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Trump Vs Mamdani: ट्रंप को अभी भी 'फासीवादी और तानाशाह' मानते हैं ममदानी, व्हाइट हाउस में दिखा था अच्छा तालमेल
Mon, 24 Nov 2025 07:51 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 24 Nov 2025 07:51 AM IST
सार
Trump Vs Mamdani: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और न्यूयॉर्क के नवनर्विचित मेयर जोहरान ममदानी के बीच भले ही व्हाइट हाउस में अच्छे माहौल में बातचीत हुई, लेकिन राजनीतिक मतभेद नहीं खत्म हुए हैं। एक बार फिर जोहरान ममदानी ने ट्रंप को फासीवादी और तानाशाह करार दिया है।
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डोनाल्ड ट्रंप और जोहरान ममदानी
- फोटो : ANI
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विस्तार
बीते शुक्रवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी के बीच पहली मुलाकात तो सौहार्द भरी दिखी थी। लेकिन ममदानी अपने पुराने बयान से जरा भी पीछे नहीं हटते दिख रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि वे अब भी ट्रंप को 'फासीवादी और तानाशाह' मानते हैं।
यह भी पढ़ें - कॉप-30: न्यायसंगत जलवायु कार्रवाई के लिए भारत ने दोहराई प्रतिबद्धता, अगले सम्मेलन की तुर्किये करेगा मेजबानी
राजनीति में मतभेदों से भागना नहीं चाहिए- ममदानी
शनिवार को एक न्यूज चैनल से बातचीत में जोहरान ममदानी ने दोहराया कि चुनाव अभियान के दौरान दिए गए उनके तीखे बयान आज भी उसी तरह खरे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेदों से भागना नहीं चाहिए, लेकिन जनता के लिए काम करने के लिए बातचीत की जरूरत होती है। ममदानी ने आगे कहा कि 'मैं ओवल ऑफिस किसी के लिए नारे लगाने नहीं गया था। मैं गया था न्यूयॉर्कवासियों के लिए नतीजे लाने।'
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व्हाइट हाउस में दिखा था अच्छा तालमेल
इस मुलाकात के दौरान जब जोहरान ममदानी से पत्रकारों ने उनसे ट्रंप को 'फासीवादी' कहने वाले बयान पर सवाल किया तो उन्होंने इसे टालने की कोशिश की। फिर मौके पर ट्रंप ने हल्के अंदाज में ममदानी को चिढ़ाते हुए कहा, 'बस कह दो, हां कह दो।' ट्रंप ने कहा- 'कोई बात नहीं, हां कह देना आसान है।' इस पर दोनों हंस पड़े।
'महंगाई- न्यूयॉर्क की असल चिंता'
समाचार चैनल से बातचीत में जोहरान ममदानी ने बताया कि ब्रॉन्क्स और क्वींस के वे मतदाता, जिनमें ट्रंप समर्थक भी शामिल थे, सबसे ज्यादा महंगाई और बढ़ती लागत से परेशान थे। यही मुद्दा वे व्हाइट हाउस लेकर गए। उन्होंने ट्रंप को याद दिलाया कि राष्ट्रपति ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही लागत घटाने का वादा किया था।
ट्रंप और ममदानी के बीच नेशनल गार्ड पर चर्चा
ट्रंप पहले धमकी दे चुके थे कि वे न्यूयॉर्क में नेशनल गार्ड भेजेंगे। ममदानी ने कार्यक्रम में बताया कि इस मुद्दे पर भी बातचीत हुई, और उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि न्यूयॉर्क पुलिस विभाग शहर की सुरक्षा संभालने में सक्षम है। ट्रंप बाद में बोले- 'अगर जरूरत पड़ी तभी सैनिक भेजेंगे।' और मुलाकात को रचनात्मक बताया।
यह भी पढ़ें - G20: अमेरिकी विरोध व विवादों के बीच जी-20 सम्मेलन समाप्त, भारत का दिखा दबदबा
चुनाव में जमकर किए गए थे वार-पलटवार
चुनाव से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बार-बार ममदानी को 'कम्युनिस्ट' कहा था और धमकी दी थी कि उनके जीतने पर फेडरल फंड रोक दिए जाएंगे। उन्होंने ममदानी के प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू कुओमो का खुला समर्थन भी किया था। बावजूद इसके, व्हाइट हाउस में पहली मुलाकात अपेक्षा से कहीं ज्यादा सौहार्दपूर्ण रही।
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राजनीति में मतभेदों से भागना नहीं चाहिए- ममदानी
शनिवार को एक न्यूज चैनल से बातचीत में जोहरान ममदानी ने दोहराया कि चुनाव अभियान के दौरान दिए गए उनके तीखे बयान आज भी उसी तरह खरे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेदों से भागना नहीं चाहिए, लेकिन जनता के लिए काम करने के लिए बातचीत की जरूरत होती है। ममदानी ने आगे कहा कि 'मैं ओवल ऑफिस किसी के लिए नारे लगाने नहीं गया था। मैं गया था न्यूयॉर्कवासियों के लिए नतीजे लाने।'
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व्हाइट हाउस में दिखा था अच्छा तालमेल
इस मुलाकात के दौरान जब जोहरान ममदानी से पत्रकारों ने उनसे ट्रंप को 'फासीवादी' कहने वाले बयान पर सवाल किया तो उन्होंने इसे टालने की कोशिश की। फिर मौके पर ट्रंप ने हल्के अंदाज में ममदानी को चिढ़ाते हुए कहा, 'बस कह दो, हां कह दो।' ट्रंप ने कहा- 'कोई बात नहीं, हां कह देना आसान है।' इस पर दोनों हंस पड़े।
'महंगाई- न्यूयॉर्क की असल चिंता'
समाचार चैनल से बातचीत में जोहरान ममदानी ने बताया कि ब्रॉन्क्स और क्वींस के वे मतदाता, जिनमें ट्रंप समर्थक भी शामिल थे, सबसे ज्यादा महंगाई और बढ़ती लागत से परेशान थे। यही मुद्दा वे व्हाइट हाउस लेकर गए। उन्होंने ट्रंप को याद दिलाया कि राष्ट्रपति ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही लागत घटाने का वादा किया था।
ट्रंप और ममदानी के बीच नेशनल गार्ड पर चर्चा
ट्रंप पहले धमकी दे चुके थे कि वे न्यूयॉर्क में नेशनल गार्ड भेजेंगे। ममदानी ने कार्यक्रम में बताया कि इस मुद्दे पर भी बातचीत हुई, और उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि न्यूयॉर्क पुलिस विभाग शहर की सुरक्षा संभालने में सक्षम है। ट्रंप बाद में बोले- 'अगर जरूरत पड़ी तभी सैनिक भेजेंगे।' और मुलाकात को रचनात्मक बताया।
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चुनाव में जमकर किए गए थे वार-पलटवार
चुनाव से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बार-बार ममदानी को 'कम्युनिस्ट' कहा था और धमकी दी थी कि उनके जीतने पर फेडरल फंड रोक दिए जाएंगे। उन्होंने ममदानी के प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू कुओमो का खुला समर्थन भी किया था। बावजूद इसके, व्हाइट हाउस में पहली मुलाकात अपेक्षा से कहीं ज्यादा सौहार्दपूर्ण रही।