हालांकि, झेंग ने यह भी कहा कि ट्रंप चीन से युद्ध नहीं चाहते। चीन की रक्षा क्षमताओं के तेजी से बढ़ने के कारण ट्रंप युद्ध की दिशा में कदम नहीं उठाएंगे, लेकिन वह दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ाते रहेंगे। चीन सरकार को ट्रंप से निपटने के लिए रणनीति तैयार करने की आश्यकता है। झेंग ने कहा, हमारी प्रतिक्रिया का मुख्य उद्देश्य अपनी अंदरूनी क्षमता को पूरी तरह से उपयोग में लाना होना चाहिए।
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