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जापान: सरकार ने पहले कराई जबरन नसबंदी, अब पीड़ितों से मांगी माफी
Thu, 25 Apr 2019 12:48 PM IST
Priyesh Mishra
भाषा, टोक्यो
भाषा, टोक्यो
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 25 Apr 2019 12:48 PM IST
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शिंजो अबे (फाइल फोटो)
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जापान सरकार ने उन हजारों लोगों से माफी मांगी है जिनकी ‘युजेनिक्स प्रोटेक्शन’ कानून के तहत जबरन नसबंदी कराई गई थी। सरकार ने पीड़ितों को मुआवजा देने का भी वादा किया है।
मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा ने कहा कि वह पीड़ितों से ‘‘दिल से माफी मांगते’’ हैं। जापान की संसद ने बुधवार को एक विधेयक पारित किया जिसके तहत हर पीड़ित को 28,600 डॉलर मुआवजा मुहैया कराने समेत पीड़ितों की मदद की जाएगी।
जापान में 1948 युजेनिक्स सुरक्षा कानून 1996 लागू किया गया था। इस दौरान 25,000 लोगों की उनकी मर्जी के बिना नसबंदी की गई थी। इस कानून के तहत चिकित्सकों को अक्षम लोगों की नसबंदी करने की अनुमति थी।
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युजेनिक्स कानून के तहत मानसिक रूप से अस्थिर, बीमार, आनुवांशिक विसंगतियों वाले व्यक्तियों का इस प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य किया गया था। ताकि आने वाली पीढ़ी में यह विसंगति न हो, साथ ही मां की सेहत को भी नुकसान न पहुंचे।
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मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा ने कहा कि वह पीड़ितों से ‘‘दिल से माफी मांगते’’ हैं। जापान की संसद ने बुधवार को एक विधेयक पारित किया जिसके तहत हर पीड़ित को 28,600 डॉलर मुआवजा मुहैया कराने समेत पीड़ितों की मदद की जाएगी।
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जापान में 1948 युजेनिक्स सुरक्षा कानून 1996 लागू किया गया था। इस दौरान 25,000 लोगों की उनकी मर्जी के बिना नसबंदी की गई थी। इस कानून के तहत चिकित्सकों को अक्षम लोगों की नसबंदी करने की अनुमति थी।
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युजेनिक्स कानून के तहत मानसिक रूप से अस्थिर, बीमार, आनुवांशिक विसंगतियों वाले व्यक्तियों का इस प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य किया गया था। ताकि आने वाली पीढ़ी में यह विसंगति न हो, साथ ही मां की सेहत को भी नुकसान न पहुंचे।