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बाइडन के फैसले से फायदे में चीनी कंपनियां, मास्क की सप्लाई के मिले ढेरों ऑर्डर
Sat, 23 Jan 2021 03:37 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 23 Jan 2021 03:37 PM IST
सार
द ग्लोबल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक चीनी कंपनियों को 15 करोड़ 40 लाख डॉलर के मास्क और अन्य चीजें निर्यात करने के शुरुआती ऑर्डर मिल चुके हैं...
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Joe Biden in Mask
- फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
अमेरिका का राष्ट्रपति पद संभालते ही जो बाइडन ने जिन आदेशों पर दस्तखत किए, उनमें सभी सार्वजनिक वाहनों में मास्क पहनना अनिवार्य करना भी है। कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए उन्होंने अपने उन अधिकारों का इस्तेमाल किया है, जो युद्धकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति को हासिल होते हैं। इसके तहत बाइडन ने अमेरिकी कंपनियों के लिए एन-95 मास्क, स्वैब और दूसरे उपकरण बनाना अनिवार्य कर दिया है। लेकिन इससे तुरंत अमेरिका में इन चीजों का उत्पादन शुरू होने की संभावना नहीं है। इसका संकेत चीनी कंपनियों से किए जा रहे संपर्कों से भी मिला है।
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चीनी मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक इस महीने के आरंभ से ही अमेरिका से चीनी कंपनियों से संपर्क किया जाने लगा। इन खबरों के मुताबिक चीनी कंपनियों ने कोरोना महामारी से निपटने के उपकरणों का अमेरिका को निर्यात करने की पूरी तैयारी कर रखी है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार द ग्लोबल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक चीनी कंपनियों को 15 करोड़ 40 लाख डॉलर के मास्क और अन्य चीजें निर्यात करने के शुरुआती ऑर्डर मिल चुके हैं।
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राष्ट्रपति जो बाइडन ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या छह लाख तक पहुंच सकती है। चार लाख से ज्यादा लोग अब तक मर चुके हैँ। बाइडन ने लोगों से मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन का अनुरोध किया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि अमेरिका में मास्क पहनना अनिवार्य करने का फैसला देर से हुआ है। पिछले एक साल में इसके लिए जरूरी तैयारी नहीं की गई।
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चाइना सोसायटी फॉर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन से संबंधित अधिकारी ही वेइवेन ने ग्लोबल टाइम्स से कहा- ये फैसला तब लिया गया है, जब कोरोना वायरस अमेरिका में बहुत गंभीर चरण में पहुंच चुका है। यह अभी भी तय नहीं है कि लोग स्वेच्छा से नई नीति का पालन करेंगे। लेकिन (राष्ट्रपति बाइडन द्वारा) जारी किए गए कार्यकारी आदेश का पालन ना करने का मतलब जुर्माना लगना होगा। इससे लोग नियमों का पालन करने के लिए मजबूर होंगे।
पूर्वी चीनी प्रांत अनहुई स्थित कंपनी हेल्थ बॉक्स के अध्यक्ष हुआंग यूहाओ के मुताबिक अमेरिका से आ रहे पीपीई किट के आर्डरों में पिछले साल की तुलना में भारी बदलाव आया है। जब चीनी कंपनियों से सबसे पहले पूछा जाता था कि उनके पास अमेरिकी एजेंसी एफडीए एक्सपोर्ट सर्टिफिकेट है या नहीं। लेकिन आज की हालत अलग है। अब वहां से ही एफडीए सर्टिफिकेट दिलवा देने की पेशकश की जा रही है, ताकि वे चीनी सामग्रियां खरीद सकें।
जियांग्सू प्रांत में वुक्सी स्थित मास्क निर्यात एजेंसी के मैनेजर झांग वेन ने भी ग्लोबल टाइम्स से कहा कि अमेरिका से मांग में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि महामारी के बारे में पूरी जानकारी ना होने के कारण अमेरिका में अभी भी बहुत से लोग कपड़े से बने मास्क पहनते हैं, जिनसे पूरी सुरक्षा नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि जानकारी बढ़ने के बाद चीनी मास्कों की मांग में और भी बढ़ोतरी होने संभावना है।
हुआंग यूहाओ ने कहा कि उनकी कंपनी अमेरिका से आने वाली मांग के लिए तैयार है। वह रोजाना यूरोपियन यूनियन के सर्टिफिकेशन वाले 50 लाख केएन-95 और एन-95 मास्कों का उत्पादन करने में सक्षम है। उन्होंने कहा- हमें भरोसा है कि अमेरिका नया प्रशासन व्यावहारिक नजरिया अपनाएगा और चीन को महामारी की सामग्रियों के सप्लायर के रूप में देखेगा।
चीन पहले ही अमेरिका को चार अरब से अधिक मास्क भेज चुका है। इसके अलावा मार्च 2020 के बाद चीन से 90 करोड़ ग्लव्स, 78 करोड़ प्रोटेक्टिव किट, साढ़े पांच करोड़ धूप के चश्मे, और लगभग 16 हजार वेंटिलटर्स का अमेरिका को निर्यात किया गया है। ये जानकारी इसी हफ्ते चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी थी। चीन के कस्टम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2020 के बाद चीन 224.4 अरब मास्क का निर्यात कर चुका है। यह पूरी दुनिया में हुए मास्क निर्यात के 30 फीसदी के बराबर है।