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Bangladesh: 'जॉय बांग्ला' अब नहीं होगा बांग्लादेश का राष्ट्रीय नारा; सुप्रीम कोर्ट की हाईकोर्ट के फैसले पर रोक

Thu, 12 Dec 2024 02:57 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: बशु जैन Updated Thu, 12 Dec 2024 02:57 PM IST
सार

उच्च न्यायालय ने 10 मार्च 2020 को 'जॉय बांग्ला' को देश का राष्ट्रीय नारा घोषित किया था। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दो दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में अपील याचिका दायर की थी। इस पर मुख्य न्यायाधीश सैयद रेफात अहमद की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने आदेश पारित किया।

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Joy Bangla will no longer be the national slogan of Bangladesh; Supreme Court's stay on High Court's decision
बांग्लादेश में प्रदर्शन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

'जॉय बांग्ला' अब बांग्लादेश का राष्ट्रीय नारा नहीं होगा। बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। बांग्लादेश हाईकोर्ट ने एक आदेश में बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के लोकप्रिय जॉय बांग्ला को देश का राष्ट्रीय नारा घोषित किया था।

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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हाईकोर्ट के 10 मार्च 2020 के फैसले के खिलाफ दो दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में अपील याचिका दायर की थी। मामले में मुख्य न्यायाधीश सैयद रेफात अहमद की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया कि राष्ट्रीय नारा सरकार के नीतिगत निर्णय का मामला है और न्यायपालिका इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। सुनवाई में सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल अनीक आर हक ने कहा कि इस आदेश के बाद जॉय बांग्ला को राष्ट्रीय नारा नहीं माना जाएगा।
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यह था हाईकोर्ट का फैसला 
उच्च न्यायालय ने 10 मार्च 2020 को 'जॉय बांग्ला' को देश का राष्ट्रीय नारा घोषित किया था। कोर्ट ने सरकार को आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया था ताकि नारे का इस्तेमाल सभी राज्य समारोहों और शैक्षणिक संस्थानों की सभाओं में किया जा सके। इसके बाद 20 फरवरी 2022 को हसीना के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने इसे राष्ट्रीय नारे के रूप में मान्यता देते हुए एक नोटिस जारी किया और अवामी लीग सरकार ने 2 मार्च 2022 को एक गजट अधिसूचना जारी की।
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लगातार पलट रहे फैसले
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक दिसंबर को 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस और सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। इससे पहले 13 अगस्त को अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद ने फैसला लिया था कि 15 अगस्त को कोई राष्ट्रीय अवकाश नहीं होगा। कुछ दिन पहले बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक ने करेंसी नोटों से बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर हटाने का फैसला लिया था। बांग्लादेश में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी शेख हसीना को पांच अगस्त को प्रधानमंत्री पद और देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश की सत्ता संभाली। इसके बाद बंगबंधु रहमान और शेख हसीना के खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं। 

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