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Kuwait Tragedy: मंगफ हादसे के बाद जागी कुवैत की सरकार, अवैध संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की शुरू
Sat, 15 Jun 2024 05:30 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुवैत सिटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुवैत सिटी
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 15 Jun 2024 05:30 PM IST
सार
अरब टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत नगर पालिका ने अवैध संपत्ति विस्तार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिससे भविष्य में मंगफ जैसी आपदाओं को रोका जा सके।
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कुवैत में इमारत में लगी भीषण आग
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कुवैत में मंगफ त्रासदी के बाद कुवैत की सरकार अवैध संपत्तियों में विस्तार पर सख्ती करने की तैयारी कर रही है। बुधवार को कवैत के दक्षिणी प्रांत के मंगफ में एक इमारत में आग लगने से 50 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 46 लोग भारतीय थे। इमारत में आग लगने के समय सभी लोग सो रहे थे और अधिकतर की मौत धुएं के कारण हुईं। इमारत में 196 प्रवासी कामगार रहते थे, जिनमें से अधिकतर भारतीय थे।
कुवैत नगर पालिका ने शुरू की कार्रवाई
मंगफ त्रासदी के बाद मकान मालिक और कंपनी मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है। साथ ही कवैत की सरकार उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जो लागत कम करने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी मजदूरों को बेहद असुरक्षित परिस्थितियों में रखते हैं और कानून का उल्लंघन करते हैं। अरब टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत नगर पालिका ने अवैध संपत्ति विस्तार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिससे भविष्य में मंगफ जैसी आपदाओं को रोका जा सके।
अवैध संपत्ति विस्तार, कुवैत में बड़ा मुद्दा
कुवैत में संपत्तियों में अवैध रूपांतरण एक व्यापक मुद्दा रहा है। जहां बेसमेंट पार्किंग की जगह को गोदामों में बदल दिया गया है। वहीं भूतल पर मौजूद खाली जगहों को आवास इकाइयों और दुकानों में बदल दिया गया है। यह सब अतिरिक्त आय की तलाश में किया गया है। ये बदलाव अक्सर बिना किसी मंजूरी के होते हैं और इससे इमारतों की सुरक्षा और अखंडता से समझौता होता है। शुक्रवार को कुवैत स्थित भारतीय दूतावास की एक टीम ने उन अस्पतालों का दौरा किया, जिनमें मंगफ त्रासदी में घायल हुए 25 भारतीयों का इलाज चल रहा है।
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गार्ड रूम से पूरी इमारत में फैली थी आग
घायल मरीज अपने परिजनों के संपर्क में हैं। वहीं मंगफ हादसे की जांच जारी है। जांच में पता चला है कि इमारत में भूतल पर मौजूद गार्ड रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी, जो पूरी इमारत में फैल गई। घटना के समय इमारत में 196 में से 179 कर्मचारी थे, जिनमें अधिकतर भारतीय थे। आग लगने के बाद कई पीड़ितों ने सीढ़ियों से नीचे भागने की कोशिश की, लेकिन धुएं में दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पीड़ित छत पर भी नहीं जा सके क्योंकि ऊपर का दरवाजा बंद था। यही वजह रही कि हादसे में मरने वालों का आंकड़ा इतना ज्यादा रहा। जिस कंपनी में प्रवासी कामगार काम करते थे, उसने भी घटना पर दुख जताया है और पीड़ितों के लिए मुआवजे का एलान किया है। कुवैत में रहने वाले केरल के व्यवसायी के जी अब्राहम कंपनी में भागीदार और प्रबंध निदेशक हैं।
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कुवैत नगर पालिका ने शुरू की कार्रवाई
मंगफ त्रासदी के बाद मकान मालिक और कंपनी मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है। साथ ही कवैत की सरकार उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जो लागत कम करने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी मजदूरों को बेहद असुरक्षित परिस्थितियों में रखते हैं और कानून का उल्लंघन करते हैं। अरब टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत नगर पालिका ने अवैध संपत्ति विस्तार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिससे भविष्य में मंगफ जैसी आपदाओं को रोका जा सके।
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अवैध संपत्ति विस्तार, कुवैत में बड़ा मुद्दा
कुवैत में संपत्तियों में अवैध रूपांतरण एक व्यापक मुद्दा रहा है। जहां बेसमेंट पार्किंग की जगह को गोदामों में बदल दिया गया है। वहीं भूतल पर मौजूद खाली जगहों को आवास इकाइयों और दुकानों में बदल दिया गया है। यह सब अतिरिक्त आय की तलाश में किया गया है। ये बदलाव अक्सर बिना किसी मंजूरी के होते हैं और इससे इमारतों की सुरक्षा और अखंडता से समझौता होता है। शुक्रवार को कुवैत स्थित भारतीय दूतावास की एक टीम ने उन अस्पतालों का दौरा किया, जिनमें मंगफ त्रासदी में घायल हुए 25 भारतीयों का इलाज चल रहा है।
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गार्ड रूम से पूरी इमारत में फैली थी आग
घायल मरीज अपने परिजनों के संपर्क में हैं। वहीं मंगफ हादसे की जांच जारी है। जांच में पता चला है कि इमारत में भूतल पर मौजूद गार्ड रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी, जो पूरी इमारत में फैल गई। घटना के समय इमारत में 196 में से 179 कर्मचारी थे, जिनमें अधिकतर भारतीय थे। आग लगने के बाद कई पीड़ितों ने सीढ़ियों से नीचे भागने की कोशिश की, लेकिन धुएं में दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पीड़ित छत पर भी नहीं जा सके क्योंकि ऊपर का दरवाजा बंद था। यही वजह रही कि हादसे में मरने वालों का आंकड़ा इतना ज्यादा रहा। जिस कंपनी में प्रवासी कामगार काम करते थे, उसने भी घटना पर दुख जताया है और पीड़ितों के लिए मुआवजे का एलान किया है। कुवैत में रहने वाले केरल के व्यवसायी के जी अब्राहम कंपनी में भागीदार और प्रबंध निदेशक हैं।