{"_id":"687b7cc7096989e8250fff5e","slug":"many-palestinians-killed-trying-to-reach-us-group-s-food-distribution-sites-gaza-authorities-2025-07-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Israel-Palestine Conflict: गाजा में खाद्य वितरण केंद्र पर गोलीबारी, 50 फलस्तीनी मारे गए; मानवीय संकट बढ़ा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Israel-Palestine Conflict: गाजा में खाद्य वितरण केंद्र पर गोलीबारी, 50 फलस्तीनी मारे गए; मानवीय संकट बढ़ा
Sat, 19 Jul 2025 04:39 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दीर अल-बलाह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दीर अल-बलाह
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 19 Jul 2025 04:39 PM IST
सार
Israel-Palestine Conflict: गाजा में मानवीय संकट हर दिन के साथ गहराता जा रहा है, इसके साथ ही वहां हर दिन भूख, डर और मौत का नया किस्सा बन रहा है। गाजा में 20 लाख से ज्यादा लोग हैं जो भूख, बीमारी और बेघरी से जूझ रहे हैं। भोजन वितरण केंद्रों पर अक्सर अराजकता देखी जाती है। वहीं इस्राइल और हमास समर्थित संगठन एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गाजा पट्टी के दक्षिणी हिस्से में शनिवार को 50 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार ये सभी खाने के पैकेट के लिए जा रहे थे। वहीं अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, इस्राइली सेना ने भीड़ पर गोलियां चलाई, जिसमें कई लोग घायल भी हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, ये सभी फलस्तीनी गाजा मानवतावादी फाउंडेशन (जीएचएफ) नाम की संस्था की तरफ से चलाए जा रहे खाद्य वितरण केंद्रों की ओर जा रहे थे। यह संस्था अमेरिका और इस्राइल की मदद से मई महीने से गाजा में खाना बांट रही है।
क्या है जीएचएफ और विवाद क्या है?
जीएचएफ ने मई महीने में गाजा में काम शुरू किया था। इसका मकसद भूखे लोगों को खाना पहुंचाना है। अमेरिका और इस्राइल ने इस संस्था को इसलिए समर्थन दिया क्योंकि उनका आरोप है कि पारंपरिक यूएन आधारित राहत वितरण प्रणाली में हमास के आतंकी राशन चुरा लेते हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र इस आरोप को सिरे से खारिज करता है। जीएचएफ दावा करता है कि उसने लाखों खाने के पैकेट बांटे हैं, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सैंकड़ों लोग इन केंद्रों पर गोलीबारी में मारे जा चुके हैं।
यह भी पढ़ें - Peace Deal: स्थायी शांति की राह पर कांगो और रवांडा, विद्रोही गुटों ने संघर्ष रोकने और अंतिम समझौते पर सहमति दी
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है जीएचएफ और विवाद क्या है?
जीएचएफ ने मई महीने में गाजा में काम शुरू किया था। इसका मकसद भूखे लोगों को खाना पहुंचाना है। अमेरिका और इस्राइल ने इस संस्था को इसलिए समर्थन दिया क्योंकि उनका आरोप है कि पारंपरिक यूएन आधारित राहत वितरण प्रणाली में हमास के आतंकी राशन चुरा लेते हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र इस आरोप को सिरे से खारिज करता है। जीएचएफ दावा करता है कि उसने लाखों खाने के पैकेट बांटे हैं, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सैंकड़ों लोग इन केंद्रों पर गोलीबारी में मारे जा चुके हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Peace Deal: स्थायी शांति की राह पर कांगो और रवांडा, विद्रोही गुटों ने संघर्ष रोकने और अंतिम समझौते पर सहमति दी
विज्ञापन
दो जगहों पर गोलीबारी की वारदात
जानकारी के अनुसार, गोलीबारी की घटना मुख्य रूप से दो जगहों पर हुई। जिसमें पहली घटना तेइना इलाका, खान यूनिस शहर के पास हुई। इस दौरान लगभग तीन किलोमीटर दूर जीएचएफ के एक केंद्र की ओर सैकड़ों लोग पैदल चल रहे थे। गवाहों के अनुसार, पहले इस्राइली सेना ने चेतावनी में हवाई फायरिंग की, लेकिन बाद में सीधे लोगों पर गोलियां बरसा दीं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि, 'यह एक नरसंहार था… सैनिकों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।' एक अन्य गवाह ने बताया कि टैंकों और ड्रोन से भी गोलियां चलाई गईं। इसके बाद घायल लोगों को उठाकर नासर अस्पताल, खान यूनिस लाया गया, जहां 25 शव और 70 घायलों की पुष्टि हुई है। दूसरी घटना शकूश इलाका, रफा शहर के पास हुई। यहां भी जीएचएफ केंद्र के पास भीड़ पर गोलियां चलीं, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला भी थी। