भारत का बढ़ा गौरव: मेजर अभिलाषा बराक को मिला बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान; लेबनान में महिलाओं की मदद बनी मिसाल
Major Abhilasha Barak: लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के दौरान महिलाओं और किशोरियों के लिए शानदार काम करने पर भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को 2025 संयुक्त राष्ट्र सैन्य लिंग अधिवक्ता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वह यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाली तीसरी भारतीय अधिकारी बन गई हैं।
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#IndiaAtUN
Proud to announce that Major Abhilasha Barak has been awarded the 2025 @UN Military Gender Advocate of the Year Award.विज्ञापन विज्ञापन
She is serving with the Indian Battalion as the Commander of the Female Engagement Team (FET) in #UNIFIL. Major Abhilasha is also first woman combat… pic.twitter.com/FcAW3OFZul — India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) May 22, 2026
पहली महिला कॉम्बैट हेलिकॉप्टर पायलट भी हैं अभिलाषा
भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मेजर अभिलाषा बराक को महिलाओं और किशोरियों के साथ सामुदायिक जुड़ाव और शांति सैनिकों को जेंडर प्रशिक्षण देने के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलिकॉप्टर पायलट भी हैं। अब उन्हें 29 मई को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह दिन हर साल 'संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
The Embassy extends heartiest congratulations to Major Abhilasha Barak on being honored with the prestigious UN Gender Advocate of the Year Award 2025 by the United Nations.
— India in Lebanon (Embassy of India, Beirut) (@IndiaInLebanon) May 22, 2026
Major Barak served with distinction as the Female Engagement Team (FET) Commander of INDBATT-XXVI. pic.twitter.com/3iTH91bRcp
सम्मान पाने वाली तीसरी भारतीय अधिकारी बनी अभिलाषा
- भारत के लिए खास बात यह भी है कि इस सम्मान को पाने वाली अभिलाषा बराक तीसरी भारतीय अधिकारी बन गई हैं।
- इससे पहले मेजर सुमन गवानी को 2019 में और मेजर राधिका सेन को 2023 में यह पुरस्कार मिल चुका है।
- मेजर सुमन गवानी ने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान शानदार काम किया था, जबकि मेजर राधिका सेन ने कांगो में शांति मिशन में अपनी सेवाएं दी थीं।
- यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र के डिपार्टमेंट ऑफ पीस ऑपरेशंस द्वारा 2016 में शुरू किया गया था।
- इसका उद्देश्य उन शांति सैनिकों को सम्मानित करना है जो महिलाओं की सुरक्षा, समानता और शांति प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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शांति मिशनों में बड़ी भूमिका निभाता रहा है भारत
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में बड़ी भूमिका निभाता रहा है। फरवरी 2026 तक लेबनान में यूएनआईएफआईएल मिशन में भारत के 642 शांति सैनिक तैनात हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े योगदान देने वाले देशों में शामिल हैं। मार्च 2026 में भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की थी और सभी पक्षों से ब्लू हेलमेट सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी।