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क्या यूक्रेन का साथ छोड़ रहा अमेरिका?: नहीं मिली रूसी हमलों की चेतावनी, स्टारलिंक पर क्या बोले जेलेंस्की?
Mon, 19 Oct 2026 08:38 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 19 Oct 2026 08:38 AM IST
सार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि अमेरिका ने तीन दिनों तक यूक्रेन के साथ अहम खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया था, जिससे रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की चेतावनी नहीं मिली। उन्होंने स्टारलिंक सेवाओं पर जारी पाबंदियों की भी चिंता जताई।
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अमेरिका की खुफिया मदद पर लगा ब्रेक?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने तीन दिनों के लिए यूक्रेन के साथ महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी साझा करना अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था, जिसके कारण उस अवधि के दौरान यूक्रेन की सेनाओं को रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बारे में अमेरिकी चेतावनियां नहीं मिलीं।
जेलेंस्की ने क्या बताया?
एनबीसी के 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम को दिए एक साक्षात्कार में, जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेनी सेना की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले सैटेलाइट संचार पर लगी पाबंदियां पूरी तरह से नहीं हटाई गई हैं। इससे कीव को मिल रहे वाशिंगटन के सैन्य और खुफिया समर्थन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
यूक्रेनी नेता ने कहा कि खुफिया जानकारी मिलने में रुकावट आने से ऐसी सूचनाओं पर असर पड़ा, जो केवल अमेरिका ही दे सकता था। खास तौर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पहले से चेतावनी। जेलेंस्की ने कहा, 'हमें रूस की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके किए गए हमलों की जानकारी नहीं मिल पाई।'
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अमेरिकी प्रणालियों पर क्या कहा?
उन्होंने बताया कि यूक्रेन को यूरोपीय सरकारों और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से खुफिया जानकारी तो मिलती रही, लेकिन उनकी क्षमताएं अमेरिकी प्रणालियों की पूरी तरह से जगह नहीं ले सकतीं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास मदद करने वाले दर्जनों देश हैं। लेकिन केवल अमेरिका के पास ही यह खास खुफिया जानकारी होती है, जिससे वे हमें यानी हमारे पक्ष को बता सकते हैं कि रूस बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। और तीन दिनों तक चले बैलिस्टिक हमलों के दौरान हमें यह नहीं मिल पाया।'
जेलेंस्की ने बताया कि खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था को अब बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा, 'यह कुछ समय के लिए रोक दी गई थी। फिर अमेरिकी पक्ष ने इसे दोबारा शुरू कर दिया। हम इसके लिए बहुत आभारी हैं। अब यह काम कर रही है।' यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब रूस के साथ युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये को लेकर वाशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ रहा है।
स्टारलिंक को लेकर क्यों चिंता जताई?
जेलेंस्की ने 'स्टारलिंक' (एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क) और उससे जुड़ी सैन्य सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह रुकावट जानबूझकर पैदा की गई थी, तो जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि ये पाबंदियां अमेरिकी सरकार की ओर से लगाई गई थीं। उन्होंने कहा, 'जाहिर है, यह संदेश सरकार की तरफ से आया था। मुझे नहीं पता कि यह किस व्यक्ति या किस कैबिनेट आदि की तरफ से आया था।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या सैटेलाइट सेवाएं पूरी तरह से बहाल हो गई हैं, तो उन्होंने जवाब दिया: 'नहीं, बिल्कुल नहीं। अभी भी कुछ पाबंदियां हैं।' यूक्रेनी राष्ट्रपति के इस दावे को ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चुनौती दी, जो उसी कार्यक्रम में अलग से शामिल हुए थे।
बता दें कि रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। तब से, रूसी सैन्य अभियानों (जिनमें मिसाइल और ड्रोन हमले भी शामिल हैं) के खिलाफ यूक्रेन के बचाव में अमेरिकी खुफिया जानकारी, हथियारों और सैटेलाइट संचार ने अहम भूमिका निभाई है।
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जेलेंस्की ने क्या बताया?
एनबीसी के 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम को दिए एक साक्षात्कार में, जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेनी सेना की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले सैटेलाइट संचार पर लगी पाबंदियां पूरी तरह से नहीं हटाई गई हैं। इससे कीव को मिल रहे वाशिंगटन के सैन्य और खुफिया समर्थन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
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यूक्रेनी नेता ने कहा कि खुफिया जानकारी मिलने में रुकावट आने से ऐसी सूचनाओं पर असर पड़ा, जो केवल अमेरिका ही दे सकता था। खास तौर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पहले से चेतावनी। जेलेंस्की ने कहा, 'हमें रूस की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके किए गए हमलों की जानकारी नहीं मिल पाई।'
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अमेरिकी प्रणालियों पर क्या कहा?
उन्होंने बताया कि यूक्रेन को यूरोपीय सरकारों और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से खुफिया जानकारी तो मिलती रही, लेकिन उनकी क्षमताएं अमेरिकी प्रणालियों की पूरी तरह से जगह नहीं ले सकतीं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास मदद करने वाले दर्जनों देश हैं। लेकिन केवल अमेरिका के पास ही यह खास खुफिया जानकारी होती है, जिससे वे हमें यानी हमारे पक्ष को बता सकते हैं कि रूस बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। और तीन दिनों तक चले बैलिस्टिक हमलों के दौरान हमें यह नहीं मिल पाया।'
जेलेंस्की ने बताया कि खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था को अब बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा, 'यह कुछ समय के लिए रोक दी गई थी। फिर अमेरिकी पक्ष ने इसे दोबारा शुरू कर दिया। हम इसके लिए बहुत आभारी हैं। अब यह काम कर रही है।' यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब रूस के साथ युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये को लेकर वाशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ रहा है।
स्टारलिंक को लेकर क्यों चिंता जताई?
जेलेंस्की ने 'स्टारलिंक' (एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क) और उससे जुड़ी सैन्य सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह रुकावट जानबूझकर पैदा की गई थी, तो जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि ये पाबंदियां अमेरिकी सरकार की ओर से लगाई गई थीं। उन्होंने कहा, 'जाहिर है, यह संदेश सरकार की तरफ से आया था। मुझे नहीं पता कि यह किस व्यक्ति या किस कैबिनेट आदि की तरफ से आया था।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या सैटेलाइट सेवाएं पूरी तरह से बहाल हो गई हैं, तो उन्होंने जवाब दिया: 'नहीं, बिल्कुल नहीं। अभी भी कुछ पाबंदियां हैं।' यूक्रेनी राष्ट्रपति के इस दावे को ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चुनौती दी, जो उसी कार्यक्रम में अलग से शामिल हुए थे।
बता दें कि रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। तब से, रूसी सैन्य अभियानों (जिनमें मिसाइल और ड्रोन हमले भी शामिल हैं) के खिलाफ यूक्रेन के बचाव में अमेरिकी खुफिया जानकारी, हथियारों और सैटेलाइट संचार ने अहम भूमिका निभाई है।