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रूस के ड्रोन हमलों के बीच कीव पहुंचे जर्मन चांसलर मर्ज: एक अरब यूरो की मदद का एलान; पुतिन को क्या संदेश दिया?

Mon, 05 Oct 2026 01:01 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 05 Oct 2026 01:01 AM IST
सार

रूस के बढ़ते ड्रोन हमलों के बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज कीव पहुंचे। उन्होंने यूक्रेन के लिए 1 अरब यूरो की नई सैन्य मदद का एलान किया और कहा कि जर्मनी को डराकर उसका समर्थन नहीं छुड़ाया जा सकता। साथ ही 6.5 अरब यूरो के 16 समझौते हुए, अब रूस के हमलों पर यूक्रेन क्या जवाब देगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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Merz unveils fresh military aid in Kyiv, says Germany won't be intimidated
फ्रेडरिक मर्ज, वोलोदिमिर जेलेंस्की - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/फ्रेडरिक मर्ज

विस्तार

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने रविवार को कहा कि जर्मनी को डराकर यूक्रेन के समर्थन से पीछे नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने कीव की यात्रा के दौरान यूक्रेन के लिए 1 अरब यूरो यानी करीब 1.1 अरब डॉलर की अतिरिक्त सैन्य मदद का एलान किया। मर्ज की यह यात्रा ऐसे समय हुई, जब रूस ने कीव पर ड्रोन हमले किए।
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मर्ज और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने चार साल से जारी युद्ध में मारे गए सैनिकों के स्मारक का दौरा किया। इस दौरान यूक्रेन की राजधानी में बार-बार हवाई हमले के सायरन और धमाकों की आवाज सुनाई दी। दोनों नेता विज्ञान अकादमी भी गए। पिछले हफ्ते यहां हुए ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हुई थी।
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रूस ने हाल के हफ्तों में कीव और यूक्रेन के दूसरे शहरों पर ड्रोन हमले बढ़ा दिए हैं। इन हमलों में दूरसंचार, बिजली और परिवहन ढांचे के साथ-साथ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।

जेलेंस्की के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्ज ने कहा कि मॉस्को यूक्रेन के लोगों का हौसला तोड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र की मरम्मत के लिए 350 मिलियन यूरो की मदद का भी एलान किया। मर्ज ने कहा कि जर्मनी यूक्रेन का सबसे मजबूत समर्थक बना हुआ है।

6.5 अरब यूरो के 16 समझौते क्यों अहम?
मर्ज ने कहा, हम ऐसा सिर्फ यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए नहीं कर रहे हैं। हम यह अपने हित में भी कर रहे हैं, क्योंकि यह यूरोप की सुरक्षा का मामला है।  उन्होंने कहा कि रूस साइबर हमले और दुष्प्रचार अभियान चला रहा है। ये हमले यूरोप की लोकतांत्रिक व्यवस्था को निशाना बना रहे हैं। मर्ज ने कहा, यह दिखाता है कि हम डरने वाले नहीं हैं।

रूस ने हाइब्रिड युद्ध के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। रूस का कहना है कि ये आरोप रूस विरोधी उन्माद का नतीजा हैं। अधिकारियों ने बताया कि मर्ज के साथ जर्मनी की कंपनियों के अधिकारी भी यूक्रेन गए थे। इन अधिकारियों ने यूक्रेन सरकार और कारोबारों के साथ 16 समझौते किए। इन समझौतों की कुल कीमत करीब 6.5 अरब यूरो है।

इनमें यूक्रेन ने जर्मनी की कंपनी डील डिफेंस के साथ आईआरआईएस-टी एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति का समझौता किया। इसके अलावा, हेंसोल्ड्ट के साथ रडार उपकरण और क्वांटम सिस्टम्स के साथ जेट ड्रोन इंटरसेप्टर की आपूर्ति का समझौता हुआ। 




नए ड्रोन इंटरसेप्टर से क्या उम्मीद?
जेलेंस्की ने क्वांटम सिस्टम्स की ओर से बनाए गए नए जेट ड्रोन इंटरसेप्टर की तारीफ की। इसका नाम एसपीवाईएस बताया गया है। उन्होंने कहा कि इसके नतीजे उम्मीद के मुताबिक अच्छे रहे हैं।

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जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन और जर्मनी एक बड़े रक्षा समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। उन्होंने पहले कहा था कि इस समझौते में ड्रोन, मिसाइल और उनसे जुड़े सॉफ्टवेयर का उत्पादन शामिल होगा।


रूस के ड्रोन हमलों का जवाब कैसे देगा यूक्रेन?
गर्मियों से रूस हर दिन यूक्रेन के नागरिक और सैन्य ढांचे को निशाना बना रहा है। इन हमलों में दर्जनों तेज रफ्तार जेट इंजन वाले ड्रोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं। यूक्रेन के लिए इन ड्रोन को गिराना मुश्किल हो रहा है। इसकी वजह यह है कि ये पहले इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोपेलर वाले ड्रोन से काफी तेज हैं।

रविवार को रूस के एक हमले में निप्रो नदी पर बने नॉर्दर्न ब्रिज को निशाना बनाया गया। कीव के मेयर विताली क्लित्स्को ने टेलीग्राम पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमले में सड़क को नुकसान पहुंचा। दो लोग घायल हुए। इलाके की गर्म पानी की सप्लाई व्यवस्था भी क्षतिग्रस्त हुई।

जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हवाई हमले बढ़ाने का फैसला इसलिए किया है, क्योंकि उसे युद्ध के मैदान में झटके लगे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन इसका जवाब देगा। जेलेंस्की ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के बड़े शहरों के लोगों को वहां से भागने के लिए मजबूर करना चाहते हैं।

पुल गिराए तो क्या होगा?
उन्होंने पत्रकारों से कहा, अगर हमारे पुल गिरते हैं, तो हम इस स्थिति से निकलने का रास्ता खोज लेंगे। लेकिन उनके लोगों को भी इसका असर महसूस होगा... यह इस युद्ध की अधिकतम बढ़ोतरी है। रूस पिछले हफ्ते से कीव के पुलों पर हमले कर रहा है। इसका मकसद राजधानी के दोनों हिस्सों के बीच संपर्क और मध्य तथा पूर्वी यूक्रेन के बीच सामान और सैन्य आपूर्ति के रास्तों को बाधित करना है।
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