{"_id":"5e2258348ebc3e4b2c33de66","slug":"khagendra-thapa-magar-once-world-shortest-man-dies-at-27-years-in-nepal","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनिया के सबसे छोटे व्यक्ति का खिताब जीतने वाले खगेंद्र थापा मागर की मौत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
दुनिया के सबसे छोटे व्यक्ति का खिताब जीतने वाले खगेंद्र थापा मागर की मौत
Sat, 18 Jan 2020 06:28 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 18 Jan 2020 06:28 AM IST
विज्ञापन
खगेंद्र थापा मागर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुनिया के सबसे छोटे व्यक्ति का खिताब जीतने वाले नेपाल के खगेंद्र थापा मागर की 27 साल की उम्र में मौत हो गई। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल होने वाले थापा के परिवार ने शुक्रवार को सूचना दी कि नेपाल के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया। थापा 67.08 सेंटीमीटर (2 फीट 2.41 इंच) लंबे थे।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल की राजनाधी काठमांडो से 200 किलोमीटर दूर पोखरा के एक अस्पताल में निमोनिया की वजह से खगेंद्र थापा की मृत्यु हो गई। वहां वह अपने माता-पिता के साथ रहते थे। खगेंद्र थापा के भाई महेश थापा ने बताया कि निमोनिया के कारण उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन इस बार उनका दिल भी प्रभावित हुआ था। जिसकी वजह से उनका निधन हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मागर को पहली बार 2010 में उनके 18 वें जन्मदिन के बाद दुनिया का सबसे छोटा आदमी घोषित किया गया था। हालांकि, उन्होंने नेपाल के ही चंद्र बहादुर डांगी की वजह से यह खिताब खो दिया। डांगी 54.6 सेंटीमीटर के थे। उनको दुनिया का सबसे छोटा मोबाइल आदमी कहा जाता है।
2015 में चंद्र बहादुर की मौत के बाद खगेंद्र थापा मागर एक बार फिर से दुनिया के सबसे छोटे आदमी बन गए। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार खगेंद्र थापा के पिता रूप बहादुर ने कहा था कि जब वह पैदा हुआ था तब बहुत छोटा था। वह हाथ की हथेली में आराम से आ सकता था।
उनके पिता ने कहा था कि उसे नहलाना बहुत मुश्किल था क्योंकि वह बहुत ज्यादा छोटा था। दुनिया के सबसे छोटे आदमी के रूप में 27 वर्षीय थापा ने एक दर्जन से अधिक देशों की यात्रा की। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रधान संपादक क्रेग ग्लेनडे ने कहा, हम नेपाल से यह खबर सुनकर बहुत दुखी हैं कि खगेंद्र अब हमारे साथ नहीं हैं।