US: क्या ट्रंप अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक की दिशा बदल देंगे? केविन वार्श बने नए फेड चेयर, बढ़ीं दखल की चर्चाएं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को नए फेडरल रिजर्व चेयर के रूप में शपथ दिलाई। ट्रंप लंबे समय से ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहे थे और पूर्व चेयर जेरोम पॉवेल की आलोचना करते रहे थे। वार्श ने महंगाई नियंत्रण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने की बात कही। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में नए फेडरल रिजर्व चेयर केविन को शपथ दिलाई। इस नियुक्ति के साथ ही अमेरिका की आर्थिक नीति और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ट्रंप लंबे समय से ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहे थे और पूर्व फेड चेयर पावेल की आलोचना करते रहे थे। अब केविन वार्श के आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिकी केंद्रीय बैंक पर व्हाइट हाउस का प्रभाव बढ़ेगा।
आखिर ट्रंप और फेडरल रिजर्व के बीच टकराव क्यों बढ़ा?
फेडरल रिजर्व अमेरिका का केंद्रीय बैंक है, जो ब्याज दरें तय करता है और महंगाई को नियंत्रित करने का काम करता है। ट्रंप का मानना था कि अगर ब्याज दरें कम होंगी तो कारोबार बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लेकिन जेरोम पॉवेल ब्याज दरों में जल्द कटौती के पक्ष में नहीं थे। इसी वजह से ट्रंप कई महीनों तक उनकी आलोचना करते रहे।
युद्ध के कारण कैसे हालात हैं?
- ईरान युद्ध के कारण गैस की कीमतें बढ़ी हैं।
- वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।
- महंगाई को लेकर चिंता गहरी हुई है।
- ब्याज दरों को लेकर दबाव बढ़ा है।
केविन वार्श को लेकर ट्रंप ने क्या संदेश दिया?
व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में हुए शपथ ग्रहण समारोह के जरिए ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि वे वार्श की नियुक्ति से बेहद खुश हैं। ट्रंप ने कहा कि केविन वार्श अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत समझते हैं और वह फेड के महान चेयरमैन साबित हो सकते हैं।
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि फेड पूरी तरह स्वतंत्र रहे। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि मैं चाहता हूं कि केविन पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करें। लेकिन इसके तुरंत बाद ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के दौर में फेड की नीतियों की आलोचना भी कर दी। इससे विपक्ष और आर्थिक विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि क्या ट्रंप वास्तव में फेड को स्वतंत्र छोड़ेंगे।
केविन वार्श की आर्थिक सोच क्या है?
केविन वार्श पहले भी फेड की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। उनका मानना है कि कोरोना महामारी के बाद बहुत लंबे समय तक कम ब्याज दर रखने से अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ी। हालांकि हाल के समय में वह ब्याज दरें कम करने की मांग के प्रति कुछ नरम दिखे हैं।
बिंदुवार तरीके से वार्श का क्या मानना?
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उत्पादकता बढ़ेगी।
- अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ सकती है।
- महंगाई नियंत्रित रखते हुए विकास संभव है।
- कम ब्याज दरों से निवेश बढ़ सकता है।
क्या फेड की स्वतंत्रता अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है?
फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता हमेशा अमेरिकी आर्थिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। लेकिन ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस में शपथ समारोह आयोजित करना और बार-बार ब्याज दरों पर टिप्पणी करना नई चिंताओं को जन्म दे रहा है। ट्रंप प्रशासन ने पहले फेड के भवन नवीनीकरण को लेकर जांच भी शुरू करवाई थी, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा। अब कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में फेड पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है। हालांकि केविन वार्श ने अपने भाषण में भरोसा दिलाया कि वह महंगाई नियंत्रण, रोजगार और आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाकर काम करेंगे।