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Mahatma Gandhi: महात्मा गांधी ने जहां से शुरू की थी वकालत, अब उसी जगह उनकी प्रतिमा का हुआ अनावरण
Tue, 10 Oct 2023 01:48 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोहानेसबर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोहानेसबर्ग
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:48 PM IST
सार
साल 1990 तक यह जगह तबाह हो चुकी थी और यहां मौजूद मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे और यहां बड़ी-बड़ी घास उगी हुई थी। महात्मा गांधी रिमेंबरेंस ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष मोहन हीरा (84 वर्षीय) ने टॉलस्टॉय फार्म को फिर से पुनर्उद्धार किया।
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महात्मा गांधी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दक्षिण अफ्रीका के जोहानेसबर्ग में महात्मा गांधी की आठ फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया है। इस प्रतिमा का अनावरण टॉलस्टॉय फॉर्म में हुआ। गौरतलब है कि 20वीं सदी की शुरुआत में जोहानेसबर्ग की इसी जगह से महात्मा गांधी ने अपने वकालत के करियर की शुरुआत की थी। महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण दक्षिण अफ्रीका में भारत के राजदूत प्रभात कुमार ने किया।
टॉलस्टॉय फार्म में महात्मा गांधी ने बिताए पांच-छह साल
महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर भारतीय राजदूत प्रभात कुमार ने कहा कि यह प्रतिमा महात्मा गांधी के जीवन के उस समय की याद दिलाती है, जब वह दक्षिण अफ्रीका छोड़कर गए थे। यह टॉलस्टॉय फार्म के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जहां महात्मा गांधी पांच-छह साल रहे। बता दें कि महात्मा गांधी साल 1910 से लेकर 1914 के बीच टॉलस्टॉय फार्म इलाके में रहे थे।
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मोहन हीरा ने किया पुनर्उद्धार
साल 1990 तक यह जगह तबाह हो चुकी थी और यहां मौजूद मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे और यहां बड़ी-बड़ी घास उगी हुई थी। महात्मा गांधी रिमेंबरेंस ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष मोहन हीरा (84 वर्षीय) ने टॉलस्टॉय फार्म को फिर से पुनर्उद्धार किया। मोहन हीरा को उनके प्रयासों के लिए इस साल जनवरी में प्रवासी भारतीय अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। मोहन हीरा का कहना है कि अब महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के बाद उनकी अगली कोशिश इस जगह को आत्मनिर्भर बनाने की होगी ताकि यहां के लोग आत्मनिर्भर बनकर गरीबी से निकल सकें।
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टॉलस्टॉय फार्म में महात्मा गांधी ने बिताए पांच-छह साल
महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर भारतीय राजदूत प्रभात कुमार ने कहा कि यह प्रतिमा महात्मा गांधी के जीवन के उस समय की याद दिलाती है, जब वह दक्षिण अफ्रीका छोड़कर गए थे। यह टॉलस्टॉय फार्म के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जहां महात्मा गांधी पांच-छह साल रहे। बता दें कि महात्मा गांधी साल 1910 से लेकर 1914 के बीच टॉलस्टॉय फार्म इलाके में रहे थे।
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In continuation with Gandhi Jayanti celebrations, an event was organised at the Tolstoy Farm by the @indiainjoburg, in association with #MahatmaGandhiRemembranceOrganization (MGRO). On the occasion, High Commissioner Shri Prabhat Kumar unveiled the life-size statue of Gandhiji. pic.twitter.com/RTJCnfBeML
— India in Johannesburg (@indiainjoburg) October 9, 2023
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मोहन हीरा ने किया पुनर्उद्धार
साल 1990 तक यह जगह तबाह हो चुकी थी और यहां मौजूद मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे और यहां बड़ी-बड़ी घास उगी हुई थी। महात्मा गांधी रिमेंबरेंस ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष मोहन हीरा (84 वर्षीय) ने टॉलस्टॉय फार्म को फिर से पुनर्उद्धार किया। मोहन हीरा को उनके प्रयासों के लिए इस साल जनवरी में प्रवासी भारतीय अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। मोहन हीरा का कहना है कि अब महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के बाद उनकी अगली कोशिश इस जगह को आत्मनिर्भर बनाने की होगी ताकि यहां के लोग आत्मनिर्भर बनकर गरीबी से निकल सकें।