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टकराव: पूर्वी चीन सागर-सेनकाकू द्वीप समूह पर हुई चीन की हरकत तो हमें भी दिखानी पड़ेगी अपनी ताकत, जापान की धमकी
Fri, 17 Sep 2021 11:11 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 17 Sep 2021 11:11 PM IST
सार
बता दें कि चीन मानता है कि सेनकाकू द्वीप उसका हिस्सा है और वह इनकी पहचान दियाउ द्वीप समूह के तौर पर करता है। हालांकि, जापान लंबे समय से सेनकाकू द्वीप पर अपना अधिकार जताता रहा है और चीन की घुसपैठ रोकने के लिए अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाने में जुटा है।
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जापान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जापान ने सेनकाकू द्वीप समूह को लेकर चीन को सीधी चेतावनी जारी की है। जापानी रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि सेनकाकू द्वीप बेशक जापान का हिस्सा हैं और इनका बचाव चीन की किसी भी धमकी का सीधा जवाब देकर किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो युद्धपोत के बदले युद्धपोत या इससे भी आगे जाकर।
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बता दें कि चीन मानता है कि सेनकाकू द्वीप उसका हिस्सा है और वह इनकी पहचान दियाउ द्वीप समूह के तौर पर करता है। हालांकि, जापान लंबे समय से सेनकाकू द्वीप पर अपना अधिकार जताता रहा है और चीन की घुसपैठ रोकने के लिए अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाने में जुटा है। हालिया समय में जापान ने इस क्षेत्र के आसपास युद्धपोत, सबमरीन और मिसाइलें तैनात कर दी हैं।
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जापानी विदेश मंत्री किशी ने कहा, "सेनकाकू द्वीप समूह पर चीन की किसी भी तरह की कार्रवाई के खिलाफ हमें दिखाना होगा कि जापान की सरकार अपने क्षेत्र की रक्षा करने के लिए पूरी तरह केंद्रित है। चीन के मुकाबले के लिए जापान ज्यादा कोस्ट गार्ड क्षमता के साथ जवाब देगा।" उन्होंने कहा कि सेनकाकू द्वीप समूह को लेकर जापान का किसी भी और देश से विवाद नहीं है।
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जापान के दक्षिण-पश्चिम में 1900 किमी दूर सेनकाकू कई द्वीपों से मिलकर बना है। यह द्वीप टोक्यो के मुकाबले चीन के शंघाई से ज्यादा करीब है। इसीलिए चीन लगातार इस द्वीप जापान से टकराता रहा है। दोनों देशों के बीच हालिया तनाव 2012 में पहली बार उभरा था। चीन में राष्ट्रवादी ताकतों ने तब देश में मौजूद जापान के कई स्टोरों पर तोड़फोड़ कर दी थी। यहां तक कि जापानी दूतावास तक पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी।