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Morocco Earthquake Death: भूकंप के समय सुनाईं दीं असहनीय चीखें, सड़कों पर सो रहे लोग; 2000 से ज्यादा की जान गई
Sun, 10 Sep 2023 08:05 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 10 Sep 2023 08:05 AM IST
सार
व्यक्ति ने बताया कि लोग अभी भी डरे हुए हैं और सड़कों पर सो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई फुटेज वायरल हो रही हैं, जिनमें लोग बदहवास इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं।
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भूकंप में हुआ भारी नुकसान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मोरक्को में शुक्रवार देर रात आए भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 2000 के पार चला गया है। भूकंप के चलते मोरक्को में भारी नुकसान हुआ है, जिससे उबरने में मोरक्को को लंबा समय लगेगा। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, मोरक्को में 6.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र माराकेश से 72 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में था। मोरक्को सरकार ने बताया कि भूकंप में अभी तक 2012 लोगों की मौत हुई है और 2059 लोग घायल हैं। इनमें से 1404 लोगों की हालत गंभीर है। ऐसे में माना जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
अभी तक डरे हुए हैं लोग
लोगों ने बताया कि मोरक्को के कासाब्लांका और राबत शहरों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह लोग सो रहे थे, जब अचानक से उन्होंने दरवाजे बजने की आवाजें सुनीं। वह इससे घबरा गईं और तुरंत घर से बाहर निकल गईं। बताया जा रहा है कि बीते 120 सालों में यह उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को का सबसे तेज भूकंप था।
तारोदांत राज्य के अल हौज में भूकंप का केंद्र था और वहीं पर सबसे ज्यादा लोगों की जान गई है। इसके अलावा क्वारजाते, चिचौआ, अजिलाल और यूसुफिया प्रांत के साथ ही माराकेश और अगादिर में भी लोगों की जान गई है। एक व्यक्ति ने बताया कि जैसे ही भूकंप आया, वैसे ही असहनीय चीख-पुकार मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ सी मच गई। उस व्यक्ति ने बताया कि लोग अभी भी डरे हुए हैं और सड़कों पर सो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई फुटेज वायरल हो रही हैं, जिनमें लोग बदहवास इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं।
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भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में लोग अभी भी सदमे में हैं। मोरक्को की सरकार ने बताया कि संसाधनों को इकट्ठा कर प्रभावित इलाकों में मदद भेजी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वह रक्तदान करें। सेना ने फील्ड अस्पताल बनाकर लोगों का इलाज शुरू कर दिया है। मोरक्को में भूकंप से भारी नुकसान हुआ है लेकिन अभी तक इसका आकलन किया जा रहा है।
विदेशी नेताओं ने जताया दुख
विदेशी नेताओं ने भी मोरक्को में मारे गए लोगों के प्रति संवेदनाएं जाहिर की हैं। पीएम मोदी ने शनिवार को जी20 बैठक के दौरान ही मोरक्को के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की थी। अब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी बयान जारी कर कहा है कि वह मोरक्को में भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान से दुखी हैं और उन्होंने मोरक्को की सरकार को हरसंभव मदद की बात कही है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी दुख व्यक्त किया है। पोप फ्रांसिस ने भी अपनी संवेदनाएं जाहिर की हैं। बता दें कि अल्जीरिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि वहां किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
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अभी तक डरे हुए हैं लोग
लोगों ने बताया कि मोरक्को के कासाब्लांका और राबत शहरों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह लोग सो रहे थे, जब अचानक से उन्होंने दरवाजे बजने की आवाजें सुनीं। वह इससे घबरा गईं और तुरंत घर से बाहर निकल गईं। बताया जा रहा है कि बीते 120 सालों में यह उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को का सबसे तेज भूकंप था।
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तारोदांत राज्य के अल हौज में भूकंप का केंद्र था और वहीं पर सबसे ज्यादा लोगों की जान गई है। इसके अलावा क्वारजाते, चिचौआ, अजिलाल और यूसुफिया प्रांत के साथ ही माराकेश और अगादिर में भी लोगों की जान गई है। एक व्यक्ति ने बताया कि जैसे ही भूकंप आया, वैसे ही असहनीय चीख-पुकार मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ सी मच गई। उस व्यक्ति ने बताया कि लोग अभी भी डरे हुए हैं और सड़कों पर सो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई फुटेज वायरल हो रही हैं, जिनमें लोग बदहवास इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं।
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भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में लोग अभी भी सदमे में हैं। मोरक्को की सरकार ने बताया कि संसाधनों को इकट्ठा कर प्रभावित इलाकों में मदद भेजी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वह रक्तदान करें। सेना ने फील्ड अस्पताल बनाकर लोगों का इलाज शुरू कर दिया है। मोरक्को में भूकंप से भारी नुकसान हुआ है लेकिन अभी तक इसका आकलन किया जा रहा है।
विदेशी नेताओं ने जताया दुख
विदेशी नेताओं ने भी मोरक्को में मारे गए लोगों के प्रति संवेदनाएं जाहिर की हैं। पीएम मोदी ने शनिवार को जी20 बैठक के दौरान ही मोरक्को के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की थी। अब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी बयान जारी कर कहा है कि वह मोरक्को में भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान से दुखी हैं और उन्होंने मोरक्को की सरकार को हरसंभव मदद की बात कही है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी दुख व्यक्त किया है। पोप फ्रांसिस ने भी अपनी संवेदनाएं जाहिर की हैं। बता दें कि अल्जीरिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि वहां किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।