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Israel Hamas War: इस्राइल और सऊदी चाहते हैं शांति, लेकिन युद्ध के कारण उलझे प्रयास, भविष्य पर भी पड़ेगा असर
Tue, 16 Jan 2024 03:36 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 16 Jan 2024 03:36 AM IST
सार
खाड़ी देशों, विशेषकर सऊदी अरब द्वारा देखा जाने वाला सबसे अच्छा परिदृश्य एक पूरी तरह से नई फलस्तीनी इकाई की स्थापना है। यह गाजा पट्टी को नियंत्रित करेगा, जो पूरी तरह से विसैन्यीकृत पट्टी बन जाएगी और मिस्र के साथ समन्वय में मौलिक और नई सुरक्षा व्यवस्था के अधीन होगी।
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गाजा में इस्राइली सेना
- फोटो : ANI
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच युद्ध को 100 दिन पूरे हो चुके हैं। ऐसे में अब इसपर इस्राइल और सऊदी के बीच कई तरह चर्चाएं हुईं। खाड़ी राज्यों में सत्तारूढ़ हलकों से करीबी संबंध रखने वाले एक अरब सूत्र ने मीडिया को बताया कि इज्राइली और सऊदी अधिकारी वास्तव में बहुत सी बातों पर सहमत हैं। दोनों अपने संबंधों को सामान्य बनाना चाहते हैं, दोनों शांति प्रयासों को जारी रखने के इच्छुक हैं, जहां वे 7 अक्तूबर को रवाना हुए थे और दोनों हमास को गाजा से बाहर करना चाहते हैं। लेकिन गाजा में युद्ध के कारण शांति प्रयास उलझ गए हैं और इसे सुलझाने से पट्टी के युद्ध के बाद के भविष्य पर काफी असर पड़ेगा।
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खाड़ी देशों, विशेषकर सऊदी अरब द्वारा देखा जाने वाला सबसे अच्छा परिदृश्य एक पूरी तरह से नई फलस्तीनी इकाई की स्थापना है। यह गाजा पट्टी को नियंत्रित करेगा, जो पूरी तरह से विसैन्यीकृत पट्टी बन जाएगी और मिस्र के साथ समन्वय में मौलिक और नई सुरक्षा व्यवस्था के अधीन होगी। इसके साथ ही इस परिदृश्य में गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण में सऊदी और अरब की भागीदारी भी शामिल है।
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गाजा पट्टी के प्रबंधन में भी सऊदी की भागीदारी
यह पूछे जाने पर कि यरूशलेम को रियाद से क्या संदेश मिले हैं, एक इस्राइली राजनीतिक अधिकारी ने बताया कि युद्ध के अगले दिन गाजा पट्टी के प्रबंधन में भी सऊदी की भागीदारी से इंकार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, किसी भी साझा दृष्टिकोण को हासिल करना जटिल होगा।
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एक ओर, रियाद का कहना है कि सामान्यीकरण वार्ता जारी रखने से पहले युद्ध समाप्त होना चाहिए। दूसरी ओर, जेरूसलम संघर्ष समाप्त होने से पहले इस पर स्पष्टता चाहता है कि युद्ध के बाद गाजा में सऊदी की भूमिका कैसी होगी।
खूनी युद्ध के अंत में ही किए जा सकते हैं हस्ताक्षर
खाड़ी के सत्तारूढ़ हलकों के भी करीब एक दूसरे अरब सूत्र ने बताया कि प्रक्रिया और गति मौजूद है और स्थिर है और एक पल के लिए भी नहीं रुकी है। वहीं गाजा पट्टी में स्थिति के बावजूद संबंध स्थापित करने के लिए समझौते की दिशा में प्रगति हो सकती है। इस तरह के समझौते पर केवल गाजा पट्टी में खूनी युद्ध के अंत में ही हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
सउदी समझते हैं कि इस्राइल के साथ शांति से सउदी को अमेरिकी हथियारों और परमाणु प्रौद्योगिकी तक पहुंच मिल जाएगी और गाजा के प्रशासन में भूमिका निभाने से रियाद की क्षेत्रीय प्रोफाइल में वृद्धि होगी।लेकिन रियाद गाजा में नई यथास्थिति का पक्ष नहीं बनना चाहता है जो फलस्तीनी राज्य की ओर नहीं ले जाता है।
यह समझ से परे है कि एक अरब देश और निश्चित रूप से सऊदी अरब वह पार्टी बनने के लिए सहमत होगा जो फलस्तीनी मातृभूमि के दो हिस्सों को काट देगी और गाजा पट्टी पर फलस्तीनी संप्रभुता के उल्लंघन को बढ़ावा देगी।