फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   jd vance us iran relations nuclear program donald trump west asia security strait of hormuz

US-Iran Talks: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- अमेरिका चाहता है परमाणु मुक्त ईरान, आने वाले हफ्ते होंगे निर्णायक

Wed, 01 Jul 2026 04:46 AM IST
अमन तिवारी एएनआई, वॉशिंगटन
एएनआई, वॉशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 01 Jul 2026 04:46 AM IST
सार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण और क्षेत्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्ते ऐतिहासिक हो सकते हैं। अमेरिका का लक्ष्य ईरान का पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण और एक मजबूत क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करना है, जिसमें इस्राइल और खाड़ी देश शामिल हों।

विज्ञापन
jd vance us iran relations nuclear program donald trump west asia security strait of hormuz
जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि आने वाले कुछ हफ्ते अमेरिका और ईरान के संबंधों के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस स्थिति का परिणाम पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान के नेता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक और कूटनीतिक दबाव का सामना कैसे करते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान वेंस ने पश्चिम एशिया के लिए प्रशासन के मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन का लक्ष्य ईरान का पूर्ण और सत्यापित परमाणु निरस्त्रीकरण है। इसके साथ ही अमेरिका एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा भी बनाना चाहता है।
विज्ञापन


संदेह और कूटनीतिक दबाव
वेंस ने इस बात को स्वीकार किया कि वह ईरान की मंशा को लेकर थोड़े आशंकित हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद इस बात को लेकर संशय में हैं कि ईरान इन शर्तों को मानेगा या नहीं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान चाहे जो भी कदम उठाए, अमेरिका के पास उसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त साधन मौजूद हैं। वेंस के अनुसार, अगर ईरान सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है, तो यह एक नई शुरुआत होगी। लेकिन अगर उसका व्यवहार खराब रहता है, तो अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा। उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की बात दोहराते हुए कहा कि यह अभी केवल 'शुरुआत का अंत' है और कूटनीति के खेल में अभी बहुत कुछ होना बाकी है।
विज्ञापन


क्षेत्रीय सुरक्षा और बहुपक्षीय समझौता
अमेरिका केवल ईरान के साथ द्विपक्षीय समझौता नहीं चाहता, बल्कि वह इसे एक व्यापक क्षेत्रीय समझौते में बदलना चाहता है। इस योजना में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), इस्राइल और लेबनान जैसे देशों को भी शामिल करने की तैयारी है। प्रशासन का उद्देश्य पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता का एक नया संतुलन बनाना है। वेंस ने भरोसा जताया कि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार अमेरिकी लोगों के फायदे के लिए रास्ते तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए ऐसे वादों की जरूरत है जिन्हें जांचा जा सके और जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: सिंधु जल समझौते को लेकर नापाक दावा: पाकिस्तानी डिप्टी PM बोले- संधि अब भी प्रभावी, भारत का फैसला स्वीकार नहीं

ऊर्जा बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
आर्थिक चिंताओं पर बात करते हुए वेंस ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर सकारात्मक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) तेल के यातायात के लिए खुला है। उन्होंने दावा किया कि कुछ दिनों में तो वहां से युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में भी अधिक तेल निकल रहा है। इसके परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में काफी कमी आई है। वेंस ने अंत में कहा कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए न केवल बातचीत के मैदान में, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी बहुत मेहनत करनी होगी। उन्हें पूरा विश्वास है कि भविष्य में इस समय को एक सफल दौर के रूप में याद किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed