{"_id":"6ab3e5245bbcfe7c820fd614","slug":"masoud-pezeshkian-un-speech-iran-terrorism-us-attacks-nuclear-technology-right-donald-trump-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"'हम आतंकवाद के शिकार': यूएन में पेजेश्कियान का ट्रंप पर निशाना, मिनाब स्कूल हमले की तस्वीरें भी दिखाई","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
'हम आतंकवाद के शिकार': यूएन में पेजेश्कियान का ट्रंप पर निशाना, मिनाब स्कूल हमले की तस्वीरें भी दिखाई
Wed, 23 Sep 2026 08:11 PM IST
देवेश त्रिपाठी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैनहैटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैनहैटन
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 23 Sep 2026 08:11 PM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी रक्षा की और नागरिक आबादी को निशाना नहीं बनाया। पेजेश्कियान ने आरोप लगाया कि ईरानी विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हमले किए गए। इस दौरान उन्होंने मिनाब स्कूल हमले की तस्वीरें भी दिखाईं।
विज्ञापन
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा। मसूद पेजेश्कियान ने ट्रंप पर पलटवार करते हुए ईरान को आतंकवादी देश कहे जाने वाला बयान खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान खुद आतंकवाद का शिकार रहा है। इसी के साथ उन्होंने अमेरिका और इस्राइल पर ईरानी क्षेत्र में हमले करने का आरोप लगाया।
पेजेश्कियान ने कहा, "कल अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमें आतंकवादी बताया। हम आतंकवाद के शिकार रहे हैं।" पेजेश्कियान ने अपने संबोधन के दौरान मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें भी दिखाईं। उन्होंने इन तस्वीरों के जरिए संघर्ष में मारे गए निर्दोष नागरिकों का मुद्दा उठाया। ईरानी राष्ट्रपति ने ईरानी नागरिकों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कब्रों और बच्चों समेत अन्य पीड़ितों की तस्वीरें दिखाईं।
मिनाब स्कूल पर हमले की दिखाई तस्वीरें
ईरानी राष्ट्रपति ने अपना पक्ष रखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के साथ ईरानी नागरिकों और संस्थानों पर हुए हमलों का भी जिक्र किया। पेजेश्कियान ने कहा, "मैं ऐसे ईरान से आता हूं, जहां हमारे सम्मानित सर्वोच्च नेता की बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या कारण के हत्या कर दी गई।"
विज्ञापन
उन्होंने कहा, "मैं ऐसे ईरान से आता हूं, जहां वास्तव में एक स्कूल पर बम गिराया गया। आप इन बच्चों को देख रहे हैं? ये बच्चे अमेरिका और इस्राइल द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों से किए गए बम हमलों में मारे गए।" उन्होंने कहा, "वे निर्दोष थे और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था।"
ईरानी हमलों को बताया पलटवार
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान ने अपना बचाव किया, लेकिन दावा किया कि उसकी सेना ने जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने से परहेज किया। उन्होंने कहा, "हमारे निर्दोष लोग हमारे देश पर थोपे गए कायराना हमलों का निशाना बने। हमने पूरी ताकत के साथ अपना बचाव किया।" पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान को अपने देश की रक्षा करने के लिए किसी की अनुमति या मंजूरी की जरूरत नहीं है।
पेजेश्कियान के संबोधन के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का एक अधिकारी संयुक्त राष्ट्र महासभा से बाहर निकल गया। जैसे ही ईरानी राष्ट्रपति ने अपना भाषण शुरू किया, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का अधिकारी अपनी जगह से उठा और बैठक से बाहर चला गया।
ईरान के बचाव के लिए नहीं चाहिए किसी की अनुमति : पेजेश्कियान
उन्होंने कहा कि ईरान ने 200 वर्षों से किसी पर हमला नहीं किया है, लेकिन अब हम पर क्षेत्र में अस्थिरता का स्रोत होने का आरोप लगाया जा रहा है और हमें आतंकवादी कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम हमला करने या आक्रामकता करने के लिए शक्ति हासिल नहीं करना चाहते। हम प्रगति के लिए ऊर्जा चाहते हैं, समाजों को हथियारों से धमकाने के लिए नहीं।"
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान की रक्षा प्रणालियों को इस तरह बनाया गया है कि कोई यह न सोच सके कि ईरानी शहरों पर बमबारी का कोई जवाब नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम इसे स्पष्ट रूप से कहते हैं: अपने देश की रक्षा करने के लिए हमें किसी की अनुमति या मंजूरी की जरूरत नहीं है।"
परमाणु हथियार बनाने को लेकर क्या बोले पेजेश्कियान?