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार, गोलीबारी की घटना मुख्य रूप से दो जगहों पर हुई। जिसमें पहली घटना तेइना इलाका, खान यूनिस शहर के पास हुई। इस दौरान लगभग तीन किलोमीटर दूर जीएचएफ के एक केंद्र की ओर सैकड़ों लोग पैदल चल रहे थे। गवाहों के अनुसार, पहले इस्राइली सेना ने चेतावनी में हवाई फायरिंग की, लेकिन बाद में सीधे लोगों पर गोलियां बरसा दीं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि, 'यह एक नरसंहार था… सैनिकों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।' एक अन्य गवाह ने बताया कि टैंकों और ड्रोन से भी गोलियां चलाई गईं। इसके बाद घायल लोगों को उठाकर नासर अस्पताल, खान यूनिस लाया गया, जहां 25 शव और 70 घायलों की पुष्टि हुई है। दूसरी घटना शकूश इलाका, रफा शहर के पास हुई। यहां भी जीएचएफ केंद्र के पास भीड़ पर गोलियां चलीं, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला भी थी। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर
इस गोलीबारी के बारे में जानकारी देते हुए एक शख्स ने कहा, 'हमने चिल्लाकर कहा- खाना चाहिए, खाना! लेकिन उन्होंने हमसे बात नहीं की, सीधे गोलियां चलाईं।' एक जॉर्डन-फलस्तीनी व्यक्ति ने बताया कि उनका 19 साल का बेटा हिशाम भी मारा गया। उन्होंने जॉर्डन सरकार से अपील की कि उन्हें गाजा से निकालने में मदद करें।
यह भी पढ़ें - US- Venezuela Deal: अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बदले वेनेजुएला के प्रवासी लौटे, तीन देशों के बीच बड़ा समझौता
जीएचएफ और इस्राइली सेना की सफाई
जीएचफ ने कहा है कि उसके केंद्रों पर कोई गोलीबारी नहीं हुई, और अगर मौतें हुई हैं तो भगदड़ और हमास की तरफ से फैलाई अफवाहों के कारण हुईं। वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि वह केवल 'चेतावनी के तौर पर फायरिंग' करती है अगर भीड़ बहुत पास आ जाए। हालांकि, शनिवार की घटना पर सेना और GHF की ओर से कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है।
इस्राइल-हमास संघर्ष
7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 को बंधक बना लिया गया। जवाब में इस्राइल ने गाजा पर भीषण सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 58,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। पूरी गाजा पट्टी में लगभग सभी लोग विस्थापित हो चुके हैं, और बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह तबाह हैं।
इस गोलीबारी के बारे में जानकारी देते हुए एक शख्स ने कहा, 'हमने चिल्लाकर कहा- खाना चाहिए, खाना! लेकिन उन्होंने हमसे बात नहीं की, सीधे गोलियां चलाईं।' एक जॉर्डन-फलस्तीनी व्यक्ति ने बताया कि उनका 19 साल का बेटा हिशाम भी मारा गया। उन्होंने जॉर्डन सरकार से अपील की कि उन्हें गाजा से निकालने में मदद करें।
यह भी पढ़ें - US- Venezuela Deal: अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बदले वेनेजुएला के प्रवासी लौटे, तीन देशों के बीच बड़ा समझौता
जीएचएफ और इस्राइली सेना की सफाई
जीएचफ ने कहा है कि उसके केंद्रों पर कोई गोलीबारी नहीं हुई, और अगर मौतें हुई हैं तो भगदड़ और हमास की तरफ से फैलाई अफवाहों के कारण हुईं। वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि वह केवल 'चेतावनी के तौर पर फायरिंग' करती है अगर भीड़ बहुत पास आ जाए। हालांकि, शनिवार की घटना पर सेना और GHF की ओर से कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है।
इस्राइल-हमास संघर्ष
7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 को बंधक बना लिया गया। जवाब में इस्राइल ने गाजा पर भीषण सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 58,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। पूरी गाजा पट्टी में लगभग सभी लोग विस्थापित हो चुके हैं, और बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह तबाह हैं।