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मॉस्को फॉर्मेट: मानवीय सहायता भेजेगा भारत? भारतीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद तालिबानी प्रवक्ता का दावा
Thu, 21 Oct 2021 01:37 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, मॉस्को
पीटीआई, मॉस्को
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 21 Oct 2021 01:37 AM IST
सार
अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार के उप प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय तालिबान प्रतिनिधिमंडल ने 'मॉस्को फॉर्मेट डायलॉग' के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
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मॉस्को में अफगान प्रतिनिधियों के साथ मीडिया से बात करते अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफी।
- फोटो : PTI
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विस्तार
रूस की राजधानी मॉस्को में बुधवार को मॉस्को-फार्मेट की शुरुआत हुई। यह बैठक अफगानिस्तान के राजनीतिक और सैन्य हालातों पर चर्चा के लिए रूस ने बुलाई है। रूस ने तालिबान और अन्य गुटों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए वार्ता की मेजबानी की।
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भारतीय प्रतिनिधिमंडल से मिला तालिबान
इस दौरान अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार के उप प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय तालिबान प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को यहां भारतीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इसके बाद तालिबान ने कहा कि भारत मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हो गया है।
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तालिबान ने कहा- भारत ने मानवीय सहायता भेजने की बात कही
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि भारत ने 'मॉस्को फॉर्मेट डायलॉग' में अफगानिस्तान को मानवीय सहायता भेजने की बात कही है। हालांकि, मुजाहिद के इस दावे पर भारत की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मॉस्को फॉर्मेट डायलॉग में भारत, चीन, पाकिस्तान समेत कुल 10 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
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भारतीय विदेश मंत्रालय के पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डिवीजन के संयुक्त सचिव जेपी सिंह के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने तालिबान के नेताओं से मुलाकात की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल रूस के निमंत्रण पर 'मॉस्को फॉर्मेट' में भाग लेने के लिए यहां आया है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहउल्लाह मुजाहिद ने सम्मेलन को लेकर दिए एक संक्षिप्त बयान में कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच यह बैठक मॉस्को सम्मेलन के दौरान हुई। हालांकि इस बैठक को लेकर भारत की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
तालिबान के साथ भारत की पहली औपचारिक बातचीत 31 अगस्त को दोहा में हुई थी। हालांकि, बुधवार को हुई यह बैठक तालिबान द्वारा पिछले महीने अंतरिम मंत्रिमंडल की घोषणा के बाद दोनों पक्षों के बीच पहला औपचारिक संपर्क था। अफगानिस्तान के टोलो न्यूज ने तालिबान के प्रवक्ता मुजाहिद के हवाले से कहा है कि भारतीय पक्ष ने अफगानिस्तान को व्यापक मानवीय सहायता प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की है।
भारत ने पहले भी अफगानिस्तान को बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मानवीय उद्देश्यों के लिए सहायता प्रदान की है। मुजाहिद ने कहा कि 'दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की चिंताओं को ध्यान में रखने और राजनयिक और आर्थिक संबंधों में सुधार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।'
मुजाहिद ने ट्वीट कर बताया कि 'अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत के विशेष प्रतिनिधि जेपी सिंह और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल के साथ 'मॉस्को फॉर्मेट डायलॉग' के मौके पर मुलाकात की।'
2017 में हुई थी मॉस्को-फार्मेट की शुरुआत
मॉस्को-फार्मेट की शुरुआत 2017 में हुई थी। इसमें भारत और रूस के अलावा चीन, अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान शामिल है। अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद यह पहला 'मॉस्को फॉर्मेट डायलॉग' है।