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Study: मेनोपॉज के बाद हार्मोन थेरेपी से महिलाओं ने घटाया 35 फीसदी से अधिक वजन, अध्ययन में खुलासा

Tue, 28 Apr 2026 05:29 AM IST
अमन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 28 Apr 2026 05:29 AM IST
सार

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में वजन बढ़ना आम समस्या है, लेकिन नई स्टडी के अनुसार टिरजेपाटाइड दवा के साथ हार्मोन थेरेपी लेने पर 35 प्रतिशत अधिक वजन घट सकता है। यह शोध बताता है कि संयुक्त इलाज मोटापा और कार्डियोमेटाबॉलिक जोखिम को कम करने में अधिक प्रभावी हो सकता है।

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मेनोपॉज के बाद महिलाओं में वजन बढ़ना बेहद सामान्य - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज के बाद महिलाओं में वजन बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन जाता है। इस दौर में शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और मोटापा, हृदय रोग तथा टाइप 2 डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
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अब मेयो क्लिनिक के नेतृत्व में हुई एक नई स्टडी ने संकेत दिया है कि यदि पोस्टमेनोपॉजल महिलाएं मोटापा कम करने की दवा टिरजेपाटाइड के साथ मेनोपॉजल हार्मोन थेरेपी भी ले रही हों, तो उनका वजन अधिक तेजी से घट सकता है। द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड विमेन्स हेल्थ में प्रकाशित इस शोध के अनुसार ऐसी महिलाओं में केवल टिरजेपाटाइड लेने वाली महिलाओं की तुलना में औसतन 35% अधिक वजन घटा।
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मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार मेनोपॉज के बाद महिलाओं में वजन बढ़ना बेहद सामान्य है। इस समय शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है जिससे केवल वजन ही नहीं बढ़ता बल्कि हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज और अन्य कार्डियोमेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। कार्डियोमेटाबॉलिक जोखिम का अर्थ उन स्वास्थ्य खतरों से है जो दिल, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और मोटापे से जुड़े होते हैं। इसलिए इस जीवन चरण में वजन नियंत्रण केवल दिखावे का नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य सुरक्षा का विषय बन जाता है।
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क्या केवल हार्मोन थेरेपी ही वजह है
मेयो क्लिनिक की एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और अध्ययन की वरिष्ठ लेखिका डॉ. मारिया डेनिएला हर्टाडो एंड्रेड ने स्पष्ट किया कि यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी थी। इससे ठोस संकेत मिलता है कि अतिरिक्त वजन घटने की वजह केवल हार्मोन थेरेपी का प्रभावी संबंध है। संभव है कि हार्मोन थेरेपी लेने वाली महिलाएं पहले से ही अधिक स्वस्थ जीवनशैली अपना रही हों।


स्टडी में क्या पाया
शोधकर्ताओं ने 120 ऐसे वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया जिन्हें अधिक वजन या मोटापे की समस्या थी और जो कम से कम 12 महीने तक टिरजेपाटाइड ले रहे थे। इनमें उन महिलाओं की तुलना की गई जो साथ में हार्मोन थेरेपी भी ले रही थीं और उन महिलाओं से जो केवल टिरजेपाटाइड पर थीं। दोनों समूहों की शुरुआती स्वास्थ्य स्थिति को लगभग समान रखा गया ताकि तुलना अधिक विश्वसनीय हो सके। विश्लेषण में पाया गया कि हार्मोन थेरेपी और टिरजेपाटाइड दोनों लेने वाली महिलाओं का वजन उल्लेखनीय रूप से अधिक घटा। औसतन उनका वजन केवल टिरजेपाटाइड लेने वाली महिलाओं की तुलना में लगभग  35 प्रतिशत ज्यादा कम हुआ।
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