फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Japan links Chinese hacker MirrorFace to dozens of cyber attacks targeting security and tech data

Japan: जापान का दावा- चीनी हैकर्स ने पांच साल में किए 200 से ज्यादा साइबर हमले, प्रतिष्ठानों को बनाया निशाना

Wed, 08 Jan 2025 05:38 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 08 Jan 2025 05:38 PM IST
सार

Japan: जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने दावा किया कि चीन के हैकर्स समूह मिरर फेस ने बीते पांच वर्षों में 200 से अधिक साइबर हमले किए। इन हमलों का मकसद जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा और उन्नत तकनीक से जुड़ा डाटा चुराना था। 

विज्ञापन
Japan links Chinese hacker MirrorFace to dozens of cyber attacks targeting security and tech data
Cyber Attack - फोटो : Freepik

विस्तार

जापान ने बुधवार को कहा कि एक चीनी हैकर समूह 'मिरर फेस' ने पिछले पांच वर्षों में 200 से अधिक साइबर हमले किए। इन हमलों में जापान की राष्ट्र सुरक्षा और उच्च तकनीकी वाले डाटा को निशाना बनाया गया। जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी (एनपीए) ने इन हमलों की रणनीतियों की जानकारी साझा की और सरकार और कारोबारियों से सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का आग्रह किया। 

विज्ञापन


एनपीए के मुताबिक, 2019 से 2024 तक 'मिरर फेस' की ओर से किए गए साइबर हमलों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि यह हमले योजनाबद्ध तरीके से किए गए और इनका मकसद जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा और उन्नत तकनीक से जुड़ा डाटा चुराना था। इन हमलों में जापान के विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, अंतरिक्ष एजेंसी और कुछ निजी कंपनियों, पत्रकारों, राजनेताओं और तकनीकी थिंक टैंक को निशाना बनाया गया। ये हमले चीन की सरकार के समर्थन से किए गए। 
विज्ञापन


विशेषज्ञों ने कई बार कहा है कि जापान अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है और अमेरिका व अन्य देशों के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। जापान ने इस दिशा में कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन और सुधार की जरूरत है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एनपीए ने कहा, मिरर फेस ने 2019 से 2023 के बीच विभिन्न लक्षित संगठनों और व्यक्तियों को ई-मेल भेजे, जिनमें मैलवेयर (दोषपूर्ण सॉफ्टवेयर) होते थे। ये ई-मेल जीमेल और माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक के पते से भेजे गए गए थे, जो किसी की पहचान का इस्तेमाल करते थे। इन ई-मेल में आमतौर पर जापान-अमेरिका गठबंधन, ताइवान जलडमरूमध्य, रूस-यूक्रेन युद्ध और स्वतंत्र व खुला हिंद-प्रशांत जैसे विषय होते थे और एक स्टडी पैनल, संदर्भ और पैनलिस्ट की सूची शामिल होती थी। 


इसके अलावा, हैकर्स ने फवरी से अक्तूबर 2023 के बीच जापान के एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष एजेंसी, सूचना और संचार क्षेत्रों को निशाना बनाकर वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाया। एयरोस्पेस एंड एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) ने माना था कि उसने 2023 में कई साइबर हमलों का सामना किया। हालांकि, रॉकेट, उपग्रह और रक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पर कोई असर नहीं पड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed