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Iraq Protest: प्रदर्शनकारियों ने ईराक की संसद पर बोला धावा, तोड़फोड़ कर लहराए झंडे
Thu, 28 Jul 2022 01:43 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 28 Jul 2022 01:43 AM IST
सार
अधिकांश प्रदर्शनकारी प्रभावशाली शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सदर (muqtada al-sadr) के अनुयायी थे। प्रदर्शनकारी ससंद में लगी मेजों पर चलते हुए, सांसदों की कुर्सियों पर बैठे और इराकी झंडे लहराते देखे गए।
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ईराक की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
ईराक (Iraq) में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने बगदाद स्थित संसद पर धावा बोल दिया। मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में संसद परिसर में घुस गए और वहां तोड़फोड़ भी की। प्रदर्शनकारी पूर्व मंत्री और पूर्व प्रांतीय गवर्नर मोहम्मद शिया अल-सुदानी (Mohammed Shia Al-Sudani) की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं, जो ईरान समर्थित हैं। बता दें कि अक्तूबर 2021 में इराक में चुनाव हुए थे, इसके बाद यह बड़ा प्रदर्शन है।
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शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सदर के अनुयायी हैं प्रदर्शनकारी
बताया जा रहा है कि अधिकांश प्रदर्शनकारी प्रभावशाली शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सदर (muqtada al-sadr) के अनुयायी थे। प्रदर्शनकारी ससंद में लगी मेजों पर चलते हुए, सांसदों की कुर्सियों पर बैठे और इराकी झंडे लहराते देखे गए। हालांकि संसद में कोई विधायक, सांसद मौजूद नहीं था। इमारत के अंदर केवल सुरक्षाकर्मी थे जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को आसानी से अंदर जाने की अनुमित दे दी। कार्यवाहक प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी (Mustafa Al-Kadhimi) ने प्रदर्शनकारियों से शांत और संयम बरतने और तुरंत क्षेत्र से हटने का आह्वान किया।
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चुनाव के बाद सबसे बड़ा विरोध
अक्तूबर में संघीय चुनाव होने के बाद से यह सबसे बड़ा विरोध माना जा रहा है, और दूसरी बार शिया धर्मगुरु अल-सदर ने इस महीने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को संदेश देने के लिए जनता को जुटाने की अपनी क्षमता का इस्तेमाल किया है। वहीं इससे पहले भी अल सदर ने सरकार के खिलाफ भीड़ जुटाई थी।
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अल-सदर के बयान के बाद संसद से निकले प्रदर्शनकारी
वहीं अपने अपने अनुयायियों के संसद पर कब्जा करने के कुछ घंटों बाद प्रभावशाली शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सदर ने ट्विटर पर एक बयान जारी किया उन्होंने लोगों से घरों में सुरक्षित लौटने के लिए कहा, वहीं संकेत दिया कि धरना आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं बयान के कुछ ही समय बाद, प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों की निगरानी में संसद भवन से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए।
सरकारी दफ्तरों में भी घुसे प्रदर्शनकारी
इससे पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने का प्रयास किया था, साथ ही वाटर कैनन और अन्य रुकावटों का इस्तेमाल किया लेकिन कई सारे लोग इन सारी बाधाओं को पार करने में कामयाब हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक, कई अन्य सरकारी दफ्तरों में भी प्रदर्शनकारी घुस गए हैं और अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।