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US: राष्ट्रपति रहते हुए कैसे हुई थी जॉन एफ. कैनेडी की हत्या, गोपनीय दस्तावेजों में CIA की भूमिका पर क्या सवाल?
Wed, 19 Mar 2025 06:44 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 19 Mar 2025 06:44 PM IST
सार
ट्रंप प्रशासन ने कितने दस्तावेज रिलीज किए हैं? इनमें क्या खुलासे हुए हैं? जॉन एफ. कैनेडी की हत्या कैसे हुई थी और इसे लेकर क्या-क्या नए खुलासे हुए हैं? उनकी मौत के मामले में इतनी कहानियां क्यों फैली हैं? और उनकी सच्चाई क्या है? इसके अलावा अमेरिकी सरकार के पास अभी भी कैनेडी से जुड़ी कितनी फाइल्स हैं? आइये जानते हैं...
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अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की हत्या को लेकर हुए खुलासे।
- फोटो : John F. Kennedy Presidential Library and Museum, Boston
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विस्तार
डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर उनकी सरकार ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की हत्या से जुड़े कई गुप्त दस्तावेजों को रिलीज यानी डिक्लासिफाई कर दिया है। गौरतलब है कि कैनेडी की 1963 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, तब से लेकर अब तक उनकी हत्या की साजिश से जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हुई हैं। जहां जेएफके के कई समर्थक इसे सोवियत संघ की साजिश मानते रहे, वहीं कुछ धड़ों ने इसके पीछे अमेरिका के डीप स्टेट का जिक्र किया।
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने के साथ ही एलान किया था कि वह जॉन एफ. कैनेडी और मार्टिन लूथर किंग-जूनियर जैसी हस्तियों की हत्या को लेकर गुप्त दस्तावेजों को रिलीज कर देंगे, ताकि अमेरिका के आम लोगों को सच्चाई पता चल सके। अपने उसी वादे के तहत अब ट्रंप प्रशासन ने जेएफके की मौत से जुड़ी गुप्त फाइल्स को रिलीज किया है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप प्रशासन ने कितने दस्तावेज रिलीज किए हैं? इनमें क्या खुलासे हुए हैं? जॉन एफ. कैनेडी की हत्या कैसे हुई थी और इसे लेकर क्या-क्या नए खुलासे हुए हैं? उनकी मौत के मामले में इतनी कहानियां क्यों फैली हैं? और उनकी सच्चाई क्या है? इसके अलावा अमेरिकी सरकार के पास अभी भी कैनेडी से जुड़ी कितनी फाइल्स हैं? आइये जानते हैं...
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इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने के साथ ही एलान किया था कि वह जॉन एफ. कैनेडी और मार्टिन लूथर किंग-जूनियर जैसी हस्तियों की हत्या को लेकर गुप्त दस्तावेजों को रिलीज कर देंगे, ताकि अमेरिका के आम लोगों को सच्चाई पता चल सके। अपने उसी वादे के तहत अब ट्रंप प्रशासन ने जेएफके की मौत से जुड़ी गुप्त फाइल्स को रिलीज किया है।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप प्रशासन ने कितने दस्तावेज रिलीज किए हैं? इनमें क्या खुलासे हुए हैं? जॉन एफ. कैनेडी की हत्या कैसे हुई थी और इसे लेकर क्या-क्या नए खुलासे हुए हैं? उनकी मौत के मामले में इतनी कहानियां क्यों फैली हैं? और उनकी सच्चाई क्या है? इसके अलावा अमेरिकी सरकार के पास अभी भी कैनेडी से जुड़ी कितनी फाइल्स हैं? आइये जानते हैं...
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कैनेडी की हत्या के मामले से जुड़े कितने दस्तावेज रिलीज हुए?
डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वह जॉन एफ. कैनेडी की हत्या को लेकर गोपनीय दस्तावेजों को रिलीज करेंगे। इसके अलावा उनके छोटे भाई सीनेटर रॉबर्ट एफ. कैनेडी (आरएफके) और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता मार्टिन लूथर किंग-जूनियर से जुड़े दस्तावेज भी गोपनीयता सूची से हटाए जाएंगे। ट्रंप ने घोषणा की थी कि जेएफके की हत्या से जुड़े 80 हजार पन्ने रिलीज होंगे।
इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी समयानुसार मंगलवार शाम (18 मार्च) को 2182 दस्तावेज पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किए। इनमें करीब 63 हजार 400 पन्ने हैं। इन्हें अमेरिका की नेशनल आर्काइव्स एंड रिकॉर्ड एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। इन दस्तावेजों को कुछ ही घंटे के अंदर दो राउंड्स में रिलीज किया गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वह जॉन एफ. कैनेडी की हत्या को लेकर गोपनीय दस्तावेजों को रिलीज करेंगे। इसके अलावा उनके छोटे भाई सीनेटर रॉबर्ट एफ. कैनेडी (आरएफके) और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता मार्टिन लूथर किंग-जूनियर से जुड़े दस्तावेज भी गोपनीयता सूची से हटाए जाएंगे। ट्रंप ने घोषणा की थी कि जेएफके की हत्या से जुड़े 80 हजार पन्ने रिलीज होंगे।
इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी समयानुसार मंगलवार शाम (18 मार्च) को 2182 दस्तावेज पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किए। इनमें करीब 63 हजार 400 पन्ने हैं। इन्हें अमेरिका की नेशनल आर्काइव्स एंड रिकॉर्ड एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। इन दस्तावेजों को कुछ ही घंटे के अंदर दो राउंड्स में रिलीज किया गया।
नेशनल आर्काइव्स के मुताबिक, सभी रिकॉर्ड्स को पहले गोपनीयता के लिए रखा गया था। अब इन्हें रिलीज कर दिया गया है और यह ऑनलाइन या निजी तौर पर उपलब्ध है। कई दस्तावेज हाथ से लिखे गए हैं, जबकि कुछ को टाइप किया गया है। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद से ही इतिहासकार और रिसर्चरों ने कैनेडी की हत्या को लेकर अहम खुलासों की जानकारी हासिल करना शुरू कर दिया है।
वॉरेन कमीशन ने पाया कि जेएफके की 6.5 मिमी की एक गोली से मौत हो गई। वहीं, इससे गवर्नर कॉनेली भी घायल हुए थे। कई लोग इस बात को मानने से इनकार करते हैं कि एक गोली दो वयस्कों के शरीर को भेद सकती है।
कैनेडी की हत्या से जुड़ा एक वीडियो बाद में वायरल भी हुआ था। इसे कपड़ा उद्योग से जुड़े अब्राहम जैप्रूडर ने शूट किया था। इसमें सामने आया था कि एक दूसरी गोली ने जेएफके के सिर को भेदा था। इस फुटेज को कई साल तक सार्वजनिक नहीं किया। हालांकि, 1975 में एबीसी न्यूज ने इससे जुड़ा वीडियो प्रसारित कर दिया। इसके बाद सामने आया कि कैनेडी पर कुल तीन गोलियां चलीं, जिनमें से दो उन्हें लगीं, जबकि एक निशाने से चूक गई।
कैनेडी की हत्या से जुड़ा एक वीडियो बाद में वायरल भी हुआ था। इसे कपड़ा उद्योग से जुड़े अब्राहम जैप्रूडर ने शूट किया था। इसमें सामने आया था कि एक दूसरी गोली ने जेएफके के सिर को भेदा था। इस फुटेज को कई साल तक सार्वजनिक नहीं किया। हालांकि, 1975 में एबीसी न्यूज ने इससे जुड़ा वीडियो प्रसारित कर दिया। इसके बाद सामने आया कि कैनेडी पर कुल तीन गोलियां चलीं, जिनमें से दो उन्हें लगीं, जबकि एक निशाने से चूक गई।
जब जेएफके का हत्यारा सामने तो हत्या को लेकर गुत्थी क्यों?
