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Nepali Parliament: नेपाली संसद पर ढीली हुई वामपंथी पकड़, चीन को बड़ा कूटनीतिक झटका
Sat, 17 Dec 2022 06:45 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, काठमांडो।
अमर उजाला ब्यूरो, काठमांडो।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 17 Dec 2022 06:45 AM IST
सार
एक रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में हुआ ये बदलाव चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका है, क्योंकि देउबा के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत काठमांडो में शक्ति समीकरणों का झुकाव अब चीन के बजाय भारत की तरफ होगा।
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KP sharma Oli and Pushp Kamal Dahal
- फोटो : Twitter
विस्तार
नेपाल के दो प्रमुख वामपंथी नेताओं के दलों को चुनावों में मिली हार से नेपाली संसद पर चीन की पकड़ ढीली होगी। चुनावों में पूर्व नेपाल के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों (केपी शर्मा ओली व पुष्प कमल दहल प्रचंड) वाली नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के खराब प्रदर्शन से नए सत्ताधारी गठबंधन को भी राहत मिलेगी।
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एक रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में हुआ ये बदलाव चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका है, क्योंकि देउबा के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत काठमांडो में शक्ति समीकरणों का झुकाव अब चीन के बजाय भारत की तरफ होगा। देउबा को अमेरिका का विश्वस्त भी माना जाता है।
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उन्होंने अमेरिका के साथ मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन समझौते को आगे बढ़ाने के लिए वामपंथी दलों से कड़ी टक्कर ली थी। इसके अलावा नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली पांच-दलीय गठबंधन सरकार का जुलाई 2021 में गठन के बाद से चीन के साथ सीमित जुड़ाव रहा है। दूसरी तरफ बिना चर्चा के सीमा पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाने को लेकर चीन पहले ही देउबा सरकार से नाराज है। चुनावों में नेपाली कांग्रेस 53 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। वहीं, विपक्षी कम्युनिस्ट पार्टी को 42 सीटें मिली हैं।
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- केपी शर्मा ओली-पुष्प कमल दहल की हार से नेपाल में घटेगा चीन का दखल
मोटे अनाज पर नेपाल-भारत कृषि बैठक आयोजित : भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को काठमांडो में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के सहयोग से कृषि बैठक आयोजित की।