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Israel: 'गाजा संघर्ष विराम ठंडे बस्ते में, दो-देश समाधान भी नहीं होने वाला', इस्राइली रक्षा विशेषज्ञ का दावा

Wed, 02 Oct 2024 03:27 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 02 Oct 2024 03:27 PM IST
सार

ब्रिगेडियर जनरल (रिजर्व) कुपरवासर जेरूसलम सेंटर फॉर सिक्योरिटी एंड फॉरेन अफेयर्स में एक वरिष्ठ शोधकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल का उद्देश्य गाजा के साथ-साथ लेबनान का नेतृत्व बदलना है। 

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Israeli Defence Expert said Ceasefire out of question, two-state solution not happening anytime soon
गाजा में तबाही का मंजर। - फोटो : UNICEF (file photo)

विस्तार

गाजा युद्ध का दंश झेल रहे पश्चिम एशिया के एक और मोर्चे पर वार-पलटवार तेज हो गया है। हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला के मारे जाने के बाद ईरान ने मंगलवार रात इस्राइल पर 200 से अधिक मिसाइलें दाग दीं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इन सबके बीच, इस्राइल के रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर जनरल (रेस) योसी कुपरवासर का मानना है कि गाजा में संघर्ष विराम की पेशकश अब ठंडे बस्ते में है और 'दो-देश समाधान' भी जल्द नहीं होने वाला। 

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कौन हैं कुपरवासर
ब्रिगेडियर जनरल (रिजर्व) कुपरवासर जेरूसलम सेंटर फॉर सिक्योरिटी एंड फॉरेन अफेयर्स में एक वरिष्ठ शोधकर्ता हैं। वह आईडीएफ सैन्य खुफिया में अनुसंधान प्रभाग के पूर्व प्रमुख और इस्राइल के रणनीतिक मामलों के मंत्रालय के महानिदेशक रह चुके हैं।
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ईरान को वास्तविक आकार में वापस लाने की आवश्यकता पर जोर
कुपरवासर ने एक इंटरव्यू में इस बात पर प्रकाश डाला कि इस्राइल का उद्देश्य गाजा के साथ-साथ लेबनान का नेतृत्व बदलना है। साथ ही संघर्ष में किसी भी समाधान को हासिल करने के लिए ईरान को उसके वास्तविक आकार में वापस लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। 
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उन्होंने कहा, 'एक वास्तविक समाधान यह है कि हमास और इसके सभी संगठनों को गाजा की सत्ता से हटा दिया जाए, लेबनान में नए हालात पैदा हों, जहां लेबनानी राष्ट्र अपने क्षेत्र में बल प्रयोग के एकाधिकार का स्वामी बन जाए, जो कि अभी नहीं है। जब ईरान अपने वास्तविक आकार में वापस आ जाएगा और एक शक्ति बनना शुरू कर देगा। मध्य पूर्व में एक महाशक्ति बन जाएगा और ईरान में जीवन की स्थिति में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित करेगा, तो ईरानी मध्य पूर्व में अपना आधिपत्य स्थापित नहीं करेंगे।'

अपने घरों में सुरक्षित महसूस कर सकें: रक्षा विशेषज्ञ
पूर्व सैन्य खुफिया अधिकारी ने आगे कहा कि इस्राइल ने गाजा में हमास नेतृत्व को बदलने की योजना बनाई है और लेबनान के संदर्भ में उत्तरी सीमा में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, 'हम गाजा में सरकार को बदलने और हमास के स्थान पर किसी और को रखने की योजना बना रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करने की योजना बना रहे हैं कि उत्तरी सीमा से लगे हमारे नागरिक जब अपने घरों में वापस आएं तो सुरक्षित महसूस कर सकें।'

रक्षा विशेषज्ञ ने कहा, 'हम चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान को उसके वास्तविक आकार में वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए, जिससे मध्य पूर्व की संपूर्ण स्थिरता को खतरा न हो। यही हमारी योजना है।'



गौरतलब है, हमास ने बीते साल सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमला कर दिया था। इस आतंकवादी हमले में 12 सौ लोग मारे गए थे और लगभग ढाई सौ लोगों को बंधक बनाया गया था। हमास के जिस समूह ने इस्राइल पर हमला किया था, उसका नेतृत्व याह्या सिनवर ने ही किया था। इसके बाद इस्राइल ने जवाबी कार्रवाई की, जो अभी भी जारी है। अब तक फलस्तीन में 35 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।  

अमेरिका पर क्या बोले अधिकारी?
यह पूछे जाने पर कि नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के साथ संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में नेतृत्व परिवर्तन होने पर इस्राइल की रणनीति में बदलाव होगा, कुपरवासर ने कहा कि इस्राइल के लिए अमेरिकी समर्थन में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि वे हमें वह करने से रोकेंगे जो हमारी सुरक्षा के लिए जरूरी है। और यही कारण है कि हमने दुनिया को दिखाया कि हिजबुल्ला क्या करने की योजना बना रहा था। वह दक्षिणी लेबनान से किस तरह के हमले की योजना बना रहा था ताकि लोग समझ सकें कि युद्ध को रोकने के लिए, हमारी आबादी के खिलाफ बड़े पैमाने पर आतंकी हमले को रोकने के लिए हम जो करते हैं वह एक आवश्यक सावधानी है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि वे हमें ऐसा करने से रोकने जा रहे हैं।'

गाजा में संघर्ष विराम वार्ता का जिक्र करते हुए, जिस पर अमेरिका और कई अन्य शक्तियां जोर दे रही हैं, इस्राइल के रक्षा विशेषज्ञ ने स्वीकार किया कि यह अभी ठंडे बस्ते में है और इस पर तभी विचार किया जा सकता है जब इस्राइल हिजबुल्ला से निपट ले। उन्होंने कहा कि वे (अमेरिका) किसी तरह के संघर्ष विराम तक पहुंचना चाहते हैं, लेकिन वे समझते हैं कि यह अब बहुत दूर है और सबसे पहले इस्राइल को खुद का बचाव करना होगा।

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह (युद्ध विराम वार्ता) अभी ठंडे बस्ते में है। शायद ईरान और हिजबुल्ला से निपटने के बाद हमें हमास के पास वापस जाना चाहिए और वे बहुत कमजोर स्थिति में होंगे। इसलिए, तब हम शायद किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे, किसी तरह का ऐसा सौदा, जिससे हम हमास से अपने बंधकों को वापस पा सकें।'


दो राष्ट्र समाधान पर ये कही बात
दो-राष्ट्र समाधान के बारे में पूछे जाने पर, कुपरवासर ने कहा कि इस मुद्दे पर अभी बात करना भ्रम फैलाने जैसा होगा। सात अक्तूबर के हमलों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि फलस्तीनी इस्राइल राष्ट्र को नष्ट करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

इस्राइली रक्षा विशेषज्ञ ने कहा, 'दो-राष्ट्र समाधान। सबसे पहले इस समय इसका कोई समाधान नहीं है। इसलिए इसके बारे में बात करना पूरी तरह से भ्रम फैलाने जैसा है। समस्या यह है कि फलस्तीनियों ने, जैसा कि हमने सात अक्तूबर को देखा था, इस्राइल राष्ट्र को नष्ट करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यही उनके जीवन का उद्देश्य है कि इस्राइल के खिलाफ संघर्ष करना जब तक कि यह खत्म न हो जाए। इसलिए, जब तक यह मामला है, दो-राष्ट्र समाधान के बारे में बात करना भ्रमपूर्ण है। यह जल्द ही होने वाला नहीं है।'

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