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UNGA: गाजा में संघर्षविराम का प्रस्ताव यूएन में पारित, 120 देशों ने किया समर्थन, मतदान से दूर रहा भारत

Sat, 28 Oct 2023 02:00 AM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: गुलाम अहमद Updated Sat, 28 Oct 2023 02:00 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में गाजा में मानवीय आधार पर संघर्षविराम के लिए पेश प्रस्ताव को भारी बहुमत से अपनाया गया। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 14 वोट पड़े। भारत, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी समेत 45 देशों ने मतदान से खुद को अलग रखा।

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Israel Hamas War Update UNGA passes humanitarian truce resolution on ongoing Gaza crisis Israeli airstrike
UNGA Meeting - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इस्राइल-हमास युद्ध के बीच गाजा में मानवीय आधार पर संघर्षविराम के लिए जॉर्डन की तरफ से पेश प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित हो गया है। यूएनजीए ने प्रस्ताव को भारी बहुमत से अपनाया है। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, जबकि विरोध में 14 वोट पड़े। वहीं 45 देशों ने मतदान से खुद को अलग रखा। प्रस्ताव में इस्राइल और हमास के बीच मानवीय आधार पर तत्काल संघर्षविराम का आह्वान किया गया है। साथ ही यह बिना किसी रुकावट के गाजा तक मानवीय सहायता पहुंचाने का आह्वान करता है, जिसमें पानी, बिजली और वस्तुओं के वितरण को फिर से शुरू करना शामिल है।

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भारत, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा सहित 45 देशों ने मतदान से दूरी बनाई। कनाडा ने इस्राइल पर हमास के हमले की निंदा के लिए प्रस्ताव में एक संशोधन पेश किया, जो खारिज हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि हमास के साथ युद्ध में इस्राइल का मजबूती से समर्थन करने वाले ब्रिटेन और जर्मनी मतदान से अनुपस्थित रहे। संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने मतदान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, इस प्रतिष्ठित संस्था को हिंसा का सहारा लेने की घटनाओं पर गहराई से चिंता करनी चाहिए।
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इन देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ किया मतदान
अमेरिका, इस्राइल, ऑस्ट्रिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, फिजी, ग्वाटेमाला, हंगरी, मार्शल द्वीप, माइक्रोनेशिया, नाउरू, पापुआ न्यू गिनी, पैराग्वे और टोंगा ने जॉर्डन द्वारा पेश प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
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मतभेद दूर कर एकजुट हों
यूएन में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा, हिंसा जब इतने बड़े पैमाने और तीव्रता पर होती है, तो यह बुनियादी मानवीय मूल्यों का अपमान है। उन्होंने 7 अक्तूबर के आतंकी हमलों की निंदा की। कहा, आइए, हम मतभेदों को दूर रखें, एकजुट हों और आतंकवाद को सहन न करने का दृष्टिकोण अपनाएं।

नेतन्याहू ने कहा- यह इस्राइल की आजादी की दूसरी लड़ाई
इस्राइल ने इस प्रस्ताव को यूएन व समूची मानव जाति के लिए काला दिन बताया। इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव में कहा, जमीनी अभियान के साथ गाजा में लड़ाई दूसरे चरण में पहुंच गई है। यह इस्राइल की आजादी की दूसरी जंग है। वहीं, विदेश मंत्री एली कोहेन ने कहा, इस्राइल हमास को उसी तरह खत्म करने को प्रतिबद्ध है, जैसे दुनिया ने नाजियों और आईएस के खतरों का सामना किया था।

फलस्तीनी राजदूत ने प्रस्ताव का किया स्वागत
संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर ने कहा कि गाजा में युद्ध को रोकने के लिए सब कुछ करने की जरूरत है, ताकि बच्चों और आम नागरिकों की हत्याओं के साथ और अधिक विनाश को रोका जा सके। मंसूर ने कहा कि फलस्तीनी प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से युद्धविराम रोकने के लिए प्रस्ताव अपनाने की कोशिश करता रहेगा।

इस्राइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार...
वहीं, संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के राजदूत गिलाद एर्दान ने कहा कि हम हमास के आतंकवादियों को फिर से हथियारबंद होकर ऐसे अत्याचार करने देने के लिए हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेंगे। इस्राइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है और इस अधिकार के साथ यह सुनिश्चित करना है कि इस तरह के अत्याचार कभी दोबारा न हों। इसे सुनिश्चित करने का एकमात्र उपाय हमास को पूरी तरह खत्म करना है।


कनाडा-अमेरिका द्वारा समर्थित संशोधन प्रस्ताव गिरा 
यूएनजीए में कनाडा और अमेरिका द्वारा समर्थित संशोधन प्रस्ताव पास नहीं हो सका, जिसमें हमास के आतंकी हमले और लोगों को बंधक बनाने की निंदा की गई थी। अरब देशों के एक समूह द्वारा गाजा में तत्काल मानवीय आधार पर संघर्षविराम के लिए पेश किए गए प्रस्ताव के जवाब में कनाडा ने संशोधन प्रस्ताव पेश किया था। अमेरिका ने भी हमास का जिक्र नहीं करने के कारण जॉर्डन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव की आलोचना करते हुए संशोधन का समर्थन किया। 88 सदस्यों ने  संशोधन के पक्ष में मतदान किया, जबकि 55 देशों ने विरोध में और 23 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। इस तरह संशोधन दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा।

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