फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Joe Biden says Israel losing global support Netanyahu must change

US: नेतन्याहू के खिलाफ बाइडन की तीखी टिप्पणी, कहा- भारी बमबारी के वजह से वैश्विक समर्थन खो रहा इस्राइल

Wed, 13 Dec 2023 04:16 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 13 Dec 2023 04:16 AM IST
सार

बाइडन ने आगे कहा कि यह इस्राइल के इतिहास की सबसे रूढ़िवादी सरकार है। बेंजामिन नेतन्याहू को अब बदलना होगा। नेतन्याहू मामले को बहुत कठिन बना रहे हैं। हमारे पास क्षेत्र को एकजुट करने के अवसर हैं। कोई यह नहीं कह सकता कि फलस्तीन राज्य नहीं है।

विज्ञापन
Joe Biden says Israel losing global support Netanyahu must change
तकरार। - फोटो : Social Media

विस्तार

गाजा के खिलाफ भारी बमबारी के कारण इस्राइल समर्थन खो रहा है। इस्राइली प्रधानमंत्री को अब अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहिए। यह कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का। बाइडन का यह बयान इस्राइली प्रधानमंत्री के साथ संबंधों में दरार की ओर इशारा करता है। बाइडन का यह बयान इस्राइल को अब तक दिए गए बयानों में सबसे अधिक आलोचनात्मक था। 
विज्ञापन


अधिकांश विश्व अभी इस्राइल के साथ लेकिन अब समर्थन खो रहे नेतन्याहू
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन मंगलवार को एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिसमें चुनाव के दौरान उन्हें फंड करने वाले लोग शामिल थे। कार्यक्रम में कई यहूदी भी शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस्राइल की सुरक्षा अमेरिका पर निर्भर है। इस्राइल के साथ अभी अमेरिका है। इस्राइल के साथ यूरोपीय संघ है। इस्राइल के साथ अभी यूरोप है। इस्राइल के साथ अधिकांश देश हैं। लेकिन अब इस्राइल अंधाधुंध बमबारी के कारण सभी का समर्थन खो रहा है। गाजा अधिकारियों के अनुसार, हमास के हमलों के खिलाफ इस्राइल की जवाबी कार्रवाई में 18 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 50 हजार से अधिक फलस्तीनी नागरिक घायल है। गाजा में मानवीय संकट है।   
विज्ञापन


निजी बातचीत का भी जिक्र किया
बाइडन ने इस्राइल के साथ एक निजी बातचीत का भी जिक्र किया। जिसमें इस्राइली नेता ने कहा कि आपने भी तो जर्मनी पर बमबारी की। आपने भी तो परमाणु गिराया। आपके हमलों में भी तो कई नागरिक मारे गए थे। इस्राइली नेता के इन सवालों का जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि हां इन्हीं वजह से द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इन संस्थाओं को स्थापित किया गया था, जिससे यह सुनिश्चत किया जा सके कि भविष्य में दोबारा ऐसा कभी न हो, फिर कोई वही गलती न करे, जो हमने 9/11 या अफगानिस्तान में की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस्राइल की सबसे रूढ़िवादी सरकार
बाइडन ने आगे कहा कि यह इस्राइल के इतिहास की सबसे रूढ़िवादी सरकार है। बेंजामिन नेतन्याहू को अब बदलना होगा। नेतन्याहू मामले को बहुत कठिन बना रहे हैं। हमारे पास क्षेत्र को एकजुट करने के अवसर हैं। कोई यह नहीं कह सकता कि फलस्तीन राज्य नहीं है। हम इस्राइल को ओस्लो वाली गलती दोहराने की अनुमति नहीं दे सकते। 1990 में शांति समझौता हुआ था, जिसके तहत वेस्ट बैंक और गाजा को फलस्तीन के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। फलस्तीनी प्रधिकरण (पीए) की स्थापना भी हुई थी। हम चाहते हैं कि गाजा में पीए का कब्जा हो। बता दें, 2007 में हमास ने गाजा में कब्जा कर लिया था। मैं गाजा में उन लोगों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे सकता, जो आतंकवाद को बढ़ाते हैं, जो आंतकवाद की शिक्षा देते हैं, जो आतंकवाद को फंड करते हैं, जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed