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Nepal: नेपाल के मधेस प्रांत में मधेसी पार्टियों का होगा कड़ा इम्तिहान, बिहार से है खास नाता
Sun, 21 Aug 2022 05:12 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलंबो
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 21 Aug 2022 05:12 PM IST
सार
इस वर्ष मई में हुए स्थानीय चुनावों में नेपाली कांग्रेस मधेस प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। 136 स्थानीय इकाइयों में से वह 46 में जीतने में सफल रही। यूएमएल को 30, जनता समाजवादी पार्टी को 25 और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को 14 इकाइयों में जीत मिली। नौ इकाइयों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) विजयी रही।
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नेपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नेपाल में आम चुनाव की बढ़ रही सरगर्मी के बीच मधेसी पार्टियां कठिन चुनौतियों का सामना कर रही हैं। मधेस इलाके में आधार रखने वाली दो प्रमुख पार्टियों के सामने चुनौती अपने प्रदर्शन में सुधार की है। एक समय उस इलाके में इन पार्टियों का दबदबा था। मधेस इलाके की आबादी में बहुसंख्या उन लोगों की है, जिनके खानदानी या पारिवारिक संबंध बिहार के लोगों से रहे हैं।
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मधेस इलाके का एक प्रमुख दल जनता समाजवादी पार्टी है। फिलहाल, वह नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल है। ऐसी चर्चा है कि ये पार्टी सत्ताधारी गठबंधन को छोड़ कर प्रमुख विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) से हाथ मिलाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उधर, एक दूसरी मधेसी दल लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी सत्ताधारी गठबंधन में शामिल होने पर विचार कर रही है। बताया जाता है कि नेपाली कांग्रेस इस पार्टी को अपने गठबंधन में लाने की इच्छुक है।
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लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के नेता केशव झा ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी मई में हुए स्थानीय चुनावों में अकेले अपने दम पर उतरी थी। अभी भी उसका किसी दल से गठजोड़ करने का इरादा नहीं है। उन्होंने इस बात का खंडन नहीं किया कि पार्टी के अंदर कुछ नेता सत्ताधारी गठबंधन में शामिल होने की वकालत कर रहे हैं।
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नेपाल में अगले 20 नवंबर को संघीय संसद के अलावा सात राज्यों की प्रांतीय असेंबलियों के भी मतदान होगा। मधेस प्रांत की असेंबली में 107 सीटें हैं। वहां से संघीय संसद के लिए 32 सदस्य चुने जाते हैं। माना जाता है कि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी का मधेस प्रदेश में अच्छा प्रभाव है। इसलिए नेपाली कांग्रेस उससे गठजोड़ की कोशिश में है। लेकिन पार्टी के एक खेमे की राय है कि इस पार्टी के आने के बाद चुनाव लड़ने के लिए सीटों के बंटवारे का मुद्दा और उलझ जाएगा। अभी ही गठबंधन के पांच दलों के बीच इस सवाल पर जोरदार खींचतान चल रही है।
इस वर्ष मई में हुए स्थानीय चुनावों में नेपाली कांग्रेस मधेस प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। 136 स्थानीय इकाइयों में से वह 46 में जीतने में सफल रही। यूएमएल को 30, जनता समाजवादी पार्टी को 25 और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को 14 इकाइयों में जीत मिली। नौ इकाइयों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) विजयी रही। नेपाली संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में फिलहाल मधेस प्रांत से जनता समाजवादी पार्टी के 17 और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के 13 सदस्य हैं।
हाल के घटनाक्रम से जनता समाजवादी पार्टी के कमजोर पड़ने की संभावना है। पार्टी के दो बड़े नेता पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई और महिंद्र राय यादव कुछ समय पहले पार्टी से अलग हो गए और उन्होंने नेपाल समाजवादी पार्टी नाम से अलग दल बना लिया। इसके बावजूद जनता समाजवादी पार्टी का दावा है कि मधेस प्रांत में उसका समर्थन बढ़ा है। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने भी दावा किया है कि उसकी स्थिति उतनी कमजोर नहीं है, जितनी मीडिया में चर्चा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक अगले चुनाव में इन दावों की परीक्षा होगी। चुनाव में दोनों पार्टियों के सामने चुनौती अपने दावों को सही साबित करने होगी।