वॉरेन कमीशन ने अपनी जांच रिपोर्ट में साफ कहा था कि ओसवाल्ड ने मामले में अकेले ही काम किया था और वह किसी घरेलू या विदेशी साजिश में हिस्सेदार नहीं था। हालांकि, जिस समय कैनेडी की हत्या हुई थी, उस दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध अपने चरम पर था। इसके चलते कैनेडी की हत्या को लेकर कई आशंकाएं लगाई जाने लगीं। बताया जाता है कि डैलस पुलिस स्टेशन में पकड़े जाने के बाद ऑसवल्ड ने एक वीडियो रिकॉर्डिंग में कहा था- मैं निर्दोष हूं। इसके चलते कई लोगों का मानना था कि मामले में ऑसवल्ड सिर्फ एक मोहरा था।
2023 में अमेरिकी सर्वे एजेंसी गैलप के पोल में सामने आया था कि कैनेडी की हत्या के 60 साल बाद भी अमेरिका के करीब दो-तिहाई लोग मानते हैं कि ऑसवल्ड के साथ साजिश में कुछ और शक्तियां भी शामिल थीं। इन अफवाहों को और हवा मिल रही थी अमेरिकी सरकार की तरफ से हत्या को लेकर गोपनीय किए गए दस्तावेजों की वजह से।
जॉन एफ. कैनेडी की हत्या के दो दिन बाद ही जब आरोपी ऑसवल्ड को पुलिस हेडक्वार्टर से काउंटी जेल ले जाया जा रहा था, तब उसकी डैलस नाइटक्लब के मालिक जैक रूबी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। चूंकि ऑसवल्ड के मामले में कोर्ट में सुनवाई भी नहीं हो पाई, इसके चलते अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह उन लोगों के नाम उजागर नहीं कर पाया, जिनके लिए वह काम कर रहा था।
Donald Trump: जॉन एफ कैनेडी की हत्या से जुड़ी सभी फाइलें बिना संशोधन के की जाएंगी जारी, ट्रंप प्रशासन का फैसला
वॉरेन कमीशन ने अपनी जांच रिपोर्ट में साफ कहा था कि ओसवाल्ड ने मामले में अकेले ही काम किया था और वह किसी घरेलू या विदेशी साजिश में हिस्सेदार नहीं था। हालांकि, जिस समय कैनेडी की हत्या हुई थी, उस दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध अपने चरम पर था। इसके चलते कैनेडी की हत्या को लेकर कई आशंकाएं लगाई जाने लगीं। बताया जाता है कि डैलस पुलिस स्टेशन में पकड़े जाने के बाद ऑसवल्ड ने एक वीडियो रिकॉर्डिंग में कहा था- मैं निर्दोष हूं। इसके चलते कई लोगों का मानना था कि मामले में ऑसवल्ड सिर्फ एक मोहरा था।
2023 में अमेरिकी सर्वे एजेंसी गैलप के पोल में सामने आया था कि कैनेडी की हत्या के 60 साल बाद भी अमेरिका के करीब दो-तिहाई लोग मानते हैं कि ऑसवल्ड के साथ साजिश में कुछ और शक्तियां भी शामिल थीं। इन अफवाहों को और हवा मिल रही थी अमेरिकी सरकार की तरफ से हत्या को लेकर गोपनीय किए गए दस्तावेजों की वजह से।
जॉन एफ. कैनेडी की हत्या के दो दिन बाद ही जब आरोपी ऑसवल्ड को पुलिस हेडक्वार्टर से काउंटी जेल ले जाया जा रहा था, तब उसकी डैलस नाइटक्लब के मालिक जैक रूबी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। चूंकि ऑसवल्ड के मामले में कोर्ट में सुनवाई भी नहीं हो पाई, इसके चलते अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह उन लोगों के नाम उजागर नहीं कर पाया, जिनके लिए वह काम कर रहा था।
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अब जानें- जेएफके की हत्या पर अब तक क्या-क्या जानकारी सामने आई?
1. ली ऑसवल्ड के सोवियत कनेक्शन पर?
ट्रंप ने जो दस्तावेज रिलीज किए हैं, उनमें कुछ गोपनीय सरकारी मेमो भी हैं। इनमें से एक मेमो में उस थ्योरी को जांचा गया है, जिसमें कहा गया था कि ऑसवल्ड सोवियत संघ के लिए काम कर रहा था। इसमें केजीबी के पूर्व उपनिदेशक स्लावा निकोनोव के हवाले से कहा गया है कि केजीबी के रिकॉर्ड में कहीं भी उसके सोवियत संघ से नियंत्रित होने की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, केजीबी ऑसवल्ड पर करीब से नजर रखती थी।
एक अन्य दस्तावेज में पहले ही कहा जा चुका है कि ऑसवल्ड ने कैनेडी की हत्या से दो महीने पहले ही सोवियत दूतावास में एक केजीबी अफसर से संपर्क किया था। हालांकि, नए दस्तावेजों में फिलहाल इस पर कोई खुलासा नहीं मिला है।
2. दूसरे शूटर और ऑसवल्ड की खराब निशानेबाजी पर खुलासा
इतना ही नहीं ताजा दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि ऑसवल्ड एक बेहद खराब निशानेबाज था। उसने निशानेबाजी बेहतर करने के लिए जब सोवियत संघ में अभ्यास किया था, तब केजीबी फाइल्स में भी उसे एक खराब शूटर करार दिया गया था। हालांकि, इस जानकारी को लेकर लोग पहले ही कह चुके हैं कि ऑसवल्ड ने कैनेडी की हत्या को अकेले अंजाम नहीं दिया था।
कैनेडी की हत्या में एक और शूटर की मौजूदगी की थ्योरी पर दस्तावेजों में कहा गया कि वॉरेन कमीशन ने साफ कर दिया कि ऑसवल्ड हत्या में अकेला था और उसने 8.6 सेकंड में तीन गोलियां चलाईं। रिलीज किए दस्तावेजों में तीसरी गोली चलाए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, इसमें एक चौंकाने वाला खुलासा भी है। कहा गया है कि...
