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मलयेशिया : पद संभालते ही प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी के सामने ध्रुवीकरण को खत्म करने की चुनौती
Sun, 22 Aug 2021 01:51 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, कुआलालंपुर
एजेंसी, कुआलालंपुर
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 22 Aug 2021 01:51 AM IST
सार
- प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद याकूब के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश में ध्रुवीकरण को खत्म
- महामारी के कारण लगातार बिगड़ते हालात के बीच अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की तैयारी
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इस्माइल साबरी याकूब
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
मलयेशिया में शनिवार को नए प्रधानमंत्री पद की शपथ के साथ ही इस्माइल साबरी याकूब की देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली पार्टी यूएमएनओ की सत्ता में वापसी हो चुकी है।
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प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद याकूब के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश में ध्रुवीकरण को खत्म करने और महामारी के कारण लगातार बिगड़ते हालात के बीच अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की होगी।
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प्रधानमंत्री मुहिउद्दीन यासीन के कार्यकाल में याकूब उपप्रधानमंत्री थे। गठबंधन में आपसी झगड़े के कारण बहुमत खो देने के बाद यासीन ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वे 18 महीने से भी कम समय तक इस पद पर रहे। मौजूदा पीएम याकूब को महज 114 सांसदों का समर्थन हासिल है।
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इसी सामान्य बहुमत के साथ मुहिद्दीन गठबंधन सत्ता में वापसी कर रहा है। मलयेशिया के नॉटिंघम विश्वविद्यालय में दक्षिण-पूर्व एशिया के विशेषज्ञ ब्रिगेट वेल्स ने कहा, देश को नया पीएम मिला है, लेकिन राजनीति और नेता दोनों पुराने हैं।
यह फिर से अतीत की ओर लौट रहा है। बता दें कि 2018 में यूएमएनओ पार्टी को वित्तीय घोटालों के चलते हटना पड़ा था। और अब इसके दोबारा सत्ता में आने पर याकूब के सामने ध्रुवीकृत समाज को एकजुट करने की सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।