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Lockdown: जिम्बाब्वे में सुरक्षा गार्डों ने सुनाई आपबीती, कहा- अकेलापन बढ़ा रहा है मानसिक तनाव

Sun, 07 Jun 2020 04:44 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 07 Jun 2020 04:44 AM IST
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Lockdown in Zimbabwe security guards facing loneliness
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

लॉकडाउन में जिम्बाब्वे में गस्त लगा रहे सुरक्षा गार्ड अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं। इस अकेलेपन को दूर करने के लिए वे अजीबोगरीब तरीके अपनाने को मजबूर हो रहे हैं। एटीएम की देखभाल में लगे एक सुरक्षा गार्ड ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि अकेलेपन को दूर करने के लिए वह लगातार उस कैश मशीन से बात करता है जिसकी वह सुरक्षा करता है जबकि वह जानता है कि उसे वापस जवाब नहीं  मिलेगा।

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वहीं एक और गार्ड ने बताया कि रात भर वह बंद नाइट क्लब की दीवारों पर अर्ध-नग्न महिलाओं की तस्वीरों को घूरकर समय व्यतित करता है। इन सब से मन भरने के बाद वह चूहों और बिल्लियों के बाहर आने इंतजार करता है ताकि इनसे भी कुछ मनोरंजन हो सके।
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जिम्बाब्वे में सुरक्षा गार्ड अक्सर चुनौतियों का सामना करते हैं और इसके एवज में उन्हें बहुत कम वेतन मिलता है। लेकिन फिर भी इस लॉकडाउन में वे खुद को उन भाग्यशाली लोगों में से एक के रूप में गिन रहे हैं जिनकी नौकरी बची हुई है और वेतन भी सही समय पर मिल रहा है।  
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लेकिन कई सुरक्षा गार्डों को अब अपनी मानसिक स्थिति बिगड़ने का डर लग रहा है क्योंकि अकेलापन उनके दिमाग पर बुरा असर डाल रहा है।

एक सुरक्षा गार्ड पैट्रिक रंडे के अनुसार वह शाम के 6 बजे से अपनी नाइट शिफ्ट शुरू करते हैं। इस दौरान राजधानी हरारे लगभग सुनसान  हो जाता है और अगले 12 घंटों के लिए उनके पास बात करने के लिए कोई नहीं होता है। लॉकडाउन से पहले वह नाइटक्लब के लाउड म्यूजिक और कंपनी के कर्मचारियों से बात कर समय बिताता था लेकिन अब यह सब बंद हो गया है।

उसने कहा कि खाने के लिए खाली डिब्बे खोजने के लिए बिल्लियाँ और चूहे पहले से ज्यादा निकल रहे हैं। वे मेरे दोस्त बन गए हैं जो  रात में मेरा मनोरंजन करते हैं।  राजधानी के बाहरी इलाके में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एक गार्ड पैटसन चिमायर ने कहा कि यह दुनिया की सबसे अकेली नौकरियों में से एक है। अभी हम शायद ही किसी ट्रैफिक या किसी नाइट क्लब से आने वाले कुछ संगीत की आवाज सुन पाते हैं। मैं खुद से या एटीएम जैसी चीजों से बात करने लगता हूं।

पैटसन ने आगे बताया कि लोगों को सुरक्षा की आवश्यकता है और हम उन्हें और उनके परिसर की सुरक्षा के लिए हैं। ज्यादातर लोगों के काम से दूर होने के कारण हमारी नौकरियां और अधिक आवश्यक हो गई हैं।


थकावट और अकेलेपन के बावजूद, पैटसन ने कहा कि वह नियमित आय के साथ रोजगार पाने के लिए आभारी है। बता दें कि जिम्बाब्वे में बेरोजगारी व्याप्त है, जहां देश के 60 फीसदी लोग अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हैं।जैसे कि सड़क पर सामान बेचना और यह अभी लॉकडाउन नियमों के तहत प्रतिबंधित है। बड़ी संख्या में लोग आय की कमी के कारण मेज पर खाना लगाने के लिए  मजबूर हो रहे हैं।

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