इतना ही नहीं ताजा दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि ऑसवल्ड एक बेहद खराब निशानेबाज था। उसने निशानेबाजी बेहतर करने के लिए जब सोवियत संघ में अभ्यास किया था, तब केजीबी फाइल्स में भी उसे एक खराब शूटर करार दिया गया था। हालांकि, इस जानकारी को लेकर लोग पहले ही कह चुके हैं कि ऑसवल्ड ने कैनेडी की हत्या को अकेले अंजाम नहीं दिया था।
कैनेडी की हत्या में एक और शूटर की मौजूदगी की थ्योरी पर दस्तावेजों में कहा गया कि वॉरेन कमीशन ने साफ कर दिया कि ऑसवल्ड हत्या में अकेला था और उसने 8.6 सेकंड में तीन गोलियां चलाईं। रिलीज किए दस्तावेजों में तीसरी गोली चलाए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, इसमें एक चौंकाने वाला खुलासा भी है। कहा गया है कि...
इस खुलासे से वॉरेन आयोग के एक शूटर वाली थ्योरी पर सवाल उठते हैं। गौरतलब है कि 1979 में भी अमेरिकी सदन की सेलेक्ट कमेटी ने गोली की गूंज की रिपोर्ट के आधार पर कहा था कि कैनेडी की हत्या में किसी दूसरे शूटर की मौजूदगी की संभावना हो सकती है।
3. तो नजरअंदाज की गई थी कैनेडी की हत्या को लेकर चेतावनी?
ताजा दस्तावेजों में सर्गीज जोरनोनोह नाम के एक व्यक्ति की चिट्ठी का भी जिक्र है। इसमें बताया गया है कि सर्गीज ने अगस्त 1963 में बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में अमेरिका के वाइस-कान्सुल को कैनेडी की हत्या की साजिश को लेकर चेतावनी दी थी। सर्गीज को ऑसवल्ड के बारे में पूरी जानकारी बुल्गारिया में सोवियत दूतावास में काम करने वाले एक कर्मी की वजह से मिली थी। इस कर्मी की गर्लफ्रेंड ने सर्गीज को बताया था कि ली हार्वी ऑसवल्ड एक हत्यारा है। वह राष्ट्रपति कैनेडी को मार डालेगा।
3. तो नजरअंदाज की गई थी कैनेडी की हत्या को लेकर चेतावनी?
ताजा दस्तावेजों में सर्गीज जोरनोनोह नाम के एक व्यक्ति की चिट्ठी का भी जिक्र है। इसमें बताया गया है कि सर्गीज ने अगस्त 1963 में बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में अमेरिका के वाइस-कान्सुल को कैनेडी की हत्या की साजिश को लेकर चेतावनी दी थी। सर्गीज को ऑसवल्ड के बारे में पूरी जानकारी बुल्गारिया में सोवियत दूतावास में काम करने वाले एक कर्मी की वजह से मिली थी। इस कर्मी की गर्लफ्रेंड ने सर्गीज को बताया था कि ली हार्वी ऑसवल्ड एक हत्यारा है। वह राष्ट्रपति कैनेडी को मार डालेगा।
नए दस्तावेजों में कहा गया है कि सर्गीज ने 19 अगस्त 1963 यानी कैनेडी की हत्या से करीब तीन महीने पहले यह जानकारी अमेरिका के विदेश मंत्रालय को दी थी। इसमें सर्गीज ने कहा था कि ऑसवल्ड के पास एक हथियार है और अधिकारियों को उसे देखना चाहिए। मेमो में कहा गया है कि तब अफसरों ने इस जानकारी पर ध्यान नहीं दिया।
1978 में सर्गीज ने अमेरिका की हाउस सेलेक्ट कमेटी को एक चिट्ठी लिखकर बताया था कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के निदेशक ने उनसे कहा था कि आपके पास भी हथियार हो सकता है। तो क्या हुआ अगर ऑसवल्ड के पास हथियार है तो।
1978 में सर्गीज ने अमेरिका की हाउस सेलेक्ट कमेटी को एक चिट्ठी लिखकर बताया था कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के निदेशक ने उनसे कहा था कि आपके पास भी हथियार हो सकता है। तो क्या हुआ अगर ऑसवल्ड के पास हथियार है तो।
4. कैनेडी की हत्या से अमेरिका की सीआईए का क्या संबंध?
