Conflict: थाईलैंड-कंबोडिया में सीमा पर तनाव जारी, अब तक 33 की मौत; सहयोगी दलों ने की युद्धविराम की अपील
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर तनाव तीसरे दिन भी जारी रहा। इस लड़ाई में अब तक दोनों पक्षों से 33 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, करीब 1,68,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा, शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोगी दोनों देशों से युद्धविराम की अपील कर रहे हैं।
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थाईलैंड और कंबोडिया में शनिवार को तीसरे दिन भी सीमा पर झड़प जारी रहीं। युद्धविराम के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच दोनों देश एक-दूसरे पर हमले शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं। अब तक इस लड़ाई में कम से कम 33 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1,68,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।
कई सीमावर्ती गांवों के पास तोप और बंदूकों से गोलीबारी हुई। यह लड़ाई बृहस्पतिवार को तब शुरू हुई, जब एक बारूदी सुरंग विस्फोट में पांच थाई सैनिक घायल हो गए। इसके बाद कंबोडियाई और थाई अधिकारियों ने झड़पों की शुरुआत के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि दोनों देशों ने अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। वहीं, थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ अपनी सीमाएं बंद कर दी हैं।
कंबोडिया में 13 और थाईलैंड में 20 हुई मौतों की संख्या
कंबोडियाई अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को 12 नई मौतें हुई हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। वहीं, थाई सेना का कहना है कि उनका एक सैनिक मारा गया है, जिससे वहां कुल मौतों की संख्या 20 हो गई है। इनमें ज्यादातर आम नागरिक थे।
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कंबोडिया से 37635 और थाईलैंड से 131000 लोग विस्थापित
कंबोडिया के सूचना मंत्री नेथ फेकट्रा ने शनिवार को कहा कि झड़पों के कारण तीन सीमावर्ती प्रांतों में 10,865 परिवारों यानी करीब 37,635 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। वहीं, थाई अधिकारियों ने कहा कि 131,000 से ज्यादा लोग सीमावर्ती गांव से भाग चुके हैं।
दोनों देशों के बीच 800 किलोमीटर लंबी सीमा विवादित
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 800 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिस पर लंबे समय से विवाद रहा है, लेकिन पिछले टकराव सीमित और संक्षिप्त रहे हैं। ताजा तनाव मई में तब भड़क गया, जब एक टकराव में एक कंबोडियाई सैनिक मारा गया, जिससे कूटनीतिक दरार पैदा हो गई और थाईलैंड की घरेलू राजनीति में उथल-पुथल मच गई।
थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष पर कड़ी नजर : भारत
भारत ने शनिवार को कहा कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष की स्थिति पर करीबी से नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत के दोनों देशों के साथ घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। उम्मीद है कि दोनों पक्ष शत्रुता खत्म करने और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाएंगे। थाईलैंड और कंबोडिया स्थित भारतीय दूतावासों ने भारतीय यात्रियों के लिए पहले ही अलग-अलग परामर्श जारी कर दिए हैं। सभी भारतीय यात्रियों से कहा गया है कि वे अशांत क्षेत्रों में पर्यटन स्थलों पर जाने से पहले देश के अधिकारियों से ताजा जानकारी प्राप्त करें।
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संघर्ष विराम का दबाव बढ़ाने में जुटे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि कंबोडिया और थाईलैंड के बीच संघर्ष विराम का दबाव बढ़ाने के लिए वह दोनों देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, कंबोडिया के साथ बातचीत हो चुकी है। थाईलैंड की राय के आधार पर युद्ध विराम पर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है। मैं एक जटिल स्थिति को सरल बनाने की कोशिश कर रहा हूं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने तत्काल युद्धविराम की अपील की
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर हाल ही में हुई गोलीबारी और झड़पों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने दोनों देशों से तत्काल युद्धविराम और बातचीत से विवाद सुलझाने की अपील की है। गुटेरेस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर हुई हाल की लड़ाई को लेकर बहुत चिंतित हूं। मैं दोनों देशों से अपील करता हूं कि वे तुरंत लड़ाई बंद करें और शांतिपूर्ण बातचीत से किसी भी विवाद का हल निकालें। अगर जरूरत पड़ी तो मैं इस शांति प्रक्रिया में मदद करने के लिए तैयार हूं।'
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