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‘होर्न दुदई, बजाय वुदई’ लिखी तख्ती लिए चौराहे पर खड़ा है यह शख्स, सोशल मीडिया भी हुआ कायल
Sat, 28 Sep 2019 03:21 AM IST
देव कश्यप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 28 Sep 2019 03:21 AM IST
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Mominur Rahman Royal
- फोटो : Twitter AFP
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बांग्लादेश के ढाका में रहने वाला मोमिनूर रहमान रॉयल शहर के यातायात की राह में इन दिनों एक तरह से दीवार बनकर खड़ा हो रहा है। दुनिया के सबसे अधिक शोर-शराबे वाले शहरों में गिने जाने वाले ढाका में वह लोगों के अनावश्यक हॉर्न बजाने के खिलाफ चार साल से अकेला ही मुहिम चला रहा है। उसकी इस मुहिम अंदाज भी अलग है।
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दरअसल, रहमान (36) सप्ताह के अंतिम दिन अपने घर के पास के चौराहे पर एक तख्ती लेकर खड़ा हो जाता है जिस पर ‘होर्न दुदई, बजाय वुदई’ लिखा होता है। इसका मतलब है कि केवल बेवकूफ ही अनावश्यक हॉर्न बजाता है।
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कारों, बसों और ट्रकों के आने जाने के बीच रहमान ने कहा कि इस बेवकूफी के खिलाफ यह मेरा मौन प्रदर्शन है। रहमान ने चार साल पहले यह अभियान शुरू किया था। उसका कहना है कि उसे अब व्यापक समर्थन मिल रहा है।
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उसने कहा कि घर जा रहे लोग मेरा साथ देने के लिए रुक जाते हैं और सड़क पर मेरी तख्तियां लेकर मेरे साथ खड़े हो जाते हैं, जबकि उनसे मेरी कोई जान पहचान नहीं होती है। यह एक सकारात्मक बदलाव है।
रहमान के मौन प्रदर्शन के फोटो सोशल मीडिया पर हजारों बार साझा किए गए हैं और कई लोगों ने समर्थन में टिप्पणी भी की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इंसान सुनने की अपनी क्षमता गंवाए बिना अधिकतम 85 डेसीबेल तक की आवाज आठ घंटे तक सुन सकता है। ढाका में व्यस्त समय में हॉर्न बजाने से ध्वनि का स्तर 110 डेसीबेल तक जाता है। भारी यातायात के दौरान शहर में भारी शोर शराबे से ऐसी कर्कशता महसूस होने लगती है जैसे कोई रॉक शो चल रहा हो।