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परमाणु हथियार समझौता: 'संधि के विस्तार को लेकर उम्मीद बढ़ गई..', क्रेमलिन ने ट्रंप के जवाब का किया स्वागत
Mon, 06 Oct 2025 11:13 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 06 Oct 2025 11:13 PM IST
सार
Russia: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ न्यू स्टार्ट परमाणु समझौते को एक साल और बढ़ाने की पेशकश की, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने 'अच्छा विचार' बताया। क्रेमलिन ने ट्रंप की प्रतिक्रिया का स्वागत किया और कहा कि इससे संधि को आगे बढ़ाने की उम्मीद बढ़ी है।
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व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
क्रेमलिन ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने रूस द्वारा अमेरिका के साथ आखिरी बची परमाणु हथियार संधि को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। रूस ने कहा कि इससे फरवरी में समाप्त होने के बाद भी इस संधि को जारी रखने की उम्मीद बढ़ गई है।
पिछले महीने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वो अमेरिका के साथ की गई 2010 की न्यू स्टार्ट परमाणु संधि को एक साल और मानने के लिए तैयार हैं। इस संधि में तय किया गया था कि दोनों देश एक सीमा से ज्यादा परमाणु हथियारों को नहीं बनाएंगे। पुतिन ने अमेरिका से भी कहा कि वह भी ऐसा ही करे। जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया- मुझे यह विचार अच्छा लग रहा है।
ये भी पढ़ें: फ्रांस का सियासी संकट: मैक्रों ने 2022 से अबतक बदले पांच प्रधानमंत्री, अब राष्ट्रपति के पास हैं ये तीन विकल्प
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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ट्रंप के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिका राष्ट्रपति पुतिन की पहल का समर्थन करेगा। इस संधि को बढ़ाने का प्रस्ताव देते हुए पुतिन ने कहा था कि अगर यह संधि खत्म हो गई तो इससे दुनिया में अस्थिरता बढ़ सकती है और परमाणु हथियारों का फैलाव भी हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु हथियारों की सीमा बनाए रखना अमेरिका के साथ गंभीर और रणनीतिक बातचीत का माहौल तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है।
पुतिन ने गुरुवार को अपनी पेशकश को दोहराया और कहा कि रूस और अमेरिका इस संधि के एक साल के विस्तार का इस्तेमाल एक नए समझौते पर काम करने के लिए कर सकते हैं। पुतिन ने कहा कि ऐसा नया समझौता करना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसमें कई पेचिदा बातें शामिल होंगी। उन्होंने समझाया कि इसमें उन परमाणु हथियारों पर भी बात करनी होगी जो सीधे जंग के मैदान में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, साथ ही उन भविष्य की हथियार प्रणाली पर भी चर्चा होगी, जिन्हें रूस ने तैयार किया है या कर रहा है।
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पिछले महीने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वो अमेरिका के साथ की गई 2010 की न्यू स्टार्ट परमाणु संधि को एक साल और मानने के लिए तैयार हैं। इस संधि में तय किया गया था कि दोनों देश एक सीमा से ज्यादा परमाणु हथियारों को नहीं बनाएंगे। पुतिन ने अमेरिका से भी कहा कि वह भी ऐसा ही करे। जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया- मुझे यह विचार अच्छा लग रहा है।
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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ट्रंप के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिका राष्ट्रपति पुतिन की पहल का समर्थन करेगा। इस संधि को बढ़ाने का प्रस्ताव देते हुए पुतिन ने कहा था कि अगर यह संधि खत्म हो गई तो इससे दुनिया में अस्थिरता बढ़ सकती है और परमाणु हथियारों का फैलाव भी हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु हथियारों की सीमा बनाए रखना अमेरिका के साथ गंभीर और रणनीतिक बातचीत का माहौल तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है।
पुतिन ने गुरुवार को अपनी पेशकश को दोहराया और कहा कि रूस और अमेरिका इस संधि के एक साल के विस्तार का इस्तेमाल एक नए समझौते पर काम करने के लिए कर सकते हैं। पुतिन ने कहा कि ऐसा नया समझौता करना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसमें कई पेचिदा बातें शामिल होंगी। उन्होंने समझाया कि इसमें उन परमाणु हथियारों पर भी बात करनी होगी जो सीधे जंग के मैदान में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, साथ ही उन भविष्य की हथियार प्रणाली पर भी चर्चा होगी, जिन्हें रूस ने तैयार किया है या कर रहा है।
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