{"_id":"5eb3f3768ebc3e909214923e","slug":"israeli-parliament-passes-bills-for-formation-of-netanyahu-gantz-unity-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस्राइल की संसद ने नेतान्याहू-गैंट्ज एकता सरकार के गठन के लिए विधेयक पारित किए","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
इस्राइल की संसद ने नेतान्याहू-गैंट्ज एकता सरकार के गठन के लिए विधेयक पारित किए
Thu, 07 May 2020 05:10 PM IST
Rohit Ojha
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Thu, 07 May 2020 05:10 PM IST
विज्ञापन
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस्राइल की संसद ने बृहस्पतिवार को दो मूल कानूनों में भारी बहुमत से संशोधनों को मंजूरी दे दी, जिससे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू द्वारा दिसंबर 2018 के बाद पहली बार पूर्ण रूप से कार्यशील एकता सरकार गठित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। संसद ने नेतान्याहू की लिकुड और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी पूर्व सैन्य प्रमुख बेन्नी गैंट्ज की ब्लू एंड व्हाइट पार्टियों के बीच सत्ता साझेदारी के समझौते को 37 के मुकाबले 71 वोट से मंजूरी दे दी।
विज्ञापन
‘द यरुशलम पोस्ट’ की खबर के अनुसार यामिना के सांसदों को छोड़कर नेतान्याहू के गठबंधन के सांसदों ने विधेयक का समर्थन किया। यामिना के सांसद अनुपस्थित रहे और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे गठबंधन में शामिल होंगे या नहीं। ब्लू एंड व्हाइट तथा लेबर सांसदों ने इसके समर्थन में मतदान किया। केवल लेबर सांसद मेराव माइकली को छोड़कर जो सरकार के खिलाफ हैं।
विज्ञापन
अखबार ने कहा कि चौथे चुनाव को रोकने के लिए बृहस्पतिवार की समयसीमा तक ब्लू एंड व्हाइट द्वारा प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सरकार बनाने की सिफारिश करने के लिए ये विधेयक जरूरी थे। यह घटनाक्रम बुधवार को इजराइल की एक अदालत द्वारा यह फैसला देने के बाद आया है कि नेतान्याहू भ्रष्टाचार के लिए अभ्यारोपित रहते हुए नई सरकार का गठन कर सकते हैं।
विज्ञापन
11 न्यायाधीशों ने अपने फैलने में कहा था कि दो पार्टियों के बीच गठबंधन समझौते में हस्तक्षेप का कोई विधिक कारण नहीं है। 70 वर्षीय नेतान्याहू को इस वर्ष के शुरू में रिश्वत स्वीकार करने, धोखाधड़ी करने और विश्वास हनन के आरोपों के तहत अभ्यारोपित किया गया था।