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पाक: साइबर कानून के तहत ईशनिंदा पर शिया शख्स को मिली पहली सजा

Sat, 19 Oct 2019 06:23 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: देव कश्यप Updated Sat, 19 Oct 2019 06:23 AM IST
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Man sentenced to five years in jail for blasphemy in Pakistan under new cyber crime law
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

पाकिस्तान की विशेष अदालत ने सोशल मीडिया पर ईशनिंदा से संबंधित सामग्री डालने के मामले में एक व्यक्ति को पांच साल की सजा सुनाई है। यह देश के नए साइबर आपराधिक कानून के तहत सजा सुनाए जाने का पहला मामला है।

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साइबर अपराध की विशेष अदालत ने अल्पसंख्यक शिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले साजिद अली को सजा सुनाई है। साजिद को 2017 में फेसबुक पर बेअदबी भरी, ईशनिंदा करने वाली और अपमानजनक सामग्री डालने के मामले में दोषी पाया गया। उसे इलेक्ट्रॉनिक अपराध रोकथाम अधिनियम, 2016 और पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 298ए के तहत सजा सुनाई गई। साजिद बहावलनगर के क्रिश्चियन तहसील का रहने वाला है।
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उसके खिलाफ स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। यह मामला बाद में संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) साइबर अपराध सर्किल लाहौर को सौंप दिया गया था। एफआईए साइबर अपराध के प्रमुख सरफराज चौधरी ने बताया कि पैगंबर मोहम्मद साहब के सहाबा (सहयोगी) के खिलाफ ईशनिंदा संबंधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में नए कानून के तहत सजा का यह पहला मामला है।

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12 लोगों ने दी थी गवाही

एफआईए के वकील मुनम बशीर चौधरी ने इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 12 गवाहों को पेश किया। इसमें एफआईए के असिस्टेंट डायरेक्टर नईम जफर भी शामिल थे, जिन्होंने अदालत में अपनी तकनीकी विश्लेषण रिपोर्ट सौंपी थी। एफआईए साइबर अपराध के प्रमुख सरफराज चौधरी ने कहा कि अदालत ने साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार को व्यापक स्तर पर अभियान चलाने निर्देश दिया है।

ईशनिंदा का काला इतिहास

पाकिस्तान में ईशनिंदा का काला इतिहास रहा है। अल्पसंख्यकों से निजी दुश्मनी निकालने के लिए इस कानून के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं। विश्व समुदाय इसको लेकर चिंता जताता रहा है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दस साल से जेल में बंद एक ईसाई महिला आसिया बीबी को ईशनिंदा के आरोपों से बरी कर दिया था। शीर्ष अदालत के इस फैसले का पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था और कई शहरों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। चार बच्चों की मां आसिया फिलहाल परिवार के साथ कनाडा में रह रही है। 

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