जॉन एफ. कैनेडी की हत्या को लेकर जो फाइल्स सामने आई हैं, उनमें एक व्यक्ति गैरी अंडरहिल का जिक्र है, जो कि अमेरिका की विदेशी खुफिया एजेंसी- सीआईए का पूर्व एजेंट रहा था। जेएफके की हत्या के करीब छह महीने बाद उसे मृत पाया गया था। बताया जाता है कि अंडरहिल ने कैनेडी की हत्या में एजेंसी का हाथ होने की बात कही थी। इस दस्तावेज में एक लाइन है, जिसमें कहा गया है,
जॉन एफ. कैनेडी की हत्या को लेकर जो फाइल्स सामने आई हैं, उनमें एक व्यक्ति गैरी अंडरहिल का जिक्र है, जो कि अमेरिका की विदेशी खुफिया एजेंसी- सीआईए का पूर्व एजेंट रहा था। जेएफके की हत्या के करीब छह महीने बाद उसे मृत पाया गया था। बताया जाता है कि अंडरहिल ने कैनेडी की हत्या में एजेंसी का हाथ होने की बात कही थी। इस दस्तावेज में एक लाइन है, जिसमें कहा गया है,
इस नए दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि कैनेडी की हत्या के ठीक बाद अंडरहिल जल्दबाजी में वॉशिंगटन छोड़कर न्यू जर्सी में अपने दोस्त के यहां शरण लेने भागा।
कौन था गैरी अंडरहिल?
नई फाइल्स में कहा गया है कि अंडरहिल सीमित युद्ध और छोटे हथियारों के मामले में विशेषज्ञ थे। वह एक रिसर्चर थे, जो कि सैन्य मामलों पर लिखते भी थे और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय- पेंटागन में लोग उन्हें उनके पहले नाम से जानते थे। उनके सीआईए के कई अधिकारियों से अच्छे रिश्ते थे।
कौन था गैरी अंडरहिल?
नई फाइल्स में कहा गया है कि अंडरहिल सीमित युद्ध और छोटे हथियारों के मामले में विशेषज्ञ थे। वह एक रिसर्चर थे, जो कि सैन्य मामलों पर लिखते भी थे और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय- पेंटागन में लोग उन्हें उनके पहले नाम से जानते थे। उनके सीआईए के कई अधिकारियों से अच्छे रिश्ते थे।
5. माफियाओं की हिस्सेदारी?
नई फाइल्स में कैनेडी की हत्या के पीछे संगठित अपराधियों का हाथ होने की आशंका भी जताई गई है। एबीसी7 चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा से जुड़े उग्रवादी संगठन शिकागो में प्रशिक्षण ले रहे थे। इस दौरान कुछ माफियाओं और फिदेल कास्त्रो के खिलाफ काम कर रहे क्यूबा के लोग आपस में सहयोगी के तौर पर उभरे। इनकी मदद में सीआईए के लोगों के हाथ की भी आशंका जताई गई है।
नई फाइल्स में कैनेडी की हत्या के पीछे संगठित अपराधियों का हाथ होने की आशंका भी जताई गई है। एबीसी7 चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा से जुड़े उग्रवादी संगठन शिकागो में प्रशिक्षण ले रहे थे। इस दौरान कुछ माफियाओं और फिदेल कास्त्रो के खिलाफ काम कर रहे क्यूबा के लोग आपस में सहयोगी के तौर पर उभरे। इनकी मदद में सीआईए के लोगों के हाथ की भी आशंका जताई गई है।