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Gaza: भूखमरी से जूझते गाजा के लिए इस्राइली सेना ने 3 इलाकों में फायरिंग रोकने का किया एलान, ये है वजह

Sun, 27 Jul 2025 02:25 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गाजा पट्टी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गाजा पट्टी Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sun, 27 Jul 2025 02:25 PM IST
सार

गाजा में बढ़ती भूख और मानवीय संकट को देखते हुए इस्राइली सेना ने मुवासी, दीर अल-बलह और गाजा सिटी में रोजाना सुबह 10 से रात 8 बजे तक सैन्य कार्रवाई रोकने का एलान किया है। राहत एजेंसियों को सुरक्षित रास्तों से भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने की अनुमति दी गई है। 

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Israeli military pause fighting in three areas of Gaza to address surging hunger humanitarian situation
बेंजमिन नेतन्याहू, इस्राइली पीएम - फोटो : ANI

विस्तार

गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति के बीच इस्राइली सेना ने रविवार को घोषणा की कि वह गाजा के तीन प्रमुख इलाकों में सामरिक विराम (टैक्टिकल पॉज) लागू करेगी। इस कदम का उद्देश्य इलाके में तेजी से फैल रही भूख और मानवीय संकट को कुछ हद तक कम करना है। इस्राइली सेना ने रविवार को घोषणा की कि वह गाजा के तीन प्रमुख इलाकों गाजा सिटी, दैर अल-बलाह और मुवासी में हर दिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक 'युद्धविराम' लागू करेगी। यह कदम गाजा में बढ़ती भुखमरी की स्थिति को देखते हुए मानवीय राहत पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह रोक अगली सूचना तक लागू रहेगी। इन इलाकों को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां राहत सामग्री पहुंचाने में लगातार दिक्कतें आ रही थीं और आबादी तेजी से खाद्य संकट से जूझ रही है।
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इस दौरान सहायता एजेंसियों को सुरक्षित मार्गों से भोजन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाने की अनुमति दी जाएगी। इस्राइली सेना ने रविवार को ग़ज़ा में सहायता सामग्री के हवाई वितरण की भी पुष्टि की, जिसमें आटा, चीनी और डिब्बाबंद खाद्य सामग्री शामिल थी। वहीं, संयुक्त राष्ट्र और खाद्य विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि गाजा में अकाल की स्थिति पैदा हो सकती है। इस्राइल का आरोप है कि हमास राहत सामग्री का दुरुपयोग करता है, हालांकि उसने इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने इन दावों को खारिज करते हुए अपनी वितरण प्रणाली को भरोसेमंद बताया है।
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राहत सामग्री के लिए बनाए जाएंगे सुरक्षित रास्ते
इस्राइली सेना ने बयान जारी कर कहा कि वह अब इन इलाकों में सुरक्षित मार्ग तय करेगी ताकि राहत एजेंसियां भोजन और अन्य जरूरी सामान जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा सकें। सेना का कहना है कि इससे विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफआई), रेड क्रॉस और अन्य एजेंसियों की मदद आसान होगी। मई के बाद से इस्राइल ने 4,500 ट्रकों को गाजा में प्रवेश की अनुमति दी, लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसे प्रतिदिन 500 से 600 ट्रकों की आवश्यकता है। भीड़ और गैंगों के कारण अधिकांश सहायता लूट ली जाती है। इस्राइल का कहना है कि ये उपाय संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों के सहयोग से लिए गए हैं।
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भूख के साथ सुरक्षा भी बनी चुनौती
राहत एजेंसियों का कहना है कि भोजन पहुंचाने के लिए केवल फायरिंग रोकना काफी नहीं है। गाजा के अंदर कई जगहों पर सुरक्षा की स्थिति अस्थिर है, जिससे सप्लाई चेन लगातार बाधित हो रही है। इसके साथ ही, कई इलाके ऐसे भी हैं जहां तक पहुंचना अब भी लगभग नामुमकिन है।

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इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच उठाया गया अहम कदम
इस्राइली सेना का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी इस्राइल से मानवीय राहत को प्राथमिकता देने की अपील की थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले से युद्ध की व्यापक स्थिति में कोई बदलाव आएगा या नहीं, लेकिन भूख से जूझ रहे लाखों गाजा निवासियों के लिए यह एक छोटी राहत जरूर हो सकती है।


 
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