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अवैध हथियार बने मुसिबत: मेक्सिको ने अमेरिका से मोल लिया सीधा टकराव, बंदूक कंपनियों पर ठोका मुकदमा
Fri, 06 Aug 2021 02:56 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको सिटी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको सिटी
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 06 Aug 2021 02:56 PM IST
सार
मेक्सिको सरकार का कहना है कि अमेरिका में बने हथियार का इस्तेमाल मेक्सिको में नशीली दवाओं के तस्कर कर रहे हैं। साथ ही इनका इस्तेमाल नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी हमलों में किया जा रहा है...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
मेक्सिको की सरकार ने अमेरिका की बंदूक निर्माता कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसे एक अभूतपूर्व कदम बताया गया है। आशंका है कि इससे मेक्सिको और अमेरिका के संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है। मेक्सिको और अमेरिका दोनों पड़ोसी देश हैँ। मेक्सिको सरकार का कहना है कि अमेरिका में बने हथियार का इस्तेमाल मेक्सिको में नशीली दवाओं के तस्कर कर रहे हैं। साथ ही इनका इस्तेमाल नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी हमलों में किया जा रहा है। इस रूप में अमेरिकी हथियार मेक्सिको की सरकार के लिए चुनौती बन गए हैं।
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मेक्सिको सरकार ने अमेरिका की छह बंदूक निर्माता कंपनियों के खिलाफ मेसाचुसेट्स की एक अदालत में मुकदमा दायर किया है। मेक्सिको ने उन पर अपने वितरकों को नियंत्रण ना रखने का आरोप लगाया गया है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि मेक्सिको के आर्थिक जीवन को नुकसान पहुंचाते हुए अमेरिकी कंपनियों के वितरक गैर-कानूनी ढंग से हथियार का कारोबार कर रहे हैं।
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अमेरिकी बंदूक निर्माता कंपनियों पर ये इल्जाम भी लगाया गया है कि वे मेक्सिको में अपराधियों को बढ़ावा देने में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। इस सिलसिले में 2017 में हुई पत्रकार मिरोस्लावा ब्रीच की हत्या के मामले का जिक्र किया गया है। ब्रीच राजनेताओं और संगठित अपराध गिरोहों के बीच संबंध की पड़ताल कर रही थीं। उसी समय उनकी हत्या कर दी गई। जांच के दौरान जो पिस्तौल बरामद हुआ, वह अमेरिका में बनी थी।
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मेक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो एब्राद ने कहा है कि मेक्सिको सरकार पूरी गंभीरता से ये केस लड़ेगी। उन्होंने कहा कि गैर कानूनी हथियार मुहैया कराने वाले सिर्फ इसलिए बिना दंडित हुए नहीं रह सकते कि वे अमेरिका में रहते हैं। मेक्सिको ने जिन छह कंपनियों को अभियुक्त बनाया है, उनसे उसने 10 अरब डॉलर मुआवजे की मांग की है। साथ ही अदालत से यह निर्देश देने की गुजारिश की है कि ये कंपनियां हथियार की बिक्री करते वक्त सख्त नियम लागू करें।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक मेक्सिको की सरकार काफी समय से अमेरिका सरकार से बंदूक निर्माता कंपनियों पर कार्रवाई करने की मांग करती रही है। उसने कई बार गुजारिश की थी कि अमेरिका सरकार वहां बने हथियारों का मेक्सिको में प्रवेश रोके। लेकिन अमेरिकी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी वॉरविक में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय के प्रोफेसर टॉम लॉन्ग ने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से कहा- ‘अमेरिका ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उसे देखते हुए मेक्सिको सरकार की ये पहल एक तार्किक कदम माना जाएगा। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों में सहयोग के लिए करार हुए डेढ़ दशक गुजर चुके हैँ। लेकिन उससे मेक्सिको को कोई लाभ नहीं हुआ है।’
मेक्सिको ने ये कदम उस समय उठाया है, जब वहां वामपंथी नेता आंद्रेस मैनुएल लॉपेज ओब्रादोर राष्ट्रपति हैं। उन्होंने हाल में कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो अमेरिका को पसंद नहीं आए। अब उन्होंने सीधे अमेरिकी कंपनियों से टकराव मोल लिया है। अमेरिका सरकार अकसर विदेशों में अपनी कंपनियों के हित में खड़ी होती हैं। मेक्सिको की लॉयला यूनिवर्सिटी में अपराध अनुसंधानकर्ता गेमा क्लोप-सांतामारिया ने द गार्जियन से कहा- ‘ये कदम उस समय उठाया गया है, जब राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। अब देखने की बात होगी कि क्या मेक्सिको सरकार को अब बंदूक नियंत्रण के मामले में अमेरिकी अदालत से उससे अधिक सहायता मिलती है, जितनी अमेरिका सरकार से मांग करने पर मिली थी।’