फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra assembly Uddhav MLA bhaskar jadhav create ruckus accuse speaker biase Shinde reply

महाराष्ट्र: विधानसभा में उद्धव के विधायकों का हंगामा, शिंदे के जवाब को लेकर स्पीकर पर लगाया पक्षपात का आरोप

Thu, 17 Jul 2025 04:52 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 17 Jul 2025 04:52 PM IST
सार

महाराष्ट्र विधानसभा में ‘राइट टू रिप्लाई’ को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर पक्षपात का आरोप लगाया। उपमुख्यमंत्री शिंदे के जवाब पर विपक्ष बोलना चाहता था, लेकिन अनुमति न मिलने पर सदन स्थगित हो गया।

विज्ञापन
Maharashtra assembly Uddhav MLA bhaskar jadhav create ruckus accuse speaker biase Shinde reply
एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम, महाराष् - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।पूरा मामला ‘राइट टू रिप्लाई’ यानी जवाब देने के अधिकार को लेकर था, जिस पर शिवसेना (यूबीटी) के विधायक भास्कर जाधव ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया।
विज्ञापन


पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा नियम 293 के तहत चल रही बहस का जवाब दिया। इस नियम के तहत सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। जैसे ही शिंदे ने अपना जवाब पूरा किया, शिवसेना (यूबीटी) के विधायक भास्कर जाधव खड़े हो गए और जवाब का जवाब देने की मांग की।
विज्ञापन


‘राइट टू रिप्लाई’ को लेकर विपक्ष और अध्यक्ष में टकराव
भास्कर जाधव ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि उन्हें भी शिंदे के जवाब पर प्रतिक्रिया देने का अधिकार मिलना चाहिए। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि यह अधिकार केवल उसी सदस्य को होता है जिसने बहस की शुरुआत की हो। चूंकि आदित्य ठाकरे उस समय सदन में मौजूद नहीं थे, इसलिए जाधव को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस पर भास्कर जाधव ने नाराजगी जताई, जिससे सत्ता पक्ष की शिवसेना के सदस्य विरोध में खड़े हो गए। हंगामे की स्थिति बनने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हंगामे के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
सदन दोबारा शुरू होने पर मंत्री शंभुराज देसाई ने जाधव और ठाकरे पर ‘कुर्सी’ और सत्ता पक्ष की ओर इशारे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने भी कहा कि भास्कर जाधव ने खुद को निलंबित करने की चुनौती दी थी, जो सदन की गरिमा के खिलाफ है। वहीं विपक्ष के नेता अजॉय चौधरी ने कहा कि बहस शुरू करने वाले सदस्य कुछ समय के लिए बाहर गए थे, ऐसे में दूसरे सदस्य को बोलने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सरकार की प्रतिक्रिया पर जवाब देने का अधिकार है।

ये भी पढ़ें- 'निमिषा प्रिया की मदद के लिए सरकार कर रही सभी प्रयास', नाटो प्रमुख के बयान पर भी बोला विदेश मंत्रालय

जवाब देना तभी संभव जब सदस्य मौजूद हो- स्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर ने स्पष्ट किया कि सदन की प्रक्रिया का अपमान करना, पूरी विधानसभा का अपमान है। उन्होंने कहा कि वह आदित्य ठाकरे को जवाब देने का अधिकार देने को तैयार हैं, बशर्ते वे सदन में उपस्थित हों। इसके बाद भास्कर जाधव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्पीकर ने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया और उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष विपक्ष के अधिकारों की रक्षा नहीं कर रहे हैं और वे सरकार का हिस्सा बनकर व्यवहार कर रहे हैं।


ये भी पढ़ें- असम में NIA ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, स्वतंत्रता दिवस पर IED ब्लास्ट की साजिश में थे शामिल

शिंदे का जवाब अधूरा- भास्कर जाधव
जाधव ने कहा कि उपमुख्यमंत्री को पूरे राज्य से जुड़े मुद्दों का जवाब देना था, लेकिन उन्होंने केवल मुंबई से जुड़ी बातों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि ठाणे, परभणी, शिक्षा, आंगनवाड़ी, पानी और स्वच्छता जैसे कई अहम मुद्दों को शिंदे ने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने शिंदे के भाषण कोनझूठ और भ्रामकनबताते हुए कहा कि सरकार की जबावदेही तय करने के लिए विपक्ष का बोलना जरूरी होता है। लेकिन जब उन्हें बोलने नहीं दिया गया, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

स्पीकर अब सत्ता पक्ष के पक्षधर- विपक्ष का आरोप
जाधव ने आरोप लगाया कि स्पीकर अब खुद को सदन के तटस्थ संरक्षक की बजाय सरकार का हिस्सा समझते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की भूमिका निष्पक्षता की होनी चाहिए, लेकिन वे विपक्ष को बोलने का समान अवसर नहीं दे रहे हैं। विधानसभा में यह घटनाक्रम दिखाता है कि सत्ता और विपक्ष के बीच अब सिर्फ विचारों का मतभेद नहीं, बल्कि प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा टकराव बनता जा रहा है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed