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समुद्र में तेल रिसाव के बाद इस्रायल ने बंद किया भूमध्यसागरीय तट, खतरे में जीव-जंतु
Sun, 21 Feb 2021 10:58 PM IST
प्रियंका तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Sun, 21 Feb 2021 10:58 PM IST
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इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : Social Media
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इस्रायल में समुद्र में तेल रिसाव के कारण जीव-जंतुओं के लिए खतरा पैदा हो गया है। यहां की सरकार ने रविवार को अगले नोटिस तक अपने सभी भूमध्यसागरीय तटों को बंद करवा दिया है।
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बताया जा रहा है कि रिसाव के बाद कई टन तेल समुद्र में 100 मील से अधिक दूरी तक फैल गया है। इसे देश की सर्वाधिक भीषण पारिस्थितिकी आपदाओं में से एक कहा जा रहा है। पिछले सप्ताह भीषण तूफान के बाद समुद्र में तेल फैल गया था। हालांकि, तेल रिसाव के सही कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है।
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इस्रायल के ‘नेचर एंड पार्क्स अथॉरिटी’ ने इस घटना को देश के इतिहास में सर्वाधिक भीषण पारिस्थितिकी आपदाओं में से एक करार दिया है, जिससे समुद्री जीव-जंतुओं के लिए खतरा पैदा हो गया है। स्वयंसेवी शनिवार को तेल की परत हटाने के काम में मदद करने पहुंचे, लेकिन इनमें से कई लोग इसकी गंध के चलते बीमार हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को देश के सबसे बड़े बीच पर आए और उन्होंने अच्छा कार्य करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय की सराहना की है।
इस्रायल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को अगले नोटिस तक अपने सभी भूमध्यसागरीय तटों को बंद कर दिया। बता दें, इससे पहले साल 2014 में अरावा मरुस्थल में कच्चा तेल फैल गया था, जिससे काफी नुकसान हुआ था।
सराकार लोगों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वह तटीय स्थान पर जाने से बचें क्योंकि इससे उनकी सेहत को खतरा हो सकता है। इस्रायल सरकार का कहना है कि यहां की साफ-सफाई में लाखों रुपये की जरूरत पड़ेगी।