ईरानी राष्ट्रपति ने एक बार फिर कहा कि उनका देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है। हालांकि, उन्होंने शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के इस्तेमाल के ईरान के अंतर्निहित अधिकार पर जोर दिया। पेजेश्कियान ने कहा, "हम अपना सिर नहीं झुकाएंगे और उस अधिकार को नहीं छोड़ेंगे, जो स्वाभाविक रूप से हमारा है।" उन्होंने कहा, "हम इसे स्पष्ट रूप से कहते हैं: न परमाणु हथियार और न ही शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक पर कोई प्रतिबंध।"
इस्राइल के पास परमाणु हथियार, फिर भी निरीक्षण नहीं : पेजेश्कियान
पेजेश्कियान ने कहा कि इस बात में स्पष्ट दोहरापन है कि इस्राइल के पास परमाणु हथियार हैं और वह परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता भी नहीं है, लेकिन निरीक्षकों को ईरान आने के लिए कहा जाता है। उन्होंने कहा, "इस्राइली हत्या करते हैं, हम पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, हमें सजा दी जाती है।"
उन्होंने आगे कहा, "इस्राइल ने गाजा में 70,000 से अधिक निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या की है, लेकिन ईरान, जब बातचीत की मेज पर था, तब उस पर बमबारी की गई।" पेजेश्कियान ने आगे इस्राइल पर एक असली आतंकवादी की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया।
पेजेश्कियान की दो टूक, बोले- ईरान कभी घुटने नहीं टेकेगा
पेजेश्कियान ने अपने संबोधन का अंत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेकर किया। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "उन्हें (ट्रंप) यह जानना चाहिए कि प्रतिबंधों, बढ़ते दबाव और बढ़ती धमकियों के सामने ईरानी लोगों का प्रतिरोध और बढ़ेगा।" उन्होंने कहा, "हम कभी अपना सिर नहीं झुकाएंगे और न ही घुटने टेकेंगे।" पेजेश्कियान ने कहा, "ट्रंप और उन लोगों को यह समझना होगा जो हमें धमकाना चाहते हैं कि हम ताकत की भाषा स्वीकार किए बिना बातचीत, कूटनीति और वार्ता के लिए तैयार हैं।"
विज्ञापन
पेजेश्कियान ने कहा, "कल अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमें आतंकवादी बताया। हम आतंकवाद के शिकार रहे हैं।" पेजेश्कियान ने अपने संबोधन के दौरान मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें भी दिखाईं। उन्होंने इन तस्वीरों के जरिए संघर्ष में मारे गए निर्दोष नागरिकों का मुद्दा उठाया। ईरानी राष्ट्रपति ने ईरानी नागरिकों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कब्रों और बच्चों समेत अन्य पीड़ितों की तस्वीरें दिखाईं।
विज्ञापन
मिनाब स्कूल पर हमले की दिखाई तस्वीरें
ईरानी राष्ट्रपति ने अपना पक्ष रखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के साथ ईरानी नागरिकों और संस्थानों पर हुए हमलों का भी जिक्र किया। पेजेश्कियान ने कहा, "मैं ऐसे ईरान से आता हूं, जहां हमारे सम्मानित सर्वोच्च नेता की बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या कारण के हत्या कर दी गई।"
विज्ञापन
उन्होंने कहा, "मैं ऐसे ईरान से आता हूं, जहां वास्तव में एक स्कूल पर बम गिराया गया। आप इन बच्चों को देख रहे हैं? ये बच्चे अमेरिका और इस्राइल द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों से किए गए बम हमलों में मारे गए।" उन्होंने कहा, "वे निर्दोष थे और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था।"
ईरानी हमलों को बताया पलटवार
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान ने अपना बचाव किया, लेकिन दावा किया कि उसकी सेना ने जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने से परहेज किया। उन्होंने कहा, "हमारे निर्दोष लोग हमारे देश पर थोपे गए कायराना हमलों का निशाना बने। हमने पूरी ताकत के साथ अपना बचाव किया।" पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान को अपने देश की रक्षा करने के लिए किसी की अनुमति या मंजूरी की जरूरत नहीं है।
पेजेश्कियान के संबोधन के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का एक अधिकारी संयुक्त राष्ट्र महासभा से बाहर निकल गया। जैसे ही ईरानी राष्ट्रपति ने अपना भाषण शुरू किया, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का अधिकारी अपनी जगह से उठा और बैठक से बाहर चला गया।
ईरान के बचाव के लिए नहीं चाहिए किसी की अनुमति : पेजेश्कियान
उन्होंने कहा कि ईरान ने 200 वर्षों से किसी पर हमला नहीं किया है, लेकिन अब हम पर क्षेत्र में अस्थिरता का स्रोत होने का आरोप लगाया जा रहा है और हमें आतंकवादी कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम हमला करने या आक्रामकता करने के लिए शक्ति हासिल नहीं करना चाहते। हम प्रगति के लिए ऊर्जा चाहते हैं, समाजों को हथियारों से धमकाने के लिए नहीं।"
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान की रक्षा प्रणालियों को इस तरह बनाया गया है कि कोई यह न सोच सके कि ईरानी शहरों पर बमबारी का कोई जवाब नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम इसे स्पष्ट रूप से कहते हैं: अपने देश की रक्षा करने के लिए हमें किसी की अनुमति या मंजूरी की जरूरत नहीं है।"
परमाणु हथियार बनाने को लेकर क्या बोले पेजेश्कियान?
ईरानी राष्ट्रपति ने एक बार फिर कहा कि उनका देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है। हालांकि, उन्होंने शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के इस्तेमाल के ईरान के अंतर्निहित अधिकार पर जोर दिया। पेजेश्कियान ने कहा, "हम अपना सिर नहीं झुकाएंगे और उस अधिकार को नहीं छोड़ेंगे, जो स्वाभाविक रूप से हमारा है।" उन्होंने कहा, "हम इसे स्पष्ट रूप से कहते हैं: न परमाणु हथियार और न ही शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक पर कोई प्रतिबंध।"
इस्राइल के पास परमाणु हथियार, फिर भी निरीक्षण नहीं : पेजेश्कियान
पेजेश्कियान ने कहा कि इस बात में स्पष्ट दोहरापन है कि इस्राइल के पास परमाणु हथियार हैं और वह परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता भी नहीं है, लेकिन निरीक्षकों को ईरान आने के लिए कहा जाता है। उन्होंने कहा, "इस्राइली हत्या करते हैं, हम पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, हमें सजा दी जाती है।"
उन्होंने आगे कहा, "इस्राइल ने गाजा में 70,000 से अधिक निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या की है, लेकिन ईरान, जब बातचीत की मेज पर था, तब उस पर बमबारी की गई।" पेजेश्कियान ने आगे इस्राइल पर एक असली आतंकवादी की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया।
पेजेश्कियान की दो टूक, बोले- ईरान कभी घुटने नहीं टेकेगा
पेजेश्कियान ने अपने संबोधन का अंत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेकर किया। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "उन्हें (ट्रंप) यह जानना चाहिए कि प्रतिबंधों, बढ़ते दबाव और बढ़ती धमकियों के सामने ईरानी लोगों का प्रतिरोध और बढ़ेगा।" उन्होंने कहा, "हम कभी अपना सिर नहीं झुकाएंगे और न ही घुटने टेकेंगे।" पेजेश्कियान ने कहा, "ट्रंप और उन लोगों को यह समझना होगा जो हमें धमकाना चाहते हैं कि हम ताकत की भाषा स्वीकार किए बिना बातचीत, कूटनीति और वार्ता के लिए तैयार हैं।"