फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   indus waters treaty ishaq dar rejects india suspension bilawal bhutto pakistan reaction pahalgam attack

सिंधु जल समझौते को लेकर नापाक दावा: पाकिस्तानी डिप्टी PM बोले- संधि अब भी प्रभावी, भारत का फैसला स्वीकार नहीं

Wed, 01 Jul 2026 01:31 AM IST
अमन तिवारी पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 01 Jul 2026 01:31 AM IST
सार

भारत ने पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि निलंबित की थी। पाकिस्तान ने इसे अवैध बताते हुए खारिज कर दिया है। उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा कि यह संधि क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी है और इसे एकतरफा खत्म नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
indus waters treaty ishaq dar rejects india suspension bilawal bhutto pakistan reaction pahalgam attack
इशाक डार - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के रुख को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि यह संधि आज भी वैध और प्रभावी है। भारत ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। उस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। भारत ने इसे पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए एक कड़ा कदम बताया था।
विज्ञापन


विश्व बैंक की मध्यस्थता में 1960 में हुई यह संधि सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के इस्तेमाल को नियंत्रित करती है। इस्लामाबाद में आयोजित एक सेमिनार में इशाक डार ने कहा कि कोई भी देश अपनी मर्जी से इस संधि को खत्म या निलंबित नहीं कर सकता। उन्होंने तर्क दिया कि इस समझौते में ऐसा कोई नियम नहीं है जो किसी एक पक्ष को अपनी जिम्मेदारियों से हटने की छूट देता हो। डार ने जोर देकर कहा कि यह संधि केवल पानी बांटने का जरिया नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का एक बड़ा साधन है।
विज्ञापन


डार ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान को उसके हिस्से के पानी से वंचित करने की कोशिश हुई, तो इसके क्षेत्रीय सुरक्षा पर बहुत बुरे असर होंगे। उन्होंने कहा कि साझा पानी को देशों के बीच सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान का पुल बने रहना चाहिए। यह वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के फायदे के लिए जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Bangladesh: ढाका में अज्ञात लोगों ने हिंदू छात्र को बंधक बनाया, की मारपीट; फिरौती वसूलने के बाद सड़क पर फेंका


इसी कार्यक्रम में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी के पानी को लेकर कोई बातचीत नहीं होगी। बिलावल ने जलमार्गों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय कानून की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी जलमार्ग, जैसे स्वेज नहर, पनामा नहर या सिंधु नदी का इस्तेमाल किसी देश को मजबूर करने के लिए नहीं होना चाहिए।

बिलावल ने सिंधु नदी के महत्व की तुलना 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से की। उन्होंने सवाल किया कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान जलमार्ग बंद होने से शांति नहीं हो सकती, तो सिंधु जल संधि के बिना भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कैसे टिक पाएगा? उन्होंने इस संधि की बहाली को दोनों देशों के बीच शांति के लिए अनिवार्य बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed