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Japan: आम चुनाव में बहुमत खो सकती है PM इशिबा की पार्टी, सर्वेक्षण में खुलासा- वित्तीय घोटालों से जनता नाराज
Sun, 27 Oct 2024 11:16 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 27 Oct 2024 11:16 PM IST
सार
Japan: एनएचके की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाताओं में कथित वित्तीय घोटालों को लेकर नाराजगी है, जिनका असर चुनाव परिणामों में देखने को मिल सकता है। एक अक्तूबर को जापान के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने वाले इशिबा ने चुनाव इसलिए कराए हैं ताकि वे अपने पूर्ववर्ती फुमियो किशिदा की हार के बाद जनता का समर्थन हासिल कर सकें।
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जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) आगामी आम चुनावों में बहुमत खो सकती है। रविवार को होने वाले इस अहम चुनाव में एलडीपी और उसकी सहयोगी कोमितो पार्टी को बहुमत का आंकड़ा पार करने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। बहुमत का आंकड़ा पार करने के लिए किसी भी पार्टी को 465 में से 233 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी। जापान के सार्वजनिक टेलीविजन 'एनएचके' ने रविवार को यह जानकारी दी।
एनएचके की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाताओं में कथित वित्तीय घोटालों को लेकर नाराजगी थी, जिनका असर चुनाव परिणामों में देखने को मिल सकता है। एक अक्तूबर को जापान के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने वाले इशिबा ने चुनाव इसलिए कराए हैं ताकि वे अपने पूर्ववर्ती फुमियो किशिदा की हार के बाद जनता का समर्थन हासिल कर सकें।
इशिबा ने कहा, 'हम (चुनाव के) नतीजों को गंभीरता से लेते हैं। मतदाता हमें अपनी जिम्मेदारियों पर विचार करने के लिए कहते हैं।' अगर उनकी पार्टी एलडीपी बहुमत खो देती है, तो भी वह एक गठबंधन सरकार चला सकती है। लेकिन इससे उसे अपनी नीतियों को लागू करना आसान नहीं होगा। इस चुनाव में कुल 1,344 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे, जिनमें से 314 महिला उम्मीदवार थे। शुरुआती नतीजे जल्द ही आने की उम्मीद है। इशिबा ने कहा कि एलडीपी और कोमितो को मिलकर 233 सीटें बरकरार रखने की उम्मीद है। हालांकि, एनएचके के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि उन्हें 153 से 219 सीटें मिलने की संभावना है। जापान के सबसे बड़े विपक्षी दल कंस्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता योशिहिको नोडा को चुनावों में फायदा मिल सकता है। नोडा ने कहा कि यह चुनाव सरकार बदलने का एक दुर्लभ अवसर है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इशिबा की एलडीपी विपक्ष के कमजोर होने की स्थिति में ही सबसे बड़ी पार्टी बनी रह सकती है। हालांकि, वित्तीय घोटालों के चलते लोगों में बढ़ती नाराजगी से इशिबा की पार्टी को नुकसान हो सकता है। यह चुनाव जापान के राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मतदाता अब नए नेतृत्व और सुधारों की उम्मीद कर रहे हैं।
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एनएचके की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाताओं में कथित वित्तीय घोटालों को लेकर नाराजगी थी, जिनका असर चुनाव परिणामों में देखने को मिल सकता है। एक अक्तूबर को जापान के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने वाले इशिबा ने चुनाव इसलिए कराए हैं ताकि वे अपने पूर्ववर्ती फुमियो किशिदा की हार के बाद जनता का समर्थन हासिल कर सकें।
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इशिबा ने कहा, 'हम (चुनाव के) नतीजों को गंभीरता से लेते हैं। मतदाता हमें अपनी जिम्मेदारियों पर विचार करने के लिए कहते हैं।' अगर उनकी पार्टी एलडीपी बहुमत खो देती है, तो भी वह एक गठबंधन सरकार चला सकती है। लेकिन इससे उसे अपनी नीतियों को लागू करना आसान नहीं होगा। इस चुनाव में कुल 1,344 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे, जिनमें से 314 महिला उम्मीदवार थे। शुरुआती नतीजे जल्द ही आने की उम्मीद है। इशिबा ने कहा कि एलडीपी और कोमितो को मिलकर 233 सीटें बरकरार रखने की उम्मीद है। हालांकि, एनएचके के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि उन्हें 153 से 219 सीटें मिलने की संभावना है। जापान के सबसे बड़े विपक्षी दल कंस्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता योशिहिको नोडा को चुनावों में फायदा मिल सकता है। नोडा ने कहा कि यह चुनाव सरकार बदलने का एक दुर्लभ अवसर है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इशिबा की एलडीपी विपक्ष के कमजोर होने की स्थिति में ही सबसे बड़ी पार्टी बनी रह सकती है। हालांकि, वित्तीय घोटालों के चलते लोगों में बढ़ती नाराजगी से इशिबा की पार्टी को नुकसान हो सकता है। यह चुनाव जापान के राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मतदाता अब नए नेतृत्व और सुधारों की उम्मीद कर रहे हैं।