बातचीत और बमबारी साथ-साथ: दशकों बाद इस्राइल-लेबनान की सीधी सैन्य वार्ता, पेंटागन में शांति प्रयासों पर चर्चा
दशकों बाद इस्राइल और लेबनान के सैन्य अधिकारियों के बीच पेंटागन में सीधी वार्ता हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर संघर्ष जारी रहा। वार्ता के बीच इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान में और आगे बढ़ी व हवाई हमलों में छह लोगों की मौत हो गई। आइए विस्तार से जानते हैं।
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विस्तार
इस्राइल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष के बीच शुक्रवार को इस्राइली सैनिक दक्षिणी लेबनान के दिब्बीन गांव में दाखिल हो गए। इससे उनका अभियान देश के भीतर और आगे बढ़ गया। इसी दौरान इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। पांच लोगों की मौत देइर कानौन अल नहर और अब्बासियेह गांवों पर हुए हवाई हमले में हुई, जबकि एब्बा गांव में एक नगरपालिका पुलिसकर्मी की जान चली गई।
दशकों बाद हुई पहली प्रत्यक्ष सैन्य वार्ता
उधर, वॉशिंगटन स्थित पेंटागन में लेबनान और इस्राइल के सैन्य अधिकारियों के बीच दशकों बाद पहली प्रत्यक्ष सैन्य वार्ता हुई। छह सदस्यीय लेबनानी सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने इस्राइली अधिकारियों से मुलाकात की। पेंटागन ने वार्ता को सकारात्मक बताया और कहा कि इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता के लिए व्यावहारिक ढांचे तैयार करने पर चर्चा हुई। वार्ता के निष्कर्ष अगले सप्ताह अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा राजनीतिक नेताओं के साथ होने वाली बातचीत का आधार बनेंगे।
लेबनान ने क्या मांग रखी?
लेबनानी प्रतिनिधिमंडल ने संघर्षविराम को व्यापक रूप से लागू करने और 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम की निगरानी करने वाली समिति को फिर से सक्रिय करने की मांग रखी। लेबनानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि संघर्षविराम के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद सीमा पर लेबनानी सेना की तैनाती और दक्षिणी लेबनान से इस्राइली सैनिकों की वापसी जैसे मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत में कहा कि किसी भी अन्य मुद्दे पर आगे बढ़ने से पहले संघर्षविराम का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस बीच इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों के लिए निकासी चेतावनी जारी की, जिसके बाद सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाना पड़ा।
दक्षिणी लेबनान में संघर्ष जारी
दक्षिणी लेबनान में योहमोर और जवतर अल-शर्कियेह गांवों के आसपास इस्राइली सेना और हिजबुल्लाह लड़ाकों के बीच झड़पें जारी रहीं। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने योहमोर के भीतर इस्राइली सैनिकों को निशाना बनाया। ये गांव ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले के पास स्थित हैं, जो इजरायल-लेबनान सीमा से करीब 15 किलोमीटर दूर है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उत्तरी मोर्चे का दौरा करते हुए कहा कि उनकी सेना लितानी नदी पार कर रणनीतिक क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित कर चुकी है और हिजबुल्लाह को करारा झटका दे रही है। उन्होंने कहा कि इस्राइल बेरूत, बेका घाटी और पूरे मोर्चे पर अभियान चला रहा है।
अमेरिका-ईरान में युद्धविराम को बढ़ाने पर चर्चा
इस बीच अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों के बीच गुरुवार को युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई वार्ता शुरू करने को लेकर एक प्रारंभिक सहमति बनने की खबर सामने आई। हालांकि ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी एक संभावित समझौते की बात कही, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे मंजूरी देंगे या नहीं।
हिजबुल्लाह सांसद ने क्या कहा?
हिजबुल्लाह सांसद हसन फदलल्लाह ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है तो लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई रुक सकती है। मार्च में शुरू हुए ताजा इस्राइल-हिजबुल्लाह संघर्ष में अब तक लेबनान में 3,200 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।