{"_id":"69e6da5e0a2e4eb9e401bc99","slug":"japan-approves-scrapping-ban-on-lethal-weapons-exports-in-a-change-of-its-postwar-pacifist-policy-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Japan Pacifist Policy Change: जापान की नीति में बड़ा बदलाव, घातक हथियार निर्यात पर प्रतिबंध को हटाने को मंजूरी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Japan Pacifist Policy Change: जापान की नीति में बड़ा बदलाव, घातक हथियार निर्यात पर प्रतिबंध को हटाने को मंजूरी
Tue, 21 Apr 2026 07:31 AM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: Pavan
Updated Tue, 21 Apr 2026 07:31 AM IST
सार
मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए जापान अपने नीतियों में बदलाव कर रहा है। इस कड़ी में जापान ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घातक हथियारों के निर्यात पर लगी पुरानी रोक हटाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
साने ताकाइची
- फोटो : एक्स/साने ताकाइची
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जापान ने मंगलवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घातक हथियारों के निर्यात पर लगी पुरानी रोक हटाने को मंजूरी दे दी है। यह कदम जापान की द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनाई गई शांतिवादी नीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची की कैबिनेट ने नई गाइडलाइन को मंजूरी दी, जिससे अब जापान अपने हथियार दूसरे देशों को बेच सकेगा।
यह भी पढ़ें - ईरान युद्ध : होर्मुज से लेकर बाब अल-मंदेब तक..., रणनीतिक परतों को समझने का जरिया बने ये 10 शब्द
क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे की वजह से लिया गया फैसला
इस फैसले के पीछे मुख्य वजह क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे बताए जा रहे हैं। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत और उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों को देखते हुए जापान अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करना चाहता है। इसके साथ ही जापान अपनी रक्षा इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देना चाहता है, ताकि वह वैश्विक हथियार बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके।
विज्ञापन
सहयोगी देशों ने किया जापान के फैसले का स्वागत
जापान के इस कदम का उसके सहयोगी देशों ने स्वागत किया है। खासकर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप के कई देशों ने भी जापानी हथियारों में रुचि दिखाई है, जिससे भविष्य में रक्षा सहयोग और मजबूत हो सकता है।
चीन ने किया जापान के फैसले का विरोध
हालांकि, इस फैसले का विरोध भी हो रहा है। चीन ने इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। जापान के अंदर भी कई लोग इस बदलाव के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि यह कदम जापान के शांतिवादी संविधान की भावना के खिलाफ है और इससे देश की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें - US: ट्रंप बोले- ईरान के साथ नए समझौते से दुनिया में आएगी शांति, ओबामा-बाइडन की गलतियों को सुधारा जाएगा
बदलते वैश्विक हालात के कारण जापान में बदलाव
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान ने खुद को एक शांतिप्रिय देश के रूप में स्थापित किया था और हथियारों के निर्यात पर कड़ी पाबंदी लगाई थी। लेकिन अब बदलते वैश्विक हालात और सुरक्षा चुनौतियों के बीच जापान अपनी नीति में बदलाव कर रहा है, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - ईरान युद्ध : होर्मुज से लेकर बाब अल-मंदेब तक..., रणनीतिक परतों को समझने का जरिया बने ये 10 शब्द
विज्ञापन
क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे की वजह से लिया गया फैसला
इस फैसले के पीछे मुख्य वजह क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे बताए जा रहे हैं। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत और उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों को देखते हुए जापान अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करना चाहता है। इसके साथ ही जापान अपनी रक्षा इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देना चाहता है, ताकि वह वैश्विक हथियार बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके।
विज्ञापन
सहयोगी देशों ने किया जापान के फैसले का स्वागत
जापान के इस कदम का उसके सहयोगी देशों ने स्वागत किया है। खासकर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप के कई देशों ने भी जापानी हथियारों में रुचि दिखाई है, जिससे भविष्य में रक्षा सहयोग और मजबूत हो सकता है।
चीन ने किया जापान के फैसले का विरोध
हालांकि, इस फैसले का विरोध भी हो रहा है। चीन ने इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। जापान के अंदर भी कई लोग इस बदलाव के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि यह कदम जापान के शांतिवादी संविधान की भावना के खिलाफ है और इससे देश की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें - US: ट्रंप बोले- ईरान के साथ नए समझौते से दुनिया में आएगी शांति, ओबामा-बाइडन की गलतियों को सुधारा जाएगा
बदलते वैश्विक हालात के कारण जापान में बदलाव
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान ने खुद को एक शांतिप्रिय देश के रूप में स्थापित किया था और हथियारों के निर्यात पर कड़ी पाबंदी लगाई थी। लेकिन अब बदलते वैश्विक हालात और सुरक्षा चुनौतियों के बीच जापान अपनी नीति में बदलाव कर रहा